सिनेजीवन: विजय के जन्मदिन पर शुभकामनाओं का सिलसिला जारी और संजय दत्त ने फादर्स डे पर बेटी त्रिशाला दत्त को दिया सरप्राइजआज के समय में ‘फेमिनिज्म’ शब्द लगातार चर्चा में रहता है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों और इंटरव्यू तक, इसकी अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं। इस बीच अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू के दौरान इस पर अपनी अलग राय पेश की है।
शिल्पा शिंदे ने कहा, “मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।”
इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को ‘थोड़ा पारंपरिक सोच वाली’ बताया। उन्होंने कहा, ”यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।”
शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ”मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।”
आईएएनएस के इनपुट के साथ
Entertainment News,Sanjay Dutt,Sara Ali Khan
आज के समय में ‘फेमिनिज्म’ शब्द लगातार चर्चा में रहता है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों और इंटरव्यू तक, इसकी अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं। इस बीच अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू के दौरान इस पर अपनी अलग राय पेश की है।
शिल्पा शिंदे ने कहा, “मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।”
इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को ‘थोड़ा पारंपरिक सोच वाली’ बताया। उन्होंने कहा, ”यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।”
शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ”मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।”
आईएएनएस के इनपुट के साथ



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