ओल्ड डेलियंस का आरोप है कि संविधान में संशोधन किए बिना चुनाव प्रक्रिया को 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। …और पढ़ें
HighLights
- 2020 के चुनाव में 90 दिन की थी प्रक्रिया, इस बार संविधान में बदलाव बिना 30 दिन में ही पूरा शेड्यूल
- पुराने नियम में 90 दिन पहले सूचना, 60 दिन पहले नामांकन फॉर्म, 45 दिन पहले बाहर के मतदाताओं को मतपत्र
- विवाद के बीच प्रत्याशियों ने शुरू किया प्रचार, फोन कर वोट मांग रहे; ओल्ड डेलियंस बोले- निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। डेली कॉलेज में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद थमते हुए नजर नहीं आ रहा है। चुनाव का शेड्यूल जारी होने के बाद भी आपत्ति सामने आ रही है। ओल्ड डेलियंस का आरोप है कि संविधान में कोई संशोधन नहीं हुआ, उसके बावजूद 30 दिन की चुनाव प्रक्रिया कर दी गई है। जबकि इससे पहले वर्ष 2020 में हुए चुनाव में 90 दिन की प्रक्रिया थी।
इस संबंध में ओल्ड डेलियंस ने कलेक्टर शिवम वर्मा और चुनाव अधिकारी रिटायर्ड जज सुशील गुप्ता को भी शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई इस मामले में नहीं हुई है। वहीं प्रक्रिया में बदले नियमों के खिलाफ अब ओल्ड डेलियंस कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रहे हैं। इनका मानना है कि इस प्रक्रिया से निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे।
पिछले चुनाव में यह थे नियम
ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि पिछले वर्ष के चुनाव में यह नियम थे कि सदस्यों के चुनाव से कम से कम 90 दिन पहले सचिव अपने पास उपलब्ध नवीनतम पतों का उपयोग करके सदस्यों को चुनाव कार्यक्रम के बारे में सूचित करेंगे, ताकि उन्हें इस सूची में किसी भी त्रुटि के बारे में सूचित करने का अवसर मिल सके।
इसके अलावा चुनाव से कम से कम 60 दिन पहले नामांकन प्रपत्र सभी मतदाताओं को वितरित किए जाएंगे। चुनाव से कम से कम 45 दिन पहले सचिव इंदौर नगर पालिका सीमा के बाहर रहने वाले मतदाताओं को मतपत्र भेजेगा। मतदाता मतपत्रों पर अपने मत प्राप्त उम्मीदवारों के नाम अंकित कर सकते हैं और सूची सचिव को वापस कर सकते हैं, लेकिन इस बार यह पूरी प्रक्रिया 30 दिन की ही कर दी गई है।
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