भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में पांच याचिकाएं और एक अपील चल रही थी। पहली याचिका वर्ष 2013 में दायर हुई थी। इसके बाद चार और याचिकाएं अलग- …और पढ़ें
HighLights
- भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में पांच याचिकाएं थीं।
- एक अपील चल रही थी। पहली याचिका वर्ष 2013 में दायर हुई थी।
- इसके बाद चार और याचिकाएं अलग-अलग समय में दायर की गईं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए धार भोजशाला के हिंदू मंदिर होने पर मुहर लगा दी है। शुक्रवार दोपहर ढाई बजे जैसे ही कोर्ट ने निर्णय सुनाया हाई कोर्ट के गेट नंबर तीन पर उत्सव शुरू गया। बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े नेता और आमजन पहले से यहां एकत्रित थे। निर्णय आते ही इन लोगों ने जयकारे लगाना शुरू कर दिए। कोर्ट का निर्णय आने के बाद अधिवक्ताओं ने भी एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।
सुबह से जमा होने लगे थे लोग
कोर्ट ने 12 मई को भोजशाला मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी। 15 मई सुबह जैसी ही लोगों को पता चला कि कोर्ट फैसला सुनाने वाली है वे कोर्ट के गेट तीन पर जमा होने लगे।
वर्ष 2013 से इंदौर में चल रही थी भोजशाला मामले की सुनवाई
भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में पांच याचिकाएं और एक अपील चल रही थी। पहली याचिका वर्ष 2013 में दायर हुई थी। इसके बाद चार और याचिकाएं अलग-अलग समय में दायर हुईं। इसके साथ ही एक अपील भी चल रही थी।
पहली याचिका (वर्ष 2013 मेंं प्रस्तुत)
- याचिकाकर्ता – अंतरसिंह और अन्य
- वकील – एके चितले
- मांग – भोजशाला में को लेकर विवाद होता है, इसलिए कोई स्थाई समाधान दिया जाए ताकि सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।
- क्या हुआ – याचिका निरस्त
दूसरी याचिका (वर्ष 2019 में प्रस्तुत)
- याचिकाकर्ता – मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी (मस्जिद पक्ष)
- वकील – सलमान खुर्शीद, अशहर वारसी और अन्य
- मांग – भोजशाला को मस्जिद घोषित किया जाए।
- क्या हुआ – याचिका निरस्त
तीसरी याचिका (वर्ष 2022 में प्रस्तुत)
- याचिकाकर्ता – हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से आशीष गोयल और अन्य
- वकील – विष्णुशंकर जैन, विनय जोशी
- मांग – एएसआई के 2003 के आदेश को निरस्त किया जाए। भोजशाला में 24 घंटे पूजा का अधिकार दिया जाए।
- क्या हुआ – याचिका स्वीकृत
चौथी याचिका (वर्ष 2022 में प्रस्तुत)
- याचिकाकर्ता – कुलदीप तिवारी
- वकील – मनीष गुप्ता
- मांग – एएसआई के 2003 के आदेश को निरस्त किया जाए। भोजशाला में 24 घंटे पूजा का अधिकार दिया जाए।
- क्या हुआ – याचिका स्वीकृत
पांचवी याचिका (वर्ष 2026 में प्रस्तुत)
- याचिकाकर्ता – सलेकचंद जैन
- वकील – दिनेश पी राजभर
- मांग – भोजशाला को जैन गुरुकुल घोषित किया जाए। जैन समाज को पूजा का अधिकार मिले।
- क्या हुआ – याचिका निरस्त
अपील (वर्ष 2026 में प्रस्तुत)
- अपीलार्थी – काजी जकुल्ला
- वकील – शोभा मेनन
- मांग – एकलपीठ के आदेश को निरस्त किया जाए।
- क्या हुआ – अपील निरस्त
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