लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सरकार और व्यवस्था के खिलाफ मंच पर प्रश्न उठाने वाले क…और पढ़ें
HighLights
- ‘छात्रों की गूंज’ में सवाल उठाने वालों में कई का कांग्रेस संगठन से सीधा नाता
- भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाने वाला युवक छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहा है
- छात्रावास की समस्या बताने वाली युवती युवा कांग्रेस की पदाधिकारी है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सरकार और व्यवस्था के खिलाफ मंच पर प्रश्न उठाने वाले कई चेहरों की राजनीतिक पृष्ठभूमि अब चर्चा में है।
‘नईदुनिया’ की पड़ताल में सामने आया कि विश्वविद्यालय की बदहाली का मुद्दा उठाने वाला छात्र कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़ा है, छात्रावास की समस्या बताने वाली युवती युवा कांग्रेस की पदाधिकारी है और भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाने वाला युवक पहले से छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहा है।
रंजीत किसानवंशी : छात्र आंदोलन से राजनीतिक संपर्क तक
देवास के खातेगांव निवासी रंजीत किसानवंशी ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उनका नाम पहले भी एमपीपीएससी आंदोलन से जुड़े छात्र नेता के रूप में सामने आ चुका है। कांग्रेस नेताओं के साथ उनके फोटो और राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रियता भी सामने आई है।
रजत गंगारेकर : छात्र हैं लेकिन एनएसयूआई से भी जुड़ाव
खरगोन के मंडलेश्वर क्षेत्र के रजत गंगारेकर ने डा. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, महू की अव्यवस्थाओं पर बात की थी। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये का बजट मिलने के बावजूद कालेज में गेस्ट फैकल्टी, पर्याप्त कक्ष और छात्राओं के लिए सुविधाएं नहीं हैं। पड़ताल में सामने आया कि रजत बीएससी (कृषि) के छात्र हैं और एनएसयूआइ से जुड़े हैं। उनके कांग्रेस नेताओं और संगठन पदाधिकारियों के साथ फोटो भी सामने आए हैं।
राधा मालवीय : युवा कांग्रेस की पदाधिकारी भी
उज्जैन की राधा मालवीय ने पीएचडी विद्यार्थियों के आवास और किराए का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि उद्योगों को एक रुपये में लीज पर जमीन दी जा सकती है तो विद्यार्थियों को एक रुपये में कमरा क्यों नहीं। पड़ताल में सामने आया कि वह पीएचडी छात्रा होने के साथ उज्जैन जिला पंचायत सदस्य, युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव और शाजापुर जिला प्रभारी भी हैं।
प्रियांशी : पीड़ित परिवार से, राजनीतिक संगठन से जुड़ाव नहीं
दिल्ली हादसे में जान गंवाने वाले देवास के छात्र अर्पित जाज की बहन प्रियांशी ने मंच से भाई की मौत और परिवार को न्याय नहीं मिलने की बात रखी। उनके किसी राजनीतिक संगठन से जुड़े होने का प्रमाण सामने नहीं आया है। हालांकि स्वजन ने बताया है कि हादसे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके घर पहुंचे और उन्हें राहुल गांधी से मिलवाने की पहल की। परिवार के अनुसार, कार्यक्रम में राहुल गांधी के सामने किन मुद्दों को रखना है, इस पर भी बातचीत हुई थी।
दीप्ति सिंह ठाकुर : शिक्षक भर्ती की अभ्यर्थी
दीप्ति सिंह ठाकुर ने मंच से कहा कि चयन के बावजूद उन्हें शिक्षक पद पर नियुक्ति नहीं मिली और पद बढ़ाए जाने चाहिए। वे शिक्षक भर्ती आंदोलन में सक्रिय रही हैं। विभाग के अनुसार कर्मचारी चयन मंडल (पीईबी) की किसी चयन या प्रतीक्षा सूची में उनका नाम नहीं है। विभाग का कहना है कि परिणाम जारी होने के बाद पद बढ़ाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
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