राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी को 87 दिन पहले मिली जमानत सुप्रीम कोर्ट ने भले ही निरस्त कर दी लेकिन जिन शर्तों पर जमानत दी गई थीं…और पढ़ें
HighLights
- शिलांग छोड़ सकेगी या नहीं, कानूनविदों में इसे लेकर मतभेद
- जिन शर्तों पर जमानत दी गई थीं, वे बरकरार रहेंगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है
- कुछ कानूनविदों का कहना है कि सेशन कोर्ट द्वारा जमानत देते समय लगाई गई शर्तें तीन सप्ताह तक लागू रहेंगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी को 87 दिन पहले मिली जमानत सुप्रीम कोर्ट ने भले ही निरस्त कर दी लेकिन जिन शर्तों पर जमानत दी गई थीं, वे बरकरार रहेंगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। कानूनविदों में इसे लेकर मतभेद है।
कुछ का कहना है कि चूंकि जमानत का आदेश ही अस्तित्व में नहीं रहा, इसलिए आदेश के माध्यम से अधिरोपित की गई शर्तें अपने आप अस्तित्वहीन हो गई हैं। कुछ कानूनविदों का कहना है कि सेशन कोर्ट द्वारा जमानत देते समय लगाई गई शर्तें अगले तीन सप्ताह तक लागू रहेंगी। ऐसी स्थिति में सोनम फिलहाल शिलांग नहीं छोड़ सकेगी। इधर दूसरे पक्ष का कहना है कि चूंकि शर्तें समाप्त हो गई हैं, इसलिए सोनम के शिलांग छोड़ने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है।
राजा के स्वजन बोले सुप्रीम कोर्ट में झूठ हारा, सत्य की विजय हुई
राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सत्य की विजय हुई और झूठ हारा। सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकीलों बेहतर तरीके से अपना पक्ष रखा। सोनम ने पहले झूठ बोला था कि गिरफ्तार के समय उसे जानकारी नहीं दी थी। जबकि गाजीपुर में सोनम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उस समय सोनम व उसके भाई गोविंद ने भी पुलिस के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। सोनम पुलिस के दस्तावेजों में हुई एरर का फायदा उठा रही है। हमें अब मेघालय कोर्ट से न्याय की उम्मीद है। राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने बताया किया न्याय के लिए अभी आस जगी है और कानूनी लड़ाई के लिए हौंसला मिला है। मैं चाहती हूं मेघालय सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की सुनवाई करे ताकि सोनम व अन्य आरोपितों को जल्द सजा मिल सके।
समर्पण नहीं करती तब तक लागू रहेंगी शर्तें
सेशन कोर्ट द्वारा अधिरोपित की गई शर्तें तब तक लागू रहेंगी जब तक सोनम कोर्ट के समक्ष सरेंडर नहीं कर देती। उसे शिलांग छोड़ने की अनुमति नहीं रहेगी। उसे उन्हीं शर्तों के अधीन तीन सप्ताह बाहर रहने की अनुमति मिली है। -अभिजीतसिंह राठौर लोक अभियोजन इंदौर जिला न्यायालय
शर्तों का कोई मतलब नहीं
चूंकि जमानत का आदेश ही निरस्त हो गया है इसलिए शर्तों का कोई मतलब नहीं। सोनम के शिलांग छोड़ने पर कोई रोक नहीं है। कोर्ट ने उसे तीन सप्ताह का समय दिया है ताकि वह अपने अधिवक्ता से चर्चा कर सके। केस की तैयारी कर सके। जमानत समाप्त होने का मतलब है शर्तें समाप्त। -अजय बागडिया, वरिष्ठ अधिवक्ता
शर्तें स्वत: समाप्त हो गई हैं
चूंकि सेशन कोर्ट से मिली जमानत ही निरस्त हो गई, इसलिए वे शर्ते भी समाप्त हो गईं जिन पर जमानत मिली थीं। शर्तों का कोई मतलब नहीं जब जमानत ही निरस्त हो गई। -विमल मिश्रा, पूर्व लोक अभियोजक इंदौर
सुप्रीम कोर्ट का आदेश प्रभावी हो गया है
सेशन कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है, इसलिए जमानत का आदेश तत्काल प्रभाव से शर्तों सहित प्रभावहीन हो गया है और सर्वोच्च न्यायालय का आदेश प्रभावशील हो गया है। सोनम तीन सप्ताह में सरेंडर नहीं करती है तो कोर्ट वारंट जारी कर सकती है। -अधिवक्ता राहुल पेठे
सरेंडर करने तक उसे शिलांग में ही रहना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत निरस्त करते हुए कहा है कि गिरफ्तारी के आधार नही पता होने से सोनम को कोई नुकसान नहीं हुआ। न ही उसका हित प्रभावित नहीं हुआ। कोर्ट ने उसे तीन सप्ताह में सरेंडर करने के लिए कहा है। जब तक वह सरेंडर नहीं करती उसे शिलांग में ही रहना होगा। -केसी गौतम, शासकीय अधिवक्ता मेघालय
राजा रघुवंशी हत्याकांड : टाइमलाइन
- 11 मई 2025: इंदौर में राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी का विवाह।
- 20-22 मई: हनीमून के लिए मेघालय रवाना। शिलांग पहुंचने के बाद स्कूटी से सोहरा (चेरापूंजी) और नोंग्रियाट गांव पहुंचे। होमस्टे में रात बिताई।
- 23 मई: दोपहर 1:43 बजे सोनम ने मां से आखिरी बार बात की। इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए।
- 24 मई: किराये की स्कूटी लावारिस मिली। परिवार की सूचना पर मेघालय पुलिस ने सर्च आपरेशन शुरू किया।
- 25 मई-1 जून: पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने लगातार तलाश की। दोनों परिवार भी मेघालय पहुंचे।
- 2 जून: गहरी खाई से राजा का शव मिला। हत्या की आशंका के बीच एसआईटी गठित की गई। सोनम लापता।
- 3-8 जून: सीसीटीवी, काल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज हुई। कई संदिग्धों की पहचान हुई।
- 9 जून: सोनम गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में मिलीं और गिरफ्तार हुईं। मध्य प्रदेश से तीन अन्य आरोपी भी पकड़े गए। पुलिस ने इसे पूर्व नियोजित हत्या बताया।
- 10 जून: आरोपियों से पूछताछ, डिजिटल व फारेंसिक साक्ष्य जुटाए गए। हत्या और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला आगे बढ़ा।
- 27 अप्रैल 2026: शिलांग की ट्रायल कोर्ट ने तकनीकी त्रुटि के आधार पर सोनम को जमानत दी।
- 29 जून: मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।
- 3 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल जमानत पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन मामले की सुनवाई स्वीकार की और हाईकोर्ट के आदेश पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कीं।
- 23 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने अंततः जमानत रद्द कर दी और सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया।
अब आगे क्या होगा?
- सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा।
- सरेंडर के बाद कोर्ट उसे न्यायिक हिरासत में भेज देगी।
- छह माह में ट्रायल पूरा नहीं होता, तो सोनम के पास अधिकार होगा कि वह दोबारा जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत कर सकेगी।
जमानत के बाद 87 दिन से बाहर, एक इंटरव्यू में तोड़ी थी चुप्पी
27 अप्रैल 2026 को शिलांग की अदालत से सोनम रघुवंशी को जमानत मिली थी। यानी 87 दिन से जमानत पर बाहर है। इस दौरान शिलांग में ही रहकर ट्रायल का सामना करती रहीं। एक बार स्थानीय डिजिटल मीडिया ईस्ट मोजो को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें कहा कि वह शिलांग में ही रह रही है और फिलहाल इंदौर लौटने का उसका कोई इरादा नहीं है।
उसने राजा के भाई द्वारा लगाए गए नेपाल भागने के आरोप खारिज करते हुए कहा था कि वह कहीं नहीं गईं और जमानत की सभी शर्तों का पालन कर रही है। केस के तथ्यों पर टिप्पणी से इंकार करते हुए सोनम ने कहा था कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वह कुछ नहीं कहेगी। उसने यह भी कहा था कि ट्रायल पूरा होने तक वह शिलांग में ही रहेगी।
Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा के परिवार की मांग- फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द पूरा हो ट्रायल, सोनम की जमानत पर SC के आदेश का स्वागत
Source link
#रज #रघवश #हतयकड #सनम #क #जमनत #नरसत #हई #लकन #शरत #जर #रहग #य #नह #असमजस #बरकरर



Post Comment