जना से लेकर गौतम बंसल तक…, अभिषेक बनर्जी के इन 5 किरदारों से इम्प्रेस हुए फैन्स, एक से बढ़कर एक हैं रोल
Abhishek Banerjee Top Roles: अभिषेक बनर्जी आज के समय में बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार बन चुके हैं। उन्होंने अपने करियर में काफी शानदार फिल्में भी दी हैं। अपनी अदाकारी के चलते ही आज वो इस मुकाम तक पहुँच पाए हैं। ओटीटी से लेकर बॉलीवुड तक उन्होंने अपनी धाक जमाई है। कभी स्त्री के जना तो कभी पाताल लोक के हथौड़ा त्यागी अपने हर एक किरदार से उन्होंने फैन्स को इम्प्रेस किया है।
आज अभिषेक बनर्जी का जन्मदिन है तो इस मौके पर आज हम आपको उनके ऐसे 5 यादगार किरदारों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने एक्टर को एक ख़ास पहचान दिलाई। तो चलिए शुरू करते हैं।
पाताल लोक में बने हथौड़ा त्यागी
पाताल लोक में अभिषेक ने हथौड़ा त्यागी का किरदार निभाया. जो काफी ज्यादा खतरनाक था। इस किरदार से एक्टर ने दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ दी थी। उनके डायलॉग्स से लेकर एक्सप्रेशन तक का हर कोई दीवाना हो गया।
मिर्ज़ापुर में बने कंपाउंडर
अभिषेक ने मिर्ज़ापुर में कंपाउंडर का किरदार निभाया था, जो बहुत छोटा था फिर भी बेहद असरदार था। अखंडानंद त्रिपाठी के भरोसेमंद आदमी के तौर पर अभिषेक का किरदार बहुत ही ज्यादा जबरदस्त था। इस रोल में वो भले ही कम बोलते नजर आए, लेकिन स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी ही सब कुछ है अब एक बार फिर से वो मिर्ज़ापुर: द मूवी में नजर आने वाले हैं।
स्त्री में बने थे जना
अभिषेक बनर्जी ने हॉरर कॉमेडी फिल्म स्त्री में भी जना का किरदार निभाया, जो दर्शकों को काफी पसंद भी आया था। उनकी कॉमेडी टाइमिंग भी काफी शानदार थी।
स्टोलन में बने थे गौतम बंसल
स्टोलन में गौतम बंसल के किरदार में अभिषेक बनर्जी का एक अलग ही रूप देखने को मिला। उनका किरदार एक बच्चे के किडनैपिंग केस में उलझा हुआ नजर आता है। इसमें एक्टर काफी इमोशनल और सीरियस अंदाज़ में नजर आए थे।
वेदा में बने थे जितेंद्र प्रताप सिंह
वेदा में जितेंद्र प्रताप सिंह के किरदार में भी अभिषेक ने अपने अंदाज़ से फैन्स को हैरान कर दिया था। इस रोल में वो गांव के मुखिया के रोल में नजर आए थे, जो काफी सख्त और दबंग इंसान का था।
Abhishek Banerjee Top Roles: अभिषेक बनर्जी आज के समय में बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार बन चुके हैं। उन्होंने अपने करियर में काफी शानदार फिल्में भी दी हैं। अपनी अदाकारी के चलते ही आज वो इस मुकाम तक पहुँच पाए हैं। ओटीटी से लेकर बॉलीवुड तक उन्होंने अपनी धाक जमाई है। कभी स्त्री के जना तो कभी पाताल लोक के हथौड़ा त्यागी अपने हर एक किरदार से उन्होंने फैन्स को इम्प्रेस किया है।
आज अभिषेक बनर्जी का जन्मदिन है तो इस मौके पर आज हम आपको उनके ऐसे 5 यादगार किरदारों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने एक्टर को एक ख़ास पहचान दिलाई। तो चलिए शुरू करते हैं।
पाताल लोक में बने हथौड़ा त्यागी
पाताल लोक में अभिषेक ने हथौड़ा त्यागी का किरदार निभाया. जो काफी ज्यादा खतरनाक था। इस किरदार से एक्टर ने दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ दी थी। उनके डायलॉग्स से लेकर एक्सप्रेशन तक का हर कोई दीवाना हो गया।
मिर्ज़ापुर में बने कंपाउंडर
अभिषेक ने मिर्ज़ापुर में कंपाउंडर का किरदार निभाया था, जो बहुत छोटा था फिर भी बेहद असरदार था। अखंडानंद त्रिपाठी के भरोसेमंद आदमी के तौर पर अभिषेक का किरदार बहुत ही ज्यादा जबरदस्त था। इस रोल में वो भले ही कम बोलते नजर आए, लेकिन स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी ही सब कुछ है अब एक बार फिर से वो मिर्ज़ापुर: द मूवी में नजर आने वाले हैं।
स्त्री में बने थे जना
अभिषेक बनर्जी ने हॉरर कॉमेडी फिल्म स्त्री में भी जना का किरदार निभाया, जो दर्शकों को काफी पसंद भी आया था। उनकी कॉमेडी टाइमिंग भी काफी शानदार थी।
स्टोलन में बने थे गौतम बंसल
स्टोलन में गौतम बंसल के किरदार में अभिषेक बनर्जी का एक अलग ही रूप देखने को मिला। उनका किरदार एक बच्चे के किडनैपिंग केस में उलझा हुआ नजर आता है। इसमें एक्टर काफी इमोशनल और सीरियस अंदाज़ में नजर आए थे।
वेदा में बने थे जितेंद्र प्रताप सिंह
वेदा में जितेंद्र प्रताप सिंह के किरदार में भी अभिषेक ने अपने अंदाज़ से फैन्स को हैरान कर दिया था। इस रोल में वो गांव के मुखिया के रोल में नजर आए थे, जो काफी सख्त और दबंग इंसान का था।
इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।
खबरों के अनुसार, हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने खुलासा किया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 लाख रुपए का ऑफर मिला था। उन्होंने इस पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें कॅरियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।
मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।
इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।
खबरों के अनुसार, हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने खुलासा किया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 लाख रुपए का ऑफर मिला था। उन्होंने इस पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें कॅरियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।
मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।
Bollywood actress, Manvi Gagroo, revelation, casting couch, Hindi news">कास्टिंग काउच को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री Manvi Gagroo ने किया चौंकाने वाला खुलासा
इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।
खबरों के अनुसार, हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने खुलासा किया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 लाख रुपए का ऑफर मिला था। उन्होंने इस पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें कॅरियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।
मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।
अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”
रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।
जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।
बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।
कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।
अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”
रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma
अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”
रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।
जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।
बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।
कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।
अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”
रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma
">Reliance Industries बनाएगी 2 लाख ग्रीन जॉब्स, अनंत अंबानी का ऐलान, रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर
रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।
अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”
रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।
जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।
बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।
कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।
अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”
रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma
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