यादों में जॉनी वॉकरः बस कंडक्टर से बने कॉमेडी के बादशाह, अदाकारी से गमगीन चेहरों पर भी बिखेरी मुस्कानजॉनी वॉकर पर अवश्य फिल्माए जाते थे गीत
1956 में रिलीज़ हुई गुरूदत्त की फिल्म सीआईडी में उन पर फिल्माया गया गाना ‘ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां, जरा हट के जरा बच के ये है बंबई मेरी जान’ ने धूम मचा दी। उन्होंने अपने चेहरे के हाव भाव की बदौलत ही ‘जाने कहां मेरा जिगर गया जी’ (मिस्टर एंड मिसेज 55), ‘सिर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए’ (प्यासा) और ‘ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां’ जैसे गीतों को सदा के लिए अमर कर दिया।
जॉनी वॉकर पहले हास्य कलाकार थे जिनके नाम पर नटराज प्रोडक्शन ने सन 1957 में “जॉनी वॉकर” नाम की फिल्म बनाई। फिल्म की सफलता से उत्साहित निर्देशक वेद मदान ने अपनी अगली फिल्म “मिस्टर कार्टून एम” में भी जॉनी वॉकर को शीर्ष भूमिका के लिए चुना। “मिस्टर जॉन”, “नया पैसा” “जरा बच के” “रिक्शा वाला” “उड़न छू” आदि फिल्मो में भी उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी।
जॉनी वॉकर ने 35 साल में करीब 325 फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें ‘टैक्सी ड्राइवर’, ‘मधुमती’, ‘नया दौर’, ‘सूरज’, ‘आनंद’, ‘प्रतिज्ञा’ जैसी फिल्में शामिल हैं। 1975 की फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ में उनका एक डायलॉग था, जो दर्शकों को आज भी याद है, वो डायलॉग था- ‘इतनी सी बात के लिए, इतना गुस्सा…।’
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जॉनी वॉकर पर अवश्य फिल्माए जाते थे गीत
1956 में रिलीज़ हुई गुरूदत्त की फिल्म सीआईडी में उन पर फिल्माया गया गाना ‘ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां, जरा हट के जरा बच के ये है बंबई मेरी जान’ ने धूम मचा दी। उन्होंने अपने चेहरे के हाव भाव की बदौलत ही ‘जाने कहां मेरा जिगर गया जी’ (मिस्टर एंड मिसेज 55), ‘सिर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए’ (प्यासा) और ‘ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां’ जैसे गीतों को सदा के लिए अमर कर दिया।
जॉनी वॉकर पहले हास्य कलाकार थे जिनके नाम पर नटराज प्रोडक्शन ने सन 1957 में “जॉनी वॉकर” नाम की फिल्म बनाई। फिल्म की सफलता से उत्साहित निर्देशक वेद मदान ने अपनी अगली फिल्म “मिस्टर कार्टून एम” में भी जॉनी वॉकर को शीर्ष भूमिका के लिए चुना। “मिस्टर जॉन”, “नया पैसा” “जरा बच के” “रिक्शा वाला” “उड़न छू” आदि फिल्मो में भी उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी।
जॉनी वॉकर ने 35 साल में करीब 325 फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें ‘टैक्सी ड्राइवर’, ‘मधुमती’, ‘नया दौर’, ‘सूरज’, ‘आनंद’, ‘प्रतिज्ञा’ जैसी फिल्में शामिल हैं। 1975 की फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ में उनका एक डायलॉग था, जो दर्शकों को आज भी याद है, वो डायलॉग था- ‘इतनी सी बात के लिए, इतना गुस्सा…।’

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