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पावर बैंक क्यों फटते हैं? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजहें और बचाव के आसान तरीके
	
		
			
	
	आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और वायरलेस गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पावर बैंक हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। यात्रा हो, ऑफिस हो या घर से बाहर लंबा समय बिताना हो, पावर बैंक लोगों को मोबाइल चार्ज रखने में मदद करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पावर बैंक फटने या उनमें आग लगने की घटनाएं भी तेजी से सामने आई हैं।
	
	ऐसे हादसे न केवल महंगे गैजेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर पावर बैंक क्यों फटते हैं और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए। क्या फ्लाइट में पावर बैंक ले जाना सुरक्षित है?

	 

	एयरलाइंस पावर बैंक को लेकर सख्त नियम अपनाती हैं। आमतौर पर पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। इसे हमेशा हैंड बैगेज में रखना चाहिए ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
	
	
		सही चार्जर का इस्तेमाल करें
	
		
			हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए या प्रमाणित चार्जर और केबल का उपयोग करें।
		
			चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल कम करें
		
			चार्जिंग के समय पावर बैंक को ज्यादा दबाव वाले कामों में इस्तेमाल न करें।
		
			कौन-से संकेत खतरे की चेतावनी देते हैं?
		
			पावर बैंक का जरूरत से ज्यादा गर्म होना
		
			बैटरी का फूलना
		
			चार्जिंग बहुत धीमी या बहुत तेज होना
		
			जलने जैसी बदबू आना
		
			स्पार्क या धुआं निकलना
	
	
		 
	
		इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।


	 

	पावर बैंक फटने की मुख्य वजहें

	1. खराब क्वालिटी की बैटरी

	 

	कई सस्ते और लोकल पावर बैंक कम गुणवत्ता वाली लिथियम-आयन बैटरियों के साथ आते हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

	2. ओवरचार्जिंग

	 

	कई लोग पावर बैंक को पूरी रात चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं। लगातार चार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है और अंदर के सेल्स पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट की संभावना बन जाती है।

	3. अधिक गर्मी

	 

	पावर बैंक को धूप, बंद कार या गर्म जगह पर रखने से उसका तापमान तेजी से बढ़ जाता है। लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पातीं और उनमें आग लग सकती है।

	4. फिजिकल डैमेज

	 

	अगर पावर बैंक गिर जाए, दब जाए या उसमें किसी तरह की टूट-फूट हो जाए तो उसके अंदर की बैटरी सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यह बाद में विस्फोट का कारण बन सकती हैं।

	5. नकली या गलत चार्जर का इस्तेमाल

	लोकल चार्जर या गलत वोल्टेज वाले एडॉप्टर से चार्ज करने पर पावर बैंक के सर्किट पर असर पड़ता है। इससे बैटरी खराब हो सकती है और खतरा बढ़ जाता है।

	6. लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल

	एक साथ कई डिवाइस चार्ज करना या पावर बैंक का लगातार उपयोग भी उसे अत्यधिक गर्म कर सकता है।

	
		
			
	


	पावर बैंक फटने से कैसे बचें?

	
		हमेशा ब्रांडेड पावर बैंक खरीदें या अन्य भरोसेमंद कंपनियों के पावर बैंक खरीदना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
	
		ओवरचार्जिंग से बचें
	
		पावर बैंक को चार्ज होने के बाद तुरंत प्लग से हटा दें। लंबे समय तक चार्जिंग पर न छोड़ें।
	
		गर्म जगह पर न रखें
	
		धूप, कार के डैशबोर्ड या तकिए के नीचे पावर बैंक रखने से बचें। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
	
		डैमेज होने पर तुरंत बदलें
	
		अगर पावर बैंक फूलने लगे, बहुत ज्यादा गर्म हो या उससे जलने जैसी गंध आए तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।  Edited by : Sudhir Sharma

पावर बैंक क्यों फटते हैं? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजहें और बचाव के आसान तरीके

पावर बैंक क्यों फटते हैं? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजहें और बचाव के आसान तरीके
	
		
			
	
	आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और वायरलेस गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पावर बैंक हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। यात्रा हो, ऑफिस हो या घर से बाहर लंबा समय बिताना हो, पावर बैंक लोगों को मोबाइल चार्ज रखने में मदद करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पावर बैंक फटने या उनमें आग लगने की घटनाएं भी तेजी से सामने आई हैं।
	
	ऐसे हादसे न केवल महंगे गैजेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर पावर बैंक क्यों फटते हैं और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए। क्या फ्लाइट में पावर बैंक ले जाना सुरक्षित है?

	 

	एयरलाइंस पावर बैंक को लेकर सख्त नियम अपनाती हैं। आमतौर पर पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। इसे हमेशा हैंड बैगेज में रखना चाहिए ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
	
	
		सही चार्जर का इस्तेमाल करें
	
		
			हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए या प्रमाणित चार्जर और केबल का उपयोग करें।
		
			चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल कम करें
		
			चार्जिंग के समय पावर बैंक को ज्यादा दबाव वाले कामों में इस्तेमाल न करें।
		
			कौन-से संकेत खतरे की चेतावनी देते हैं?
		
			पावर बैंक का जरूरत से ज्यादा गर्म होना
		
			बैटरी का फूलना
		
			चार्जिंग बहुत धीमी या बहुत तेज होना
		
			जलने जैसी बदबू आना
		
			स्पार्क या धुआं निकलना
	
	
		 
	
		इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।


	 

	पावर बैंक फटने की मुख्य वजहें

	1. खराब क्वालिटी की बैटरी

	 

	कई सस्ते और लोकल पावर बैंक कम गुणवत्ता वाली लिथियम-आयन बैटरियों के साथ आते हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

	2. ओवरचार्जिंग

	 

	कई लोग पावर बैंक को पूरी रात चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं। लगातार चार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है और अंदर के सेल्स पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट की संभावना बन जाती है।

	3. अधिक गर्मी

	 

	पावर बैंक को धूप, बंद कार या गर्म जगह पर रखने से उसका तापमान तेजी से बढ़ जाता है। लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पातीं और उनमें आग लग सकती है।

	4. फिजिकल डैमेज

	 

	अगर पावर बैंक गिर जाए, दब जाए या उसमें किसी तरह की टूट-फूट हो जाए तो उसके अंदर की बैटरी सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यह बाद में विस्फोट का कारण बन सकती हैं।

	5. नकली या गलत चार्जर का इस्तेमाल

	लोकल चार्जर या गलत वोल्टेज वाले एडॉप्टर से चार्ज करने पर पावर बैंक के सर्किट पर असर पड़ता है। इससे बैटरी खराब हो सकती है और खतरा बढ़ जाता है।

	6. लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल

	एक साथ कई डिवाइस चार्ज करना या पावर बैंक का लगातार उपयोग भी उसे अत्यधिक गर्म कर सकता है।

	
		
			
	


	पावर बैंक फटने से कैसे बचें?

	
		हमेशा ब्रांडेड पावर बैंक खरीदें या अन्य भरोसेमंद कंपनियों के पावर बैंक खरीदना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
	
		ओवरचार्जिंग से बचें
	
		पावर बैंक को चार्ज होने के बाद तुरंत प्लग से हटा दें। लंबे समय तक चार्जिंग पर न छोड़ें।
	
		गर्म जगह पर न रखें
	
		धूप, कार के डैशबोर्ड या तकिए के नीचे पावर बैंक रखने से बचें। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
	
		डैमेज होने पर तुरंत बदलें
	
		अगर पावर बैंक फूलने लगे, बहुत ज्यादा गर्म हो या उससे जलने जैसी गंध आए तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।  Edited by : Sudhir Sharma

आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और वायरलेस गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पावर बैंक हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। यात्रा हो, ऑफिस हो या घर से बाहर लंबा समय बिताना हो, पावर बैंक लोगों को मोबाइल चार्ज रखने में मदद करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पावर बैंक फटने या उनमें आग लगने की घटनाएं भी तेजी से सामने आई हैं।

ऐसे हादसे न केवल महंगे गैजेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर पावर बैंक क्यों फटते हैं और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए। क्या फ्लाइट में पावर बैंक ले जाना सुरक्षित है?

 

एयरलाइंस पावर बैंक को लेकर सख्त नियम अपनाती हैं। आमतौर पर पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। इसे हमेशा हैंड बैगेज में रखना चाहिए ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

सही चार्जर का इस्तेमाल करें

  • हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए या प्रमाणित चार्जर और केबल का उपयोग करें।
  • चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल कम करें
  • चार्जिंग के समय पावर बैंक को ज्यादा दबाव वाले कामों में इस्तेमाल न करें।
  • कौन-से संकेत खतरे की चेतावनी देते हैं?
  • पावर बैंक का जरूरत से ज्यादा गर्म होना
  • बैटरी का फूलना
  • चार्जिंग बहुत धीमी या बहुत तेज होना
  • जलने जैसी बदबू आना
  • स्पार्क या धुआं निकलना

 

इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

 

पावर बैंक फटने की मुख्य वजहें

1. खराब क्वालिटी की बैटरी

 

कई सस्ते और लोकल पावर बैंक कम गुणवत्ता वाली लिथियम-आयन बैटरियों के साथ आते हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

2. ओवरचार्जिंग

 

कई लोग पावर बैंक को पूरी रात चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं। लगातार चार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है और अंदर के सेल्स पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट की संभावना बन जाती है।

3. अधिक गर्मी

 

पावर बैंक को धूप, बंद कार या गर्म जगह पर रखने से उसका तापमान तेजी से बढ़ जाता है। लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पातीं और उनमें आग लग सकती है।

4. फिजिकल डैमेज

 

अगर पावर बैंक गिर जाए, दब जाए या उसमें किसी तरह की टूट-फूट हो जाए तो उसके अंदर की बैटरी सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यह बाद में विस्फोट का कारण बन सकती हैं।

5. नकली या गलत चार्जर का इस्तेमाल

लोकल चार्जर या गलत वोल्टेज वाले एडॉप्टर से चार्ज करने पर पावर बैंक के सर्किट पर असर पड़ता है। इससे बैटरी खराब हो सकती है और खतरा बढ़ जाता है।

6. लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल

एक साथ कई डिवाइस चार्ज करना या पावर बैंक का लगातार उपयोग भी उसे अत्यधिक गर्म कर सकता है।

पावर बैंक फटने से कैसे बचें?

  • हमेशा ब्रांडेड पावर बैंक खरीदें या अन्य भरोसेमंद कंपनियों के पावर बैंक खरीदना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
  • ओवरचार्जिंग से बचें
  • पावर बैंक को चार्ज होने के बाद तुरंत प्लग से हटा दें। लंबे समय तक चार्जिंग पर न छोड़ें।
  • गर्म जगह पर न रखें
  • धूप, कार के डैशबोर्ड या तकिए के नीचे पावर बैंक रखने से बचें। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • डैमेज होने पर तुरंत बदलें
  • अगर पावर बैंक फूलने लगे, बहुत ज्यादा गर्म हो या उससे जलने जैसी गंध आए तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।  Edited by : Sudhir Sharma

आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और वायरलेस गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पावर बैंक हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। यात्रा हो, ऑफिस हो या घर से बाहर लंबा समय बिताना हो, पावर बैंक लोगों को मोबाइल चार्ज रखने में मदद करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पावर बैंक फटने या उनमें आग लगने की घटनाएं भी तेजी से सामने आई हैं।
ऐसे हादसे न केवल महंगे गैजेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर पावर बैंक क्यों फटते हैं और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए। क्या फ्लाइट में पावर बैंक ले जाना सुरक्षित है?

 

एयरलाइंस पावर बैंक को लेकर सख्त नियम अपनाती हैं। आमतौर पर पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। इसे हमेशा हैंड बैगेज में रखना चाहिए ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

सही चार्जर का इस्तेमाल करें

  • हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए या प्रमाणित चार्जर और केबल का उपयोग करें।
  • चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल कम करें
  • चार्जिंग के समय पावर बैंक को ज्यादा दबाव वाले कामों में इस्तेमाल न करें।
  • कौन-से संकेत खतरे की चेतावनी देते हैं?
  • पावर बैंक का जरूरत से ज्यादा गर्म होना
  • बैटरी का फूलना
  • चार्जिंग बहुत धीमी या बहुत तेज होना
  • जलने जैसी बदबू आना
  • स्पार्क या धुआं निकलना

 

इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

 

पावर बैंक फटने की मुख्य वजहें

1. खराब क्वालिटी की बैटरी

 

कई सस्ते और लोकल पावर बैंक कम गुणवत्ता वाली लिथियम-आयन बैटरियों के साथ आते हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

2. ओवरचार्जिंग

 

कई लोग पावर बैंक को पूरी रात चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं। लगातार चार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है और अंदर के सेल्स पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट की संभावना बन जाती है।

3. अधिक गर्मी

 

पावर बैंक को धूप, बंद कार या गर्म जगह पर रखने से उसका तापमान तेजी से बढ़ जाता है। लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पातीं और उनमें आग लग सकती है।

4. फिजिकल डैमेज

 

अगर पावर बैंक गिर जाए, दब जाए या उसमें किसी तरह की टूट-फूट हो जाए तो उसके अंदर की बैटरी सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यह बाद में विस्फोट का कारण बन सकती हैं।

5. नकली या गलत चार्जर का इस्तेमाल

लोकल चार्जर या गलत वोल्टेज वाले एडॉप्टर से चार्ज करने पर पावर बैंक के सर्किट पर असर पड़ता है। इससे बैटरी खराब हो सकती है और खतरा बढ़ जाता है।

6. लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल

एक साथ कई डिवाइस चार्ज करना या पावर बैंक का लगातार उपयोग भी उसे अत्यधिक गर्म कर सकता है।

पावर बैंक फटने से कैसे बचें?

  • हमेशा ब्रांडेड पावर बैंक खरीदें या अन्य भरोसेमंद कंपनियों के पावर बैंक खरीदना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
  • ओवरचार्जिंग से बचें
  • पावर बैंक को चार्ज होने के बाद तुरंत प्लग से हटा दें। लंबे समय तक चार्जिंग पर न छोड़ें।
  • गर्म जगह पर न रखें
  • धूप, कार के डैशबोर्ड या तकिए के नीचे पावर बैंक रखने से बचें। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • डैमेज होने पर तुरंत बदलें
  • अगर पावर बैंक फूलने लगे, बहुत ज्यादा गर्म हो या उससे जलने जैसी गंध आए तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।  Edited by : Sudhir Sharma

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इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।

खबरों के अनुसार, हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने खुलासा किया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 लाख रुपए का ऑफर मिला था। उन्होंने इस पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें कॅरियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।

मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।

PC:aajtak

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Bollywood actress, Manvi Gagroo, revelation, casting couch, Hindi news">कास्टिंग काउच को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री Manvi Gagroo ने किया चौंकाने वाला खुलासा   इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।

खबरों के अनुसार, हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने खुलासा किया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 लाख रुपए का ऑफर मिला था। उन्होंने इस पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें कॅरियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।

मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।

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कास्टिंग काउच को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री Manvi Gagroo ने किया चौंकाने वाला खुलासा   इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।

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मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।

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इंटरनेट डेस्क। पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री मानवी गागरू ने अब कास्टिंग काउच को लेकर बड़ी बात बोली है।

खबरों के अनुसार, हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने खुलासा किया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 लाख रुपए का ऑफर मिला था। उन्होंने इस पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें कॅरियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।

मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। इस मैसेज को एक कास्टिंग डायरेक्टर को दिखाने के बाद उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या जीएसटी जैसा कुछ होगा। मानवी गागरू ने बताया कि ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।

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Reliance Industries बनाएगी 2 लाख ग्रीन जॉब्स, अनंत अंबानी का ऐलान, रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर
	
		
			
	
	रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

	
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	अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

	
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	रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

	
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	जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।

	 

	बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

	 

	कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

	
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	अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

	 

	रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

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अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

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रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

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जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।

 

बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

 

कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

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अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

 

रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

">Reliance Industries बनाएगी 2 लाख ग्रीन जॉब्स, अनंत अंबानी का ऐलान, रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर
	
		
			
	
	रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

	
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	अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

	
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	रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

	
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	बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

	 

	कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

	
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	अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

	 

	रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

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बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

 

कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

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अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

 

रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

">Reliance Industries बनाएगी 2 लाख ग्रीन जॉब्स, अनंत अंबानी का ऐलान, रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर

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	रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

	
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	अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

	
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	रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

	
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	जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।

	 

	बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

	 

	कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

	
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	अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

	 

	रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

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अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

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रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

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जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।

 

बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

 

कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

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अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

 

रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

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