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सिनेजीवन: रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद पर प्रोड्यूसर्स गिल्ड सख्त और पियानो पर हाथ आजमा रहे हैं कुणाल खेमूफिल्म निर्माताओं के संगठन ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने एक्टर रणवीर सिंह के फिल्म ‘डॉन-3’ और उससे जुड़े विवाद को देखते हुए बुधवार को नया बयान जारी किया है।शिबाशीष सरकार के नेतृत्व वाले इस संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कलाकारों के ऐसे गैर जिम्मेदाराना बर्ताव की आलोचना की। इससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ता है।उन्होंने लिखा, “हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कलाकार, निर्देशक और तकनीशियन अपनी तय प्रतिबद्धताओं से आखिरी समय पर पीछे हट रहे हैं। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को अपने सदस्य एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल लिमिटेड से भी इस संबंध में औपचारिक शिकायतें मिली हैं। ये समस्याएं फिल्मों की मुख्य शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले सामने आईं।”उन्होंने आगे लिखा, “फिल्म इंडस्ट्री के किसी भी सदस्य को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता है और इंडस्ट्री के अन्य क्षेत्रों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस तरह के कदम भरोसे, पेशेवर व्यवहार और आपसी सम्मान की उस भावना को कमजोर करते हैं, जिस पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री आधारित है।”Ranveer singh,Hindi Cinema,Bollywood Actor

सिनेजीवन: रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद पर प्रोड्यूसर्स गिल्ड सख्त और पियानो पर हाथ आजमा रहे हैं कुणाल खेमू

फिल्म निर्माताओं के संगठन ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने एक्टर रणवीर सिंह के फिल्म ‘डॉन-3’ और उससे जुड़े विवाद को देखते हुए बुधवार को नया बयान जारी किया है।

शिबाशीष सरकार के नेतृत्व वाले इस संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कलाकारों के ऐसे गैर जिम्मेदाराना बर्ताव की आलोचना की। इससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ता है।

उन्होंने लिखा, “हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कलाकार, निर्देशक और तकनीशियन अपनी तय प्रतिबद्धताओं से आखिरी समय पर पीछे हट रहे हैं। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को अपने सदस्य एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल लिमिटेड से भी इस संबंध में औपचारिक शिकायतें मिली हैं। ये समस्याएं फिल्मों की मुख्य शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले सामने आईं।”

उन्होंने आगे लिखा, “फिल्म इंडस्ट्री के किसी भी सदस्य को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता है और इंडस्ट्री के अन्य क्षेत्रों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस तरह के कदम भरोसे, पेशेवर व्यवहार और आपसी सम्मान की उस भावना को कमजोर करते हैं, जिस पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री आधारित है।”

Ranveer singh,Hindi Cinema,Bollywood Actor

फिल्म निर्माताओं के संगठन ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने एक्टर रणवीर सिंह के फिल्म ‘डॉन-3’ और उससे जुड़े विवाद को देखते हुए बुधवार को नया बयान जारी किया है।

शिबाशीष सरकार के नेतृत्व वाले इस संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कलाकारों के ऐसे गैर जिम्मेदाराना बर्ताव की आलोचना की। इससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ता है।

उन्होंने लिखा, “हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कलाकार, निर्देशक और तकनीशियन अपनी तय प्रतिबद्धताओं से आखिरी समय पर पीछे हट रहे हैं। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को अपने सदस्य एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल लिमिटेड से भी इस संबंध में औपचारिक शिकायतें मिली हैं। ये समस्याएं फिल्मों की मुख्य शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले सामने आईं।”

उन्होंने आगे लिखा, “फिल्म इंडस्ट्री के किसी भी सदस्य को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता है और इंडस्ट्री के अन्य क्षेत्रों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस तरह के कदम भरोसे, पेशेवर व्यवहार और आपसी सम्मान की उस भावना को कमजोर करते हैं, जिस पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री आधारित है।”

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इंटरनेट डेस्क। अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म वेलकम टू द जंगल रिलीज को तैयार है। हालांकि, इस पर सेंसर बोर्ड की कैंची चल गई है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 18 कट लगाए हैं और यूए 16 प्लस सर्टिफिकेट दिया है। यही नहीं, दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस के भी कुछ सीन्स हटाने को कहा है। फिल्म को 20 जून को सेंसर बोर्ड से पास किया गया।

अब वेलकम टू द जंगल की लंबाई 164.50 मिनट यानी 2 घंटे 44 मिनट है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन वाकयों और शब्दों में बदलाव या उन्हें हटाने के लिए कहा है, जिन्हें उसने संभावित रूप से संवेदनशील, राजनीतिक या अभद्र माना है। जहां कश्मीर का पानी और देश की टट्टी जैसे डायलॉग पूरी तरह से हटा दिए गए, वहीं बोर्ड ने यह भी मांग की कि पूरी फिल्म में गोरखा रेजिमेंट और जनरल जैसे सैन्य शब्दों की जगह तुम आर्मी से हो? और ऑफिसर, सर का इस्तेमाल किया जाए।

वेलकम टू द जंगल' वेलकम फ्रेंचाइज की तीसरी फिल्म है, जो 26 जून को थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर और राजपाल यादव जैसे स्टार्स हैं। इसे अहमद खान ने डायरेक्ट किया है।

pc-businesstoday.in

welcome to the jungle censor board, welcome to the jungle censor certificate">Welcome to the Jungle: सेंसर बोर्ड की चली कैंची, लगा दिए 18 कट, जाने कब होगी रिलीज   इंटरनेट डेस्क। अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म वेलकम टू द जंगल रिलीज को तैयार है। हालांकि, इस पर सेंसर बोर्ड की कैंची चल गई है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 18 कट लगाए हैं और यूए 16 प्लस सर्टिफिकेट दिया है। यही नहीं, दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस के भी कुछ सीन्स हटाने को कहा है। फिल्म को 20 जून को सेंसर बोर्ड से पास किया गया।

अब वेलकम टू द जंगल की लंबाई 164.50 मिनट यानी 2 घंटे 44 मिनट है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन वाकयों और शब्दों में बदलाव या उन्हें हटाने के लिए कहा है, जिन्हें उसने संभावित रूप से संवेदनशील, राजनीतिक या अभद्र माना है। जहां कश्मीर का पानी और देश की टट्टी जैसे डायलॉग पूरी तरह से हटा दिए गए, वहीं बोर्ड ने यह भी मांग की कि पूरी फिल्म में गोरखा रेजिमेंट और जनरल जैसे सैन्य शब्दों की जगह तुम आर्मी से हो? और ऑफिसर, सर का इस्तेमाल किया जाए।

वेलकम टू द जंगल' वेलकम फ्रेंचाइज की तीसरी फिल्म है, जो 26 जून को थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर और राजपाल यादव जैसे स्टार्स हैं। इसे अहमद खान ने डायरेक्ट किया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन पर लगे आरोपों को भाजपा ने नकारा, पार्टी ने कहा- कांग्रेस के षड्यंत्र को माफ नहीं करेगी जनता
	
		
			
	
	– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया आरोप का खंडन

	– प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

	– उनके परिवार का किसी भी अवैध जमीन सौदे से कोई लेना-देना नहीं

	भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है।
	
	कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है।
	
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	उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

	 

	प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।
	
		ALSO READ: UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय
	आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

	 

	कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

	प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।
	
		ALSO READ: CM डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को दी बड़ी सौगात, सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों की सौगात से मिलेगी नई रफ्तार
	मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।
	
	उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
	Edited By : Chetan Gour 

– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया आरोप का खंडन

– प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

– उनके परिवार का किसी भी अवैध जमीन सौदे से कोई लेना-देना नहीं

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है।

कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है।

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उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

 

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।

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आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

 

कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।

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मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
Edited By : Chetan Gour 


">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन पर लगे आरोपों को भाजपा ने नकारा, पार्टी ने कहा- कांग्रेस के षड्यंत्र को माफ नहीं करेगी जनता
	
		
			
	
	– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया आरोप का खंडन

	– प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

	– उनके परिवार का किसी भी अवैध जमीन सौदे से कोई लेना-देना नहीं

	भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है।
	
	कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है।
	
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	उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

	 

	प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।
	
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	आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

	 

	कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

	प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।
	
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	मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।
	
	उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
	Edited By : Chetan Gour 

अखिलेश यादव ने किया CM मोहन यादव का बचाव, कहा- भाजपा के निशाने पर तीन मुख्‍यमंत्री

उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

 

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।

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आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

 

कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।

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मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
Edited By : Chetan Gour 


">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन पर लगे आरोपों को भाजपा ने नकारा, पार्टी ने कहा- कांग्रेस के षड्यंत्र को माफ नहीं करेगी जनता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन पर लगे आरोपों को भाजपा ने नकारा, पार्टी ने कहा- कांग्रेस के षड्यंत्र को माफ नहीं करेगी जनता
	
		
			
	
	– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया आरोप का खंडन

	– प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

	– उनके परिवार का किसी भी अवैध जमीन सौदे से कोई लेना-देना नहीं

	भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है।
	
	कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है।
	
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	उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

	 

	प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।
	
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	आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

	 

	कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

	प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।
	
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	मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।
	
	उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
	Edited By : Chetan Gour 

– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया आरोप का खंडन

– प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

– उनके परिवार का किसी भी अवैध जमीन सौदे से कोई लेना-देना नहीं

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है।

कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है।

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उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

 

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।

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आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

 

कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।

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मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
Edited By : Chetan Gour 


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