बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए हृदय विदारक क्रूज हादसे की जांच जारी है। शनिवार को तीसरे दिन भी प्रशासनिक जांच टीम ने क्रूज हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों …और पढ़ें
HighLights
- जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक 67 बयान दर्ज
- सुरक्षा में चूक और लापरवाही की बात आई सामने
- पुलिस कर रही है जांच रिपोर्ट का इंतजार
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए हृदय विदारक क्रूज हादसे की जांच जारी है। शनिवार को तीसरे दिन भी प्रशासनिक जांच टीम ने क्रूज हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। बयान की वीडियोग्राफी कराई जा रही है।
पूछताछ में सुरक्षा में कमी और बचाव कार्य में देरी सामने आई। पूछताछ के दौरान जांच टीम में शामिल अधिकारी तो खुलकर कुछ नहीं कह रहे, परंतु प्रत्यक्षदर्शियों से अब तक जो बयान लिए गए, उससे स्पष्ट हो गया है कि 13 पर्यटकों की मौत का मुख्य कारण सुरक्षा व्यवस्था में चूक और जिम्मेदारों की लापरवाही रही है।
67 लोगों के बयान, फिर भी नतीजे से दूर टीम
उक्त हादसे में अब तक 67 लोगों के बयान हो चुके हैं। जिसमें हादसे में मृत पर्यटकों के स्वजन, क्रूज में सवार पर्यटक, मैकल रिसॉर्ट के अधिकारी, कर्मचारी सहित बचाव दल में शामिल जल मिशन के कार्य में लगे मजदूर भी शामिल हैं। फिर भी जांच कर रही टीम अभी तक किसी नतीजे तक नहीं पहुँच सकी है। प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम अभिषेक सिंह और तहसीलदार पूर्णिमा सहित जांच टीम में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है।
बयान और वीडियोग्राफी सहित पूरी जानकारी हर दिन उच्चाधिकारियों को सौंपी जा रही है। इसके आधार पर आगामी जांच की रणनीति बनाई जा रही है। मसलन, अब तक लिए गए बयान में यदि कोई बिंदु छूट रहा है और उसका भी कोई प्रत्यक्षदर्शी है, तो जांच उसी विभाग, कर्मचारी व पर्यटकों पर केंद्रित की जा रही है।
पुलिस कर रही जांच रिपोर्ट का इंतजार
इधर, मामले में पुलिस की जांच सुस्त पड़ी है। जिला अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दोषियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। परंतु पुलिस का तर्क है कि विभाग से प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस कार्रवाई करती है। क्रूज मामले में उच्चस्तरीय जांच समिति जांच कर रही है। पुलिस उसी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर
हादसे को लेकर मप्र हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। जबलपुर की सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी ने याचिका में राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन व मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को मामले में दोषी बताते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (SIT) का गठन करने की मांग की है। भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार राठी ने भी हादसे को लेकर जनहित याचिका दायर की है। याचिकाओं पर अगले सप्ताह सुनवाई संभव है।
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