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बीच परफॉर्मेंस बैकस्टेज जाकर दिया बच्चे को जन्म, पत्थर के नाल काटकर फिर स्टेज पर आकर किया डांस श्रद्धा कपूर बॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री है और इस समय वह अपनी आने वाली फिल्म ‘ईठा’ को लेकर काफी चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में उन्होंने महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मंग नारायणगांवकर का किरदार निभाया है। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज हुआ जिसके बाद में फंस की एक्साइटमेंट और ज्यादा बढ़ गई कि आखिरकार विठाबाई कौन है। जिन्होंने अपनी जिंदगी संघर्ष और कला को समर्पित कर दी।   कौन है विठाबाई? आज हम विठाबाई के बारे में आपको बताने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1935 में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में एक ऐसे परिवार में हुआ जहां पर तमाशा सिर्फ एक कला नहीं थी बल्कि जीवन का एक हिस्सा हुआ करता था।            विठाबाई के दादा नारायण खुडे ने तमाशा मंडली की स्थापना की थी। उनके पिता भाऊ बापू नारायणगांवकर ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और इसीलिए बचपन से ही विठाबाई भी मंच और लोक कला के माहौल में ही बड़ी हुई थी।       10 साल की उम्र से शुरू किया परफॉर्म करना बताया जाता है कि विठाबाई ने एक्टिंग की कोई भी ट्रेनिंग नहीं ली थी। बचपन से ही वह कल के प्रति काफी झुकाव रखती थी। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने लावणी, गवलन और भेदिक जैसे लोकगीतों और निर्दोषों को सीखना भी शुरू कर दिया था। जब उनकी पारिवारिक मंडली को आर्थिक तंगी और शोज न मिलने की समस्या होने लगी तो विठाबाई ने सिर्फ 10 साल की उम्र में ही स्टेज पर डांस करना शुरू कर दिया था।   मंच पर ही दिया बच्चे को जन्म विठाबाई की जिंदगी का सबसे मशहूर किस्सा यह था कि एक बार वह 9 महीने की गर्भवती होने के बावजूद भी मंच पर परफॉर्म कर रही थी। तभी उनको प्रसव पीड़ा होने लग गई थी। इसके बाद वह मंच के पीछे जाकर बच्चों को जन्म देकर कुछ देर बाद ही दोबारा मंच पर लौटने की तैयारी करने लग गई। हालांकि उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी और कार्यक्रम को रोक दिया गया था। यह घटना आज भी उनके कला समर्पण की सबसे बड़ी मिसाल कही जाती है।   [embed]https://www.youtube.com/watch?v=wP4IJ11n_as[/embed]  राज कपूर का ठुकराया था फ़िल्म ऑफर विठाबाई की पापुलैरिटी बढ़ाने के बाद में उन्हें कई सारी फिल्मों के ऑफर भी मिलने लग गए थे। कुछ मीडिया खबरों की माने तो उन्हें शोमैन राज कपूर की तरफ से फिल्म का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बजाय तमाशा को ही अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनका मानना था कि अगर वह तमाशा छोड़ देती है तो उनकी मंडली से जुड़े हुए कलाकारों और उनके परिवारों का सहारा पूरी तरीके से छिन जाएगा।

बीच परफॉर्मेंस बैकस्टेज जाकर दिया बच्चे को जन्म, पत्थर के नाल काटकर फिर स्टेज पर आकर किया डांस

श्रद्धा कपूर बॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री है और इस समय वह अपनी आने वाली फिल्म ‘ईठा’ को लेकर काफी चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में उन्होंने महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मंग नारायणगांवकर का किरदार निभाया है। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज हुआ जिसके बाद में फंस की एक्साइटमेंट और ज्यादा बढ़ गई कि आखिरकार विठाबाई कौन है। जिन्होंने अपनी जिंदगी संघर्ष और कला को समर्पित कर दी।

कौन है विठाबाई?

आज हम विठाबाई के बारे में आपको बताने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1935 में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में एक ऐसे परिवार में हुआ जहां पर तमाशा सिर्फ एक कला नहीं थी बल्कि जीवन का एक हिस्सा हुआ करता था।

बीच परफॉर्मेंस बैकस्टेज जाकर दिया बच्चे को जन्म, पत्थर के नाल काटकर फिर स्टेज पर आकर किया डांस श्रद्धा कपूर बॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री है और इस समय वह अपनी आने वाली फिल्म ‘ईठा’ को लेकर काफी चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में उन्होंने महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मंग नारायणगांवकर का किरदार निभाया है। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज हुआ जिसके बाद में फंस की एक्साइटमेंट और ज्यादा बढ़ गई कि आखिरकार विठाबाई कौन है। जिन्होंने अपनी जिंदगी संघर्ष और कला को समर्पित कर दी।   कौन है विठाबाई? आज हम विठाबाई के बारे में आपको बताने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1935 में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में एक ऐसे परिवार में हुआ जहां पर तमाशा सिर्फ एक कला नहीं थी बल्कि जीवन का एक हिस्सा हुआ करता था।            विठाबाई के दादा नारायण खुडे ने तमाशा मंडली की स्थापना की थी। उनके पिता भाऊ बापू नारायणगांवकर ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और इसीलिए बचपन से ही विठाबाई भी मंच और लोक कला के माहौल में ही बड़ी हुई थी।       10 साल की उम्र से शुरू किया परफॉर्म करना बताया जाता है कि विठाबाई ने एक्टिंग की कोई भी ट्रेनिंग नहीं ली थी। बचपन से ही वह कल के प्रति काफी झुकाव रखती थी। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने लावणी, गवलन और भेदिक जैसे लोकगीतों और निर्दोषों को सीखना भी शुरू कर दिया था। जब उनकी पारिवारिक मंडली को आर्थिक तंगी और शोज न मिलने की समस्या होने लगी तो विठाबाई ने सिर्फ 10 साल की उम्र में ही स्टेज पर डांस करना शुरू कर दिया था।   मंच पर ही दिया बच्चे को जन्म विठाबाई की जिंदगी का सबसे मशहूर किस्सा यह था कि एक बार वह 9 महीने की गर्भवती होने के बावजूद भी मंच पर परफॉर्म कर रही थी। तभी उनको प्रसव पीड़ा होने लग गई थी। इसके बाद वह मंच के पीछे जाकर बच्चों को जन्म देकर कुछ देर बाद ही दोबारा मंच पर लौटने की तैयारी करने लग गई। हालांकि उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी और कार्यक्रम को रोक दिया गया था। यह घटना आज भी उनके कला समर्पण की सबसे बड़ी मिसाल कही जाती है।   [embed]https://www.youtube.com/watch?v=wP4IJ11n_as[/embed]  राज कपूर का ठुकराया था फ़िल्म ऑफर विठाबाई की पापुलैरिटी बढ़ाने के बाद में उन्हें कई सारी फिल्मों के ऑफर भी मिलने लग गए थे। कुछ मीडिया खबरों की माने तो उन्हें शोमैन राज कपूर की तरफ से फिल्म का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बजाय तमाशा को ही अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनका मानना था कि अगर वह तमाशा छोड़ देती है तो उनकी मंडली से जुड़े हुए कलाकारों और उनके परिवारों का सहारा पूरी तरीके से छिन जाएगा।

विठाबाई के दादा नारायण खुडे ने तमाशा मंडली की स्थापना की थी। उनके पिता भाऊ बापू नारायणगांवकर ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और इसीलिए बचपन से ही विठाबाई भी मंच और लोक कला के माहौल में ही बड़ी हुई थी।

10 साल की उम्र से शुरू किया परफॉर्म करना

बताया जाता है कि विठाबाई ने एक्टिंग की कोई भी ट्रेनिंग नहीं ली थी। बचपन से ही वह कल के प्रति काफी झुकाव रखती थी। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने लावणी, गवलन और भेदिक जैसे लोकगीतों और निर्दोषों को सीखना भी शुरू कर दिया था। जब उनकी पारिवारिक मंडली को आर्थिक तंगी और शोज न मिलने की समस्या होने लगी तो विठाबाई ने सिर्फ 10 साल की उम्र में ही स्टेज पर डांस करना शुरू कर दिया था।

मंच पर ही दिया बच्चे को जन्म

विठाबाई की जिंदगी का सबसे मशहूर किस्सा यह था कि एक बार वह 9 महीने की गर्भवती होने के बावजूद भी मंच पर परफॉर्म कर रही थी। तभी उनको प्रसव पीड़ा होने लग गई थी। इसके बाद वह मंच के पीछे जाकर बच्चों को जन्म देकर कुछ देर बाद ही दोबारा मंच पर लौटने की तैयारी करने लग गई। हालांकि उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी और कार्यक्रम को रोक दिया गया था। यह घटना आज भी उनके कला समर्पण की सबसे बड़ी मिसाल कही जाती है।

[embed]https://www.youtube.com/watch?v=wP4IJ11n_as[/embed]

राज कपूर का ठुकराया था फ़िल्म ऑफर

विठाबाई की पापुलैरिटी बढ़ाने के बाद में उन्हें कई सारी फिल्मों के ऑफर भी मिलने लग गए थे। कुछ मीडिया खबरों की माने तो उन्हें शोमैन राज कपूर की तरफ से फिल्म का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बजाय तमाशा को ही अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनका मानना था कि अगर वह तमाशा छोड़ देती है तो उनकी मंडली से जुड़े हुए कलाकारों और उनके परिवारों का सहारा पूरी तरीके से छिन जाएगा।

श्रद्धा कपूर बॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री है और इस समय वह अपनी आने वाली फिल्म ‘ईठा’ को लेकर काफी चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में उन्होंने महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मंग नारायणगांवकर का किरदार निभाया है। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज हुआ जिसके बाद में फंस की एक्साइटमेंट और ज्यादा बढ़ गई कि आखिरकार विठाबाई कौन है। जिन्होंने अपनी जिंदगी संघर्ष और कला को समर्पित कर दी।

कौन है विठाबाई?

आज हम विठाबाई के बारे में आपको बताने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1935 में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में एक ऐसे परिवार में हुआ जहां पर तमाशा सिर्फ एक कला नहीं थी बल्कि जीवन का एक हिस्सा हुआ करता था।

विठाबाई के दादा नारायण खुडे ने तमाशा मंडली की स्थापना की थी। उनके पिता भाऊ बापू नारायणगांवकर ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया और इसीलिए बचपन से ही विठाबाई भी मंच और लोक कला के माहौल में ही बड़ी हुई थी।

Shraddha Kapoor

10 साल की उम्र से शुरू किया परफॉर्म करना

बताया जाता है कि विठाबाई ने एक्टिंग की कोई भी ट्रेनिंग नहीं ली थी। बचपन से ही वह कल के प्रति काफी झुकाव रखती थी। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने लावणी, गवलन और भेदिक जैसे लोकगीतों और निर्दोषों को सीखना भी शुरू कर दिया था। जब उनकी पारिवारिक मंडली को आर्थिक तंगी और शोज न मिलने की समस्या होने लगी तो विठाबाई ने सिर्फ 10 साल की उम्र में ही स्टेज पर डांस करना शुरू कर दिया था।

मंच पर ही दिया बच्चे को जन्म

विठाबाई की जिंदगी का सबसे मशहूर किस्सा यह था कि एक बार वह 9 महीने की गर्भवती होने के बावजूद भी मंच पर परफॉर्म कर रही थी। तभी उनको प्रसव पीड़ा होने लग गई थी। इसके बाद वह मंच के पीछे जाकर बच्चों को जन्म देकर कुछ देर बाद ही दोबारा मंच पर लौटने की तैयारी करने लग गई। हालांकि उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी और कार्यक्रम को रोक दिया गया था। यह घटना आज भी उनके कला समर्पण की सबसे बड़ी मिसाल कही जाती है।

राज कपूर का ठुकराया था फ़िल्म ऑफर

विठाबाई की पापुलैरिटी बढ़ाने के बाद में उन्हें कई सारी फिल्मों के ऑफर भी मिलने लग गए थे। कुछ मीडिया खबरों की माने तो उन्हें शोमैन राज कपूर की तरफ से फिल्म का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बजाय तमाशा को ही अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनका मानना था कि अगर वह तमाशा छोड़ देती है तो उनकी मंडली से जुड़े हुए कलाकारों और उनके परिवारों का सहारा पूरी तरीके से छिन जाएगा।

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इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' आज सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। इस फिल्म की भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार एडवांस बुकिंग हुई है।

खबरों के अनुसार, 'जना नायकन' ने रिलीज से बुधवार रात 10 बजे तक 25 करोड़ की कमाई कर ली है। इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में रात 10 बजे तक 25.51 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तमिल भाषा में इस फिल्म ने 19.22 करोड़ का बिजनेस किया।

हिंदी भाषा में फिल्म ने लगभग 19 लाख रुपए एडवांस बुकिंग से कमा लिए हैं। थलापति विजय की फिल्म से फैंस को काफी उम्मीद है। थलापति विजय की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बना सकती है। ये देखने वाली बात होगी कि 'जना नायकन' पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कितने करोड़ रुपए का बिजनेस करने में सफल रहती है।

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Thalapathy Vijay,final film, Jana Nayakan, Hindi news">थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ ने रिलीज होने से पहले ही कमा लिए हैं इतने करोड़ रुपए   इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' आज सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। इस फिल्म की भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार एडवांस बुकिंग हुई है।

खबरों के अनुसार, 'जना नायकन' ने रिलीज से बुधवार रात 10 बजे तक 25 करोड़ की कमाई कर ली है। इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में रात 10 बजे तक 25.51 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तमिल भाषा में इस फिल्म ने 19.22 करोड़ का बिजनेस किया।

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Thalapathy Vijay,final film, Jana Nayakan, Hindi news">थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ ने रिलीज होने से पहले ही कमा लिए हैं इतने करोड़ रुपए

थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ ने रिलीज होने से पहले ही कमा लिए हैं इतने करोड़ रुपए   इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' आज सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। इस फिल्म की भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार एडवांस बुकिंग हुई है।

खबरों के अनुसार, 'जना नायकन' ने रिलीज से बुधवार रात 10 बजे तक 25 करोड़ की कमाई कर ली है। इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में रात 10 बजे तक 25.51 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तमिल भाषा में इस फिल्म ने 19.22 करोड़ का बिजनेस किया।

हिंदी भाषा में फिल्म ने लगभग 19 लाख रुपए एडवांस बुकिंग से कमा लिए हैं। थलापति विजय की फिल्म से फैंस को काफी उम्मीद है। थलापति विजय की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बना सकती है। ये देखने वाली बात होगी कि 'जना नायकन' पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कितने करोड़ रुपए का बिजनेस करने में सफल रहती है।

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इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' आज सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। इस फिल्म की भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार एडवांस बुकिंग हुई है।

खबरों के अनुसार, 'जना नायकन' ने रिलीज से बुधवार रात 10 बजे तक 25 करोड़ की कमाई कर ली है। इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में रात 10 बजे तक 25.51 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तमिल भाषा में इस फिल्म ने 19.22 करोड़ का बिजनेस किया।

हिंदी भाषा में फिल्म ने लगभग 19 लाख रुपए एडवांस बुकिंग से कमा लिए हैं। थलापति विजय की फिल्म से फैंस को काफी उम्मीद है। थलापति विजय की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बना सकती है। ये देखने वाली बात होगी कि 'जना नायकन' पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कितने करोड़ रुपए का बिजनेस करने में सफल रहती है।

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Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?																								
																														
																																												
	 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।
																										
																
																
																														
																														
																																			
		राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश
	
		राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

	राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।																								
																														
																																			
	
		
			Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
	
	
		उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?																								
																														
																																																																																												
																	
															
																														
																																			
		छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
	
		 
		छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
	    Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।

राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश

राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।

20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।

उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन">Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?																								
																														
																																												
	 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।
																										
																
																
																														
																														
																																			
		राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश
	
		राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

	राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।																								
																														
																																			
	
		
			Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
	
	
		उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?																								
																														
																																																																																												
																	
															
																														
																																			
		छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
	
		 
		छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
	    Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन

उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन">Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?																								
																														
																																												
	 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।
																										
																
																
																														
																														
																																			
		राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश
	
		राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

	राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।																								
																														
																																			
	
		
			Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
	
	
		उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?																								
																														
																																																																																												
																	
															
																														
																																			
		छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
	
		 
		छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
	    Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।

राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश

राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।

20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।

उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन

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