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मेडिकल ऑफिसर की वेटिंग लिस्ट में पीएससी की मनमर्जी, सीट रह जाती है खाली, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

मेडिकल ऑफिसर की वेटिंग लिस्ट में पीएससी की मनमर्जी, सीट रह जाती है खाली, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

मेडिकल ऑफिसर चयन परीक्षा को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर हुई है। इस याचिका में पीएससी के भर्ती परीक्षाओं में वेटिंग लिस्ट के सिस्टम …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 08:52:15 AM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 08:52:15 AM (IST)

एमपी पीएससी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मेडिकल ऑफिसर चयन परीक्षा को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर हुई है
  2. इस याचिका में पीएससी के भर्ती परीक्षाओं में वेटिंग लिस्ट के सिस्टम को चुनौती दी गई है
  3. मामले पर सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) मेडिकल आफिसर के राजपत्रित पदों के लिए चयन प्रक्रिया करता है लेकिन वेटिंग लिस्ट में मनमर्जी चल रही है। इसी का नतीजा है कि हर बार पद खाली रह जाते हैं।

मेडिकल ऑफिसर चयन परीक्षा को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर हुई है। इस याचिका में पीएससी के भर्ती परीक्षाओं में वेटिंग लिस्ट के सिस्टम को चुनौती दी गई है। मामले पर सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

अभिभाषक अमित पटेल ने बताया, एमपी पीएससी हर साल मेडिकल आफिसर के पदों पर चयन के लिए विज्ञापन जारी करता है। वहीं इस भर्ती के लिए रिजल्ट के साथ ही वेटिंग लिस्ट भी जारी की जाती है। वेटिंग लिस्ट में उन लोगों के नाम होते हैं जो कि चयनित अभ्यर्थी के ज्वॉइनिंग नहीं करने पर उनकी जगह नौकरी पर लिए जाएंगे। लेकिन वेटिंग लिस्ट कितने अभ्यर्थी की होगी, उसको लेकर कोई सिस्टम ही नहीं है।

इसके खिलाफ परीक्षा में भाग ले चुके अभ्यर्थी डॉ. हेमंत साहू और डॉ. हेमंत मिगेश की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में 2019 से लेकर 2016 तक मेडिकल परीक्षा भर्ती की जानकारी दी गई है। साथ ही बताया गया है कि हर बार भर्ती के बाद जो रिजल्ट जारी किया गया उसमें पासिंग मार्क्स से ज्यादा अंक लाने वालों के नाम न तो मुख्य लिस्ट में थे, न ही वेटिंग लिस्ट में।

वहीं जितने पद की भर्ती थी, उसमें वेटिंग लिस्ट से कहीं ज्यादा लोगों ने ड्यूटी ज्वाइंनिंग नहीं दी जिसके कारण हर बार दर्जनों पद खाली ही रहे। जिसके कारण ये पद खाली ही छूट गए। इसके लिए एक व्यवस्था तय की जाना चाहिए। पासिंग मार्क्स से ज्यादा अंक लाने वालों की दूसरी सूची भी तैयार की जा सकती है। जिससे पदों की भर्ती आसानी से हो सकती है। यदि सेकंड लिस्ट नहीं बनाई जा सकती है तो पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए वेटिंग लिस्ट में ज्यादा नाम जोड़े जाने चाहिए।

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