×
मानसून में देरी के बीच गुजरात सरकार का बड़ा कदम, किसानों को अब 8 के बजाय मिलेगी 10 घंटे बिजली
	
		
			
	
	राज्य में मानसून की धीमी गति और उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुश्किल स्थिति में खेती और सिंचाई के काम को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को कृषि कार्य के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति को बढ़ाकर अब दैनिक 10 घंटे करने का आदेश दिया है, ताकि खेतों में सिंचाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

	 

	बिजली आपूर्ति में 2 घंटे की बढ़ोतरी और इसका मुख्य उद्देश्य

	अब तक राज्य के किसानों को कृषि संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 8 घंटे बिजली दी जा रही थी। हालांकि, इस साल बारिश में देरी के कारण खड़ी फसलों को बचाने और जरूरी पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बिजली आपूर्ति में अतिरिक्त 2 घंटे जोड़ने का फैसला किया है।

	 

	ऊर्जा विभाग की तैयारी और कृषि क्षेत्र में इस फैसले का महत्व

	सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को तत्काल प्रभाव से जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसानों को बिना किसी रुकावट के नियमित और अतिरिक्त बिजली मिल सके। गुजरात की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पानी और बिजली दोनों बुनियादी जरूरतें हैं, इसलिए सरकार के इस कदम को कृषि क्षेत्र में बेहद सराहनीय माना जा रही है।

	 

	किसान संगठनों की मांग और फसल बचाने के प्रयास

	गौरतलब है कि बारिश में देरी के कारण किसानों को बोरवेल और अन्य कृत्रिम सिंचाई साधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा था। इसी वजह से किसान संघ और विभिन्न संगठनों द्वारा पिछले कुछ समय से अतिरिक्त बिजली की मांग की जा रही थी। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने से अब किसान समय पर अपनी खेती का काम पूरा कर सकेंगे और अपनी कीमती फसलों को सूखने से बचा सकेंगे।

मानसून में देरी के बीच गुजरात सरकार का बड़ा कदम, किसानों को अब 8 के बजाय मिलेगी 10 घंटे बिजली

मानसून में देरी के बीच गुजरात सरकार का बड़ा कदम, किसानों को अब 8 के बजाय मिलेगी 10 घंटे बिजली
	
		
			
	
	राज्य में मानसून की धीमी गति और उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुश्किल स्थिति में खेती और सिंचाई के काम को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को कृषि कार्य के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति को बढ़ाकर अब दैनिक 10 घंटे करने का आदेश दिया है, ताकि खेतों में सिंचाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

	 

	बिजली आपूर्ति में 2 घंटे की बढ़ोतरी और इसका मुख्य उद्देश्य

	अब तक राज्य के किसानों को कृषि संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 8 घंटे बिजली दी जा रही थी। हालांकि, इस साल बारिश में देरी के कारण खड़ी फसलों को बचाने और जरूरी पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बिजली आपूर्ति में अतिरिक्त 2 घंटे जोड़ने का फैसला किया है।

	 

	ऊर्जा विभाग की तैयारी और कृषि क्षेत्र में इस फैसले का महत्व

	सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को तत्काल प्रभाव से जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसानों को बिना किसी रुकावट के नियमित और अतिरिक्त बिजली मिल सके। गुजरात की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पानी और बिजली दोनों बुनियादी जरूरतें हैं, इसलिए सरकार के इस कदम को कृषि क्षेत्र में बेहद सराहनीय माना जा रही है।

	 

	किसान संगठनों की मांग और फसल बचाने के प्रयास

	गौरतलब है कि बारिश में देरी के कारण किसानों को बोरवेल और अन्य कृत्रिम सिंचाई साधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा था। इसी वजह से किसान संघ और विभिन्न संगठनों द्वारा पिछले कुछ समय से अतिरिक्त बिजली की मांग की जा रही थी। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने से अब किसान समय पर अपनी खेती का काम पूरा कर सकेंगे और अपनी कीमती फसलों को सूखने से बचा सकेंगे।

राज्य में मानसून की धीमी गति और उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुश्किल स्थिति में खेती और सिंचाई के काम को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को कृषि कार्य के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति को बढ़ाकर अब दैनिक 10 घंटे करने का आदेश दिया है, ताकि खेतों में सिंचाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

 

बिजली आपूर्ति में 2 घंटे की बढ़ोतरी और इसका मुख्य उद्देश्य

अब तक राज्य के किसानों को कृषि संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 8 घंटे बिजली दी जा रही थी। हालांकि, इस साल बारिश में देरी के कारण खड़ी फसलों को बचाने और जरूरी पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बिजली आपूर्ति में अतिरिक्त 2 घंटे जोड़ने का फैसला किया है।

 

ऊर्जा विभाग की तैयारी और कृषि क्षेत्र में इस फैसले का महत्व

सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को तत्काल प्रभाव से जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसानों को बिना किसी रुकावट के नियमित और अतिरिक्त बिजली मिल सके। गुजरात की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पानी और बिजली दोनों बुनियादी जरूरतें हैं, इसलिए सरकार के इस कदम को कृषि क्षेत्र में बेहद सराहनीय माना जा रही है।

 

किसान संगठनों की मांग और फसल बचाने के प्रयास

गौरतलब है कि बारिश में देरी के कारण किसानों को बोरवेल और अन्य कृत्रिम सिंचाई साधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा था। इसी वजह से किसान संघ और विभिन्न संगठनों द्वारा पिछले कुछ समय से अतिरिक्त बिजली की मांग की जा रही थी। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने से अब किसान समय पर अपनी खेती का काम पूरा कर सकेंगे और अपनी कीमती फसलों को सूखने से बचा सकेंगे।

राज्य में मानसून की धीमी गति और उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुश्किल स्थिति में खेती और सिंचाई के काम को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को कृषि कार्य के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति को बढ़ाकर अब दैनिक 10 घंटे करने का आदेश दिया है, ताकि खेतों में सिंचाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

 

बिजली आपूर्ति में 2 घंटे की बढ़ोतरी और इसका मुख्य उद्देश्य

अब तक राज्य के किसानों को कृषि संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 8 घंटे बिजली दी जा रही थी। हालांकि, इस साल बारिश में देरी के कारण खड़ी फसलों को बचाने और जरूरी पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बिजली आपूर्ति में अतिरिक्त 2 घंटे जोड़ने का फैसला किया है।

 

ऊर्जा विभाग की तैयारी और कृषि क्षेत्र में इस फैसले का महत्व

सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को तत्काल प्रभाव से जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसानों को बिना किसी रुकावट के नियमित और अतिरिक्त बिजली मिल सके। गुजरात की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पानी और बिजली दोनों बुनियादी जरूरतें हैं, इसलिए सरकार के इस कदम को कृषि क्षेत्र में बेहद सराहनीय माना जा रही है।

 

किसान संगठनों की मांग और फसल बचाने के प्रयास

गौरतलब है कि बारिश में देरी के कारण किसानों को बोरवेल और अन्य कृत्रिम सिंचाई साधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा था। इसी वजह से किसान संघ और विभिन्न संगठनों द्वारा पिछले कुछ समय से अतिरिक्त बिजली की मांग की जा रही थी। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने से अब किसान समय पर अपनी खेती का काम पूरा कर सकेंगे और अपनी कीमती फसलों को सूखने से बचा सकेंगे।

Source link
#मनसन #म #दर #क #बच #गजरत #सरकर #क #बड #कदम #कसन #क #अब #क #बजय #मलग #घट #बजल

">अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: बॉलीवुड सितारों जैसा स्टाइलिश एथलीजर लुक पाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पूरा भारत एक बड़े वेलनेस हब में बदल जाता है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सुबह के सत्रों से लेकर मुंबई के सी-लिंक के नजारों तक, करोड़ों लोग योग के लिए तैयार हैं। आजकल इन आयोजनों में क्या पहनना है, इसके लिए लोग बॉलीवुड सितारों के फैशन और फिटनेस चॉइस से इंस्पिरेशन ले रहे हैं। आप भी लोकल डील्स और स्टाइलिंग टिप्स की मदद से उनके जैसा हाई-एनर्जी लाइफस्टाइल आसानी से अपना सकते हैं।   शिल्पा शेट्टी, मलाइका अरोड़ा और आलिया भट्ट जैसे सितारे कंफर्टेबल और स्टाइलिश एथलीजर (athleisure) को बढ़ावा दे रहे हैं। मलाइका अक्सर इंटेंस योग सेशन के लिए बोल्ड साइकिलिंग शॉर्ट्स चुनती हैं, जो काफी फ्लेक्सिबल होते हैं। वहीं, आलिया को पेस्टल को-ऑर्ड सेट्स पसंद हैं, जो गर्मियों की सुबह के लिए एकदम हल्के और आरामदायक रहते हैं। ये लुक्स न केवल कंफर्टेबल हैं, बल्कि आपकी सोशल मीडिया फोटोज और कम्युनिटी गैदरिंग के लिए भी परफेक्ट हैं।            बॉलीवुड एथलीजर ट्रेंड्स और प्राइस रेंज भारतीय ब्रांड्स के बजट-फ्रेंडली ऑप्शंस के साथ सही गियर चुनना अब काफी आसान हो गया है। योग दिवस के मौके पर कई रिटेलर्स इस वीकेंड भारी डिस्काउंट दे रहे हैं। आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्टोर्स से कम कीमतों पर अच्छी क्वालिटी के सामान खरीद सकते हैं। भारत में फिलहाल टॉप-रेटेड गियर की कीमतें कुछ इस तरह हैं:     कैटेगरी कीमत (रुपये) टॉप ब्रांड्स   लेगिंग्स 800 – 2,500 HRX, Blissclub   स्पोर्ट्स ब्रा 600 – 1,800 Puma, Cultsport   योग मैट 499 – 3,000 Decathlon, Vifitkit    स्वेट-प्रूफ ब्यूटी और शहरों में योग सत्र जून की उमस भरी गर्मी में आउटडोर योग के लिए स्वेट-प्रूफ ब्यूटी टिप्स बहुत जरूरी हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि SPF वाले लाइटवेट टिंटेड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। योग के मुश्किल आसनों के दौरान बालों को संभालने के लिए टाइट चोटी या हाई पोनीटेल सबसे बेस्ट है। इन छोटे-छोटे टिप्स से आप पहले आसन से लेकर आखिरी तक फ्रेश नजर आएंगे।  मुंबई के मरीन ड्राइव या दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सुबह 6:00 बजे से होने वाले बड़े योग सत्रों का हिस्सा बनें। बेंगलुरु के कब्बन पार्क में भी इस रविवार फिटनेस प्रेमियों के लिए खास आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर इवेंट्स फ्री हैं, लेकिन अपनी जगह पक्की करने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। तो बस, तैयार हो जाइए सेहत के इस ग्लोबल जश्न में शामिल होने के लिए!

Post Comment