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सिनेजीवन: विजय के जन्मदिन पर शुभकामनाओं का सिलसिला जारी और संजय दत्त ने फादर्स डे पर बेटी त्रिशाला दत्त को दिया सरप्राइजआज के समय में ‘फेमिनिज्म’ शब्द लगातार चर्चा में रहता है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों और इंटरव्यू तक, इसकी अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं। इस बीच अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू के दौरान इस पर अपनी अलग राय पेश की है।शिल्पा शिंदे ने कहा, “मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।” इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को ‘थोड़ा पारंपरिक सोच वाली’ बताया। उन्होंने कहा, ”यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।”शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ”मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।” आईएएनएस के इनपुट के साथEntertainment News,Sanjay Dutt,Sara Ali Khan

सिनेजीवन: विजय के जन्मदिन पर शुभकामनाओं का सिलसिला जारी और संजय दत्त ने फादर्स डे पर बेटी त्रिशाला दत्त को दिया सरप्राइज

आज के समय में ‘फेमिनिज्म’ शब्द लगातार चर्चा में रहता है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों और इंटरव्यू तक, इसकी अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं। इस बीच अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू के दौरान इस पर अपनी अलग राय पेश की है।

शिल्पा शिंदे ने कहा, “मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।”

 इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को ‘थोड़ा पारंपरिक सोच वाली’ बताया। उन्होंने कहा, ”यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।”

शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ”मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।”

आईएएनएस के इनपुट के साथ

Entertainment News,Sanjay Dutt,Sara Ali Khan

आज के समय में ‘फेमिनिज्म’ शब्द लगातार चर्चा में रहता है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों और इंटरव्यू तक, इसकी अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं। इस बीच अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू के दौरान इस पर अपनी अलग राय पेश की है।

शिल्पा शिंदे ने कहा, “मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।”

 इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को ‘थोड़ा पारंपरिक सोच वाली’ बताया। उन्होंने कहा, ”यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।”

शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ”मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।”

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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देशभर के लाखों लोगों का सपना होता है कि वे एक दिन टेलीविज़न पर नज़र आएं। अब यह सपना सच होने के एक कदम और करीब आ सकता है, क्योंकि अभिनेता Anil Kapoor द्वारा होस्ट किए जाने वाले आगामी रियलिटी शो 'इंडिया के टॉप 1%' के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुके हैं।

यह शो उन लोगों की तलाश में है जो मानते हैं कि उनके पास ऐसी बुद्धिमत्ता, समझदारी और तेज़ सोच है, जो उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिला सकती है। अन्य टैलेंट-आधारित प्रतियोगिताओं से अलग, 'इंडिया के टॉप 1%' में प्रतिभागियों की परख ऐसे सवालों और चुनौतियों के माध्यम से की जाएगी, जो तर्कशक्ति, अवलोकन क्षमता, सामान्य ज्ञान, समझदारी और तुरंत निर्णय लेने की योग्यता को परखेंगी।

जीवन के हर क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए खुला यह शो आम भारतीयों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और सोच का प्रदर्शन करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। चाहे आप छात्र हों, नौकरीपेशा पेशेवर, गृहिणी, उद्यमी या फिर कोई ऐसे व्यक्ति जो समस्याओं को हल करने और दिमागी चुनौतियों का आनंद लेते हों, यह आपके लिए देश के सबसे तेज़ और होशियार दिमागों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका हो सकता है।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

इच्छुक प्रतिभागी निम्नलिखित तरीकों से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:

* आधिकारिक रजिस्ट्रेशन क्रिएटिव में दिए गए QR कोड को स्कैन करें।
* रजिस्ट्रेशन पेज पर जाएँ: https://starplus.jiostar.com/indiaketoponepercent/
* आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
* अपना आवेदन जमा करें।

रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं, ऐसे में इच्छुक प्रतिभागी इस शो का हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो बुद्धिमत्ता, तेज़ सोच और रोज़मर्रा की समझदारी का जश्न मनाता है।

अगर आपने कभी सोचा है कि क्या आप भारत के सबसे तेज़ और होशियार लोगों में शामिल हो सकते हैं, तो खुद को साबित करने का यह सुनहरा मौका आपके लिए हो सकता है। 'इंडिया के टॉप 1%' जल्द ही स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा।

dream,TV could, Register,Anil Kapoor, Hindi news">टीवी पर आने का सपना हो सकता है सच: Anil Kapoor के नए रियलिटी शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ के लिए अभी करें रजिस्ट्रेशन   देशभर के लाखों लोगों का सपना होता है कि वे एक दिन टेलीविज़न पर नज़र आएं। अब यह सपना सच होने के एक कदम और करीब आ सकता है, क्योंकि अभिनेता Anil Kapoor द्वारा होस्ट किए जाने वाले आगामी रियलिटी शो 'इंडिया के टॉप 1%' के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुके हैं।

यह शो उन लोगों की तलाश में है जो मानते हैं कि उनके पास ऐसी बुद्धिमत्ता, समझदारी और तेज़ सोच है, जो उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिला सकती है। अन्य टैलेंट-आधारित प्रतियोगिताओं से अलग, 'इंडिया के टॉप 1%' में प्रतिभागियों की परख ऐसे सवालों और चुनौतियों के माध्यम से की जाएगी, जो तर्कशक्ति, अवलोकन क्षमता, सामान्य ज्ञान, समझदारी और तुरंत निर्णय लेने की योग्यता को परखेंगी।

जीवन के हर क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए खुला यह शो आम भारतीयों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और सोच का प्रदर्शन करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। चाहे आप छात्र हों, नौकरीपेशा पेशेवर, गृहिणी, उद्यमी या फिर कोई ऐसे व्यक्ति जो समस्याओं को हल करने और दिमागी चुनौतियों का आनंद लेते हों, यह आपके लिए देश के सबसे तेज़ और होशियार दिमागों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका हो सकता है।

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dream,TV could, Register,Anil Kapoor, Hindi news">टीवी पर आने का सपना हो सकता है सच: Anil Kapoor के नए रियलिटी शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ के लिए अभी करें रजिस्ट्रेशन

टीवी पर आने का सपना हो सकता है सच: Anil Kapoor के नए रियलिटी शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ के लिए अभी करें रजिस्ट्रेशन   देशभर के लाखों लोगों का सपना होता है कि वे एक दिन टेलीविज़न पर नज़र आएं। अब यह सपना सच होने के एक कदम और करीब आ सकता है, क्योंकि अभिनेता Anil Kapoor द्वारा होस्ट किए जाने वाले आगामी रियलिटी शो 'इंडिया के टॉप 1%' के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुके हैं।

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अगर आपने कभी सोचा है कि क्या आप भारत के सबसे तेज़ और होशियार लोगों में शामिल हो सकते हैं, तो खुद को साबित करने का यह सुनहरा मौका आपके लिए हो सकता है। 'इंडिया के टॉप 1%' जल्द ही स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा।

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योग दिवस : परिषदीय विद्यालयों में गूंजा 'स्वस्थ जीवन' का मंत्र, 1.42 करोड़ बच्चों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
	
		
			
	
	– एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार बोले- योग बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और संतुलित व्यक्तित्व का सशक्त माध्यम

	– 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

	– लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक योगाभ्यास में की सहभागिता

	International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया।
	
	गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।
	
		ALSO READ: पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ
	इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

	 

	राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

	
		
			
	


	इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

	योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

	
		ALSO READ: पहचान का संकट खड़ा करने वालों को अब दुत्कारती है जनता : योगी आदित्यनाथ


	प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

	
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	गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है।
	Edited By : Chetan Gour 

– एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार बोले- योग बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और संतुलित व्यक्तित्व का सशक्त माध्यम

– 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

– लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक योगाभ्यास में की सहभागिता

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया।

गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।

ALSO READ: पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ

इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

 

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

Uttar Pradesh set a new record for public participation on International Yoga Day

इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

ALSO READ: पहचान का संकट खड़ा करने वालों को अब दुत्कारती है जनता : योगी आदित्यनाथ

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है।
Edited By : Chetan Gour 

">योग दिवस : परिषदीय विद्यालयों में गूंजा 'स्वस्थ जीवन' का मंत्र, 1.42 करोड़ बच्चों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
	
		
			
	
	– एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार बोले- योग बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और संतुलित व्यक्तित्व का सशक्त माध्यम

	– 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

	– लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक योगाभ्यास में की सहभागिता

	International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया।
	
	गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।
	
		ALSO READ: पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ
	इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

	 

	राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

	
		
			
	


	इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

	योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

	
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	प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

	
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	गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है।
	Edited By : Chetan Gour 

पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ

इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

 

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

Uttar Pradesh set a new record for public participation on International Yoga Day

इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

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प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है।
Edited By : Chetan Gour 

">योग दिवस : परिषदीय विद्यालयों में गूंजा 'स्वस्थ जीवन' का मंत्र, 1.42 करोड़ बच्चों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

योग दिवस : परिषदीय विद्यालयों में गूंजा 'स्वस्थ जीवन' का मंत्र, 1.42 करोड़ बच्चों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
	
		
			
	
	– एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार बोले- योग बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और संतुलित व्यक्तित्व का सशक्त माध्यम

	– 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

	– लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक योगाभ्यास में की सहभागिता

	International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया।
	
	गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।
	
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	इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

	 

	राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

	
		
			
	


	इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

	योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

	
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	प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

	
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	गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है।
	Edited By : Chetan Gour 

– एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार बोले- योग बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और संतुलित व्यक्तित्व का सशक्त माध्यम

– 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

– लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक योगाभ्यास में की सहभागिता

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया।

गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।

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इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

 

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

Uttar Pradesh set a new record for public participation on International Yoga Day

इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

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प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

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Edited By : Chetan Gour 

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