वॉशिंगटन31 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया की फुटबॉल टीम की अमेरिका के एयरपोर्ट पर कड़ी जांच की गई।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। विवाद तब बढ़ा, जब सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया से जुड़े खिलाड़ियों व अधिकारियों की एयरपोर्ट पर कड़ी जांच की गई। कुछ मामलों में डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया।
इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

एयरपोर्ट पर सेनेगल की नेशनल टीम के खिलाड़ियों और अधिकारियों की चेकिंग करते नजर आई अमेरिकी सिक्योरिटी टीम।
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को वैध अमेरिकी वीजा होने के बावजूद मियामी एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। आर्टन वर्ल्ड कप में रेफरी की जिम्मेदारी निभाने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने वाले थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त जांच के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई। इस फैसले पर सोमालिया के खेल मंत्रालय ने नाराजगी जताई है और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया है।

नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच से पहले उज्बेकिस्तान टीम को अमेरिका में कड़ी सुरक्षा का सामना करना पड़ा। टीम की स्निफर डॉग्स से भी तलाशी ली गई।
फीफा पर भी सवाल
कई यूजर्स ने फीफा पर भी आरोप लगाया कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था उन देशों के खिलाड़ियों के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर चुप है।
सोशल मीडिया पर विवाद
जांच से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई फुटबॉल प्रशंसकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ “अपराधियों जैसा व्यवहार” किया गया, जबकि वे विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन में हिस्सा लेने आए थे।
कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवहार सभी टीमों के साथ समान था। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- क्या किसी श्वेत टीम के साथ भी ऐसा हुआ, या यह व्यवहार केवल सेनेगल के लिए था? यह अजीब है।

ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम मैक्सिको पहुंची, जहां वह वर्ल्ड कप के दौरान रुकेगी। हालांकि, टीम अपने सभी मैच अमेरिका में खेलेगी।
ईरान ने विश्व कप से पहले फीफा से टिकट का मुद्दा उठाया
ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने आरोप लगाया कि फीफा विश्व कप के लिए उसके लिए रिजर्व टिकटों का हिस्सा वापस ले लिया गया।इससे उन ईरानी प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने पहले ही यात्रा की बुकिंग कर ली थी, लेकिन अब वे अपनी टीम के मैच नहीं देख पाएंगे।
ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 जून को होगा। इसके बाद टीम 22 जून को बेल्जियम और 27 जून को इजिप्ट से भिड़ेगी। ईरानी महासंघ ने कहा- ईरानी समर्थकों को टिकट कोटे से वंचित करना खेल भावना और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।

#फटबल #वरलडकप #म #अमरक #पर #भदभव #क #आरपरनव #पर #खलडय #क #जच #डग #सकवड #बलय #रफर #क #वपस #भज #फन #बल #अपरधय #स #बरतव



Post Comment