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डीएवीवी में स्वर्ण-रजत पदक के लिए बाजार मूल्यों के आधार पर दानदाताओं से लगेंगे राशि

डीएवीवी में स्वर्ण-रजत पदक के लिए बाजार मूल्यों के आधार पर दानदाताओं से लगेंगे राशि

दीक्षा समारोह में दिए जाने वाले स्वर्ण व रजत पदक निर्माण लागत बढ़ने के कारण दानदाताओं से ली जाने वाली राशि में वृद्धि की है। सदस्यों ने राशि बढ़ाने का …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 30 May 2026 09:32:06 AM (IST)Updated Date: Sat, 30 May 2026 09:32:06 AM (IST)

दीक्षांत समारोह में पदक देते अतिथि। (एआई जनरेट)

HighLights

  1. कार्यपरिषद में लिया फैसला, पहले से स्थापित पदकों को लेकर वसूलेंगे अतिरिक्त राशि
  2. बैठक में सदस्यों ने राशि बढ़ाने का प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है
  3. बाजार मूल्यों को देखकर दानदातों से पदक की राशि जमा करवाई जाएगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में रोजाना उतरा-चढ़ाव का असर अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय पर भी पड़ने लगा है।

शुक्रवार को कार्यपरिषद की बैठक में दीक्षा समारोह में दिए जाने वाले स्वर्ण और रजत पदक निर्माण लागत बढ़ने के कारण दानदाताओं से ली जाने वाली राशि में वृद्धि की गई है। बकायदा बैठक में सदस्यों ने राशि बढ़ाने का प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। सदस्यों के मुताबिक बाजार मूल्यों को देखकर दानदातों से पदक की राशि जमा करवाई जाएगी। यहां तक कि पहले से स्थापित हुए स्वर्ण व रजत पदक के लिए दानदाताओं से अतिरिक्त राशि वसूलेंगे।

बैठक में जैन शोध पीठ के लिए केंद्र सरकार से अनुदान मिला है। इसके भवन बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। बकायदा भवन के लिए आइईटी परिसर में जगह सुनिश्चित की गई है। भवन का निर्माण पुलिस हाउंसिंग बोर्ड से करवाया जाएगा। बोर्ड और डीएवीवी के बीच अनुबंध किया जाएगा।

सदस्यों ने दी सहमति

सदस्यों ने इसके लिए भी सहमति दी। विश्वविद्यालय के विभागों में बढ़ती विद्यार्थियों की संख्या और कक्षाओं की कमी बनी है। इसे देखते हुए क्लास रूम्स काम्पलेक्स (सीआरसी) के लिए नए भवन और स्थान के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई।साथ ही भवन के लिए जगह भी निर्धारित की गई है।वहीं स्कूल आफ कम्प्यूटर साइंस एवं आईटी के विभागीय पुस्तकालय का नाम पूर्व विभागाध्यक्ष “डा राजकमल नालेज सेंटर” रखने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं में आमंत्रित किए जाने वाले विषय विशेषज्ञों के मानदेय में भी वृद्धि की गई।

भरवाएंगे संकल्प पत्र

बैठक में विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में युवक रेडक्रास की गतिविधियों को नियमित और प्रभावी बनाने के लिए शुल्क निर्धारण का निर्णय लिया गया। साथ ही विश्वविद्यालय में हुई अप्रिय घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। विश्वविद्यालय की गरिमा, अनुशासन, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सदस्य डा एके द्विवेदी ने आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश के समय प्रत्येक विद्यार्थी और उसके अभिभावक से “देवी अहिल्या विद्यार्थी संकल्प पत्र” भरवाने का प्रस्ताव रखा। इसमें विद्यार्थी अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और डिजिटल तकनीक के सही उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताएंगे।

निजी अस्पतालों से होगा इलाज

विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पांच प्रमुख निजी अस्पतालों से अनुबंध किया जाएगा। इसके तहत अब विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को सीजीएचएस की दरों पर ओपीडी और जांच संबंधी चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यपरिषद् ने विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया, जिसमें नौकरी पर रहते हुए पाठ्यक्रमों में तीन वर्ष के अंतराल की शर्त खत्म कर दी। ये अब प्राइवेट अभ्यर्थी के रूप में लगातार दो पाठ्यक्रम कर सकेंगे। इससे कर्मचारी अपनी शैक्षणिक योग्यता को और बेहतर बना सकेंगे।

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