सुशांत सिंह राजपूत को याद कर भावुक हुए ‘मणिकर्णिका’ और ‘मदारी’ के निर्माता, अनदेखी तस्वीर आई सामने
Sushant Singh Rajpur Kamal Jain: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पुण्यतिथि पर फिल्म निर्माता कमल जैन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर सुशांत के साथ अपनी एक अनदेखी तस्वीर साझा करते हुए एक भावुक नोट लिखा, जिसने अभिनेता के प्रशंसकों और फिल्म प्रेमियों को भावुक कर दिया। आज भी सुशांत की यादें, उनकी उपलब्धियाँ और भारतीय सिनेमा में उनका योगदान लोगों के दिलों में जीवित हैं।
कमल जैन भारतीय फिल्म उद्योग का एक जाना-माना नाम हैं। एक सफल निर्माता होने के साथ-साथ वे पूर्व में ईरॉस इंटरनेशनल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) भी रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने कई बड़े बजट और सफल फिल्मों की रणनीति और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वतंत्र निर्माता के रूप में उन्होंने मदारी और मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी जैसी चर्चित फिल्में निर्मित की हैं। इसके अलावा, सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत सुपरहिट बायोपिक एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी के पीछे भी वे एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक और रणनीतिक सहयोगी के रूप में जुड़े रहे। सुशांत के करियर के कई अहम् पड़ावों पर कमल जैन ने उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें निरंतर समर्थन दिया।
सुशांत के साथ अपनी एक खास तस्वीर साझा करते हुए, कमल जैन ने उन यादों को ताजा किया, जब दोनों ने साथ मिलकर बड़े सपने देखे थे। उन्होंने लिखा कि उनका रिश्ता केवल पेशेवर नहीं था, बल्कि विश्वास, मेहनत, जुनून और साझा आकांक्षाओं पर आधारित एक गहरा मानवीय संबंध था। उन्होंने याद किया कि कैसे वे दोनों मिलकर भविष्य की योजनाएं बनाते थे और असंभव को संभव बनाने का सपना देखते थे।
अपने भावुक संदेश में कमल जैन ने कहा कि सुशांत की विरासत आज भी करोड़ों लोगों को बड़े सपने देखने, अलग सोचने और अपने लक्ष्यों का निडर होकर पीछा करने के लिए प्रेरित करती है। उनके अनुसार, सुशांत का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्ची लगन, जिज्ञासा और अथक मेहनत किसी भी व्यक्ति को असाधारण बना सकती है। कमल जैन द्वारा साझा की गई यह अनदेखी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। प्रशंसकों ने अभिनेता की फिल्मों, उनके व्यक्तित्व और उनकी प्रेरणादायक यात्रा को याद करते हुए भावुक प्रतिक्रियाएँ दीं। टेलीविज़न से अपने करियर की शुरुआत कर बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में अपनी पहचान बनाने वाले सुशांत आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
उनके निधन के वर्षों बाद भी सुशांत सिंह राजपूत की विरासत उनके काम, ज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और उन सपनों के माध्यम से जीवित है, जिन्हें उन्होंने लाखों लोगों के भीतर जगाया। फिल्म जगत और प्रशंसकों की ओर से श्रद्धांजलियों के बीच कमल जैन का यह भावुक संदेश उन अनमोल यादों की याद दिलाता है, जो सुशांत अपने साथ काम करने वाले लोगों, अपने दोस्तों और अपने चाहने वालों के दिलों में छोड़ गए हैं।
Sushant Singh Rajpur Kamal Jain: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पुण्यतिथि पर फिल्म निर्माता कमल जैन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर सुशांत के साथ अपनी एक अनदेखी तस्वीर साझा करते हुए एक भावुक नोट लिखा, जिसने अभिनेता के प्रशंसकों और फिल्म प्रेमियों को भावुक कर दिया। आज भी सुशांत की यादें, उनकी उपलब्धियाँ और भारतीय सिनेमा में उनका योगदान लोगों के दिलों में जीवित हैं।
कमल जैन भारतीय फिल्म उद्योग का एक जाना-माना नाम हैं। एक सफल निर्माता होने के साथ-साथ वे पूर्व में ईरॉस इंटरनेशनल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) भी रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने कई बड़े बजट और सफल फिल्मों की रणनीति और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वतंत्र निर्माता के रूप में उन्होंने मदारी और मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी जैसी चर्चित फिल्में निर्मित की हैं। इसके अलावा, सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत सुपरहिट बायोपिक एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी के पीछे भी वे एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक और रणनीतिक सहयोगी के रूप में जुड़े रहे। सुशांत के करियर के कई अहम् पड़ावों पर कमल जैन ने उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें निरंतर समर्थन दिया।
सुशांत के साथ अपनी एक खास तस्वीर साझा करते हुए, कमल जैन ने उन यादों को ताजा किया, जब दोनों ने साथ मिलकर बड़े सपने देखे थे। उन्होंने लिखा कि उनका रिश्ता केवल पेशेवर नहीं था, बल्कि विश्वास, मेहनत, जुनून और साझा आकांक्षाओं पर आधारित एक गहरा मानवीय संबंध था। उन्होंने याद किया कि कैसे वे दोनों मिलकर भविष्य की योजनाएं बनाते थे और असंभव को संभव बनाने का सपना देखते थे।
अपने भावुक संदेश में कमल जैन ने कहा कि सुशांत की विरासत आज भी करोड़ों लोगों को बड़े सपने देखने, अलग सोचने और अपने लक्ष्यों का निडर होकर पीछा करने के लिए प्रेरित करती है। उनके अनुसार, सुशांत का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्ची लगन, जिज्ञासा और अथक मेहनत किसी भी व्यक्ति को असाधारण बना सकती है। कमल जैन द्वारा साझा की गई यह अनदेखी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। प्रशंसकों ने अभिनेता की फिल्मों, उनके व्यक्तित्व और उनकी प्रेरणादायक यात्रा को याद करते हुए भावुक प्रतिक्रियाएँ दीं। टेलीविज़न से अपने करियर की शुरुआत कर बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में अपनी पहचान बनाने वाले सुशांत आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
उनके निधन के वर्षों बाद भी सुशांत सिंह राजपूत की विरासत उनके काम, ज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और उन सपनों के माध्यम से जीवित है, जिन्हें उन्होंने लाखों लोगों के भीतर जगाया। फिल्म जगत और प्रशंसकों की ओर से श्रद्धांजलियों के बीच कमल जैन का यह भावुक संदेश उन अनमोल यादों की याद दिलाता है, जो सुशांत अपने साथ काम करने वाले लोगों, अपने दोस्तों और अपने चाहने वालों के दिलों में छोड़ गए हैं।
Ayodhya Ram Mandir donation dispute : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के विकल्पों पर हो सकती है चर्चा
जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। इसको लेकर सरगर्मी चरम पर है। पुलिस व एसआईटी जांच के बीच होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा को यदि हटाया गया तो इनके स्थान पर नए सदस्यों की नियुक्ति भी तय है।
महंत नृत्यगोपालदास करेंगे बैठक की अध्यक्षता
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, नृपेंद्र मिश्रा, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ सहित अन्य कुछ सदस्यों के सोमवार को सुबह पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता ट्रस्टी के पारासरन सहित कुछ अन्य वर्चुअल रूप से बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास करेंगे। बैठक में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की आडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
जिलाधिकारी ने किया बैठक स्थल का निरीक्षण
रविवार शाम जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मणिराजदास जी की छावनी गए। बैठक स्थल का निरीक्षण किया। सुरक्षा आदि मानकों को भी परखा। 6 जून को मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे।
चढ़ावा विवाद पर मोहन भागवत ने दिया यह बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी सामने आया है। मोहन भागवत ने इस विवाद पर RSS महासचिव दतात्रेय होसवोले के बयान का सर्मथन किया। मोहन भागवत ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान में हेराफेरी के आरोपों पर संगठन के आधिकारिक रुख का ज़िक्र किया। उन्होंने संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें इस घटना को बेहद निंदनीय बताया गया था और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की गई थी।
चढ़ावा विवाद पर क्या बोले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि?
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि रामलला के दरबार में हुई चोरी की घटना से वह व्यक्तिगत रूप से बेहद आहत, दुखी और लज्जित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष होने के बावजूद उनकी भूमिका दैनिक नकदी प्रबंधन या दान की गिनती में प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहती थी।
लेखक के बारे में
चेतन गौड़
Ayodhya Ram Mandir donation controversy, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, meeting, Champat Rai, Anil Mishra, Ayodhya temple donation dispute, Mohan Bhagwat, Govind Dev Giri Maharaj, Shri Ram Janmabhoomi Ayodhya अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, बैठक, चंपत राय, अनिल मिश्रा, अयोध्या मंदिर दान विवाद, मोहन भागवत, गोविंददेव गिरि महाराज, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या">
Ayodhya Ram Mandir donation dispute : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के विकल्पों पर हो सकती है चर्चा
जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। इसको लेकर सरगर्मी चरम पर है। पुलिस व एसआईटी जांच के बीच होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा को यदि हटाया गया तो इनके स्थान पर नए सदस्यों की नियुक्ति भी तय है।
महंत नृत्यगोपालदास करेंगे बैठक की अध्यक्षता
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, नृपेंद्र मिश्रा, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ सहित अन्य कुछ सदस्यों के सोमवार को सुबह पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता ट्रस्टी के पारासरन सहित कुछ अन्य वर्चुअल रूप से बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास करेंगे। बैठक में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की आडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
जिलाधिकारी ने किया बैठक स्थल का निरीक्षण
रविवार शाम जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मणिराजदास जी की छावनी गए। बैठक स्थल का निरीक्षण किया। सुरक्षा आदि मानकों को भी परखा। 6 जून को मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे।
चढ़ावा विवाद पर मोहन भागवत ने दिया यह बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी सामने आया है। मोहन भागवत ने इस विवाद पर RSS महासचिव दतात्रेय होसवोले के बयान का सर्मथन किया। मोहन भागवत ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान में हेराफेरी के आरोपों पर संगठन के आधिकारिक रुख का ज़िक्र किया। उन्होंने संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें इस घटना को बेहद निंदनीय बताया गया था और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की गई थी।
चढ़ावा विवाद पर क्या बोले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि?
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि रामलला के दरबार में हुई चोरी की घटना से वह व्यक्तिगत रूप से बेहद आहत, दुखी और लज्जित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष होने के बावजूद उनकी भूमिका दैनिक नकदी प्रबंधन या दान की गिनती में प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहती थी।
लेखक के बारे में
चेतन गौड़
Ayodhya Ram Mandir donation controversy, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, meeting, Champat Rai, Anil Mishra, Ayodhya temple donation dispute, Mohan Bhagwat, Govind Dev Giri Maharaj, Shri Ram Janmabhoomi Ayodhya अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, बैठक, चंपत राय, अनिल मिश्रा, अयोध्या मंदिर दान विवाद, मोहन भागवत, गोविंददेव गिरि महाराज, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या">अयोध्या चढ़ावा विवाद को लेकर सोमवार को होगी ट्रस्ट की बैठक, ट्रस्टी चंपत राय समेत कई अहम मुद्दों पर होगा फैसला
Ayodhya Ram Mandir donation dispute : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के विकल्पों पर हो सकती है चर्चा
जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। इसको लेकर सरगर्मी चरम पर है। पुलिस व एसआईटी जांच के बीच होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा को यदि हटाया गया तो इनके स्थान पर नए सदस्यों की नियुक्ति भी तय है।
महंत नृत्यगोपालदास करेंगे बैठक की अध्यक्षता
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, नृपेंद्र मिश्रा, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ सहित अन्य कुछ सदस्यों के सोमवार को सुबह पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता ट्रस्टी के पारासरन सहित कुछ अन्य वर्चुअल रूप से बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास करेंगे। बैठक में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की आडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
जिलाधिकारी ने किया बैठक स्थल का निरीक्षण
रविवार शाम जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मणिराजदास जी की छावनी गए। बैठक स्थल का निरीक्षण किया। सुरक्षा आदि मानकों को भी परखा। 6 जून को मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे।
चढ़ावा विवाद पर मोहन भागवत ने दिया यह बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी सामने आया है। मोहन भागवत ने इस विवाद पर RSS महासचिव दतात्रेय होसवोले के बयान का सर्मथन किया। मोहन भागवत ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान में हेराफेरी के आरोपों पर संगठन के आधिकारिक रुख का ज़िक्र किया। उन्होंने संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें इस घटना को बेहद निंदनीय बताया गया था और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की गई थी।
चढ़ावा विवाद पर क्या बोले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि?
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि रामलला के दरबार में हुई चोरी की घटना से वह व्यक्तिगत रूप से बेहद आहत, दुखी और लज्जित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष होने के बावजूद उनकी भूमिका दैनिक नकदी प्रबंधन या दान की गिनती में प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहती थी।
लेखक के बारे में
चेतन गौड़
Ayodhya Ram Mandir donation controversy, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, meeting, Champat Rai, Anil Mishra, Ayodhya temple donation dispute, Mohan Bhagwat, Govind Dev Giri Maharaj, Shri Ram Janmabhoomi Ayodhya अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, बैठक, चंपत राय, अनिल मिश्रा, अयोध्या मंदिर दान विवाद, मोहन भागवत, गोविंददेव गिरि महाराज, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या
वायरल वीडियो के बाद इंटरनेट पर लोग पागलों की तरह इस लड़की को ढूंढते हुए नजर आ रहे हैं। अब इसी बीच सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने दावा किया है कि इस लड़की का नाम राबिया अनम उबैद है। जो पाकिस्तान की मशहूर टीवी होस्ट और जनरलिस्ट है। अभी के वक्त में दुबई में रहती है और लोग उनके नाम से इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं। इसके AI शॉर्ट वीडियो भी बना रहे हैं।
क्या सच में वीडियो में हैं राबिया अनम उबैद?
अगर आपको भी लगता है कि यह वायरल हो रहा वीडियो सच है तो आपको बता दें कि इसका फैक्ट चेक करना बाकि है। जब इस वीडियो की जांच की गई तो पता चला कि यह वीडियो किसी असली महिला का नहीं है। इसको AI से बनाया गया है और यह एक डिजिटल कैरेक्टर है।
इस वीडियो की पोल तब सामने आई जब इंटरनेट पर इसी लड़की के कुछ और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। हर अलग-अलग फुटबॉल मैच में यह लड़की एक जैसे कपड़ों और एक ही स्टाइल में बैठी हुई नजर आ रही है। जो असल जिंदगी में पूरी तरीके से नामुमकिन है।
पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार राबिया अनम उबैद का इस वीडियो से कोई भी लेना देना नहीं है। वो जियो न्यूज़ और ग्रीन
वायरल वीडियो के बाद इंटरनेट पर लोग पागलों की तरह इस लड़की को ढूंढते हुए नजर आ रहे हैं। अब इसी बीच सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने दावा किया है कि इस लड़की का नाम राबिया अनम उबैद है। जो पाकिस्तान की मशहूर टीवी होस्ट और जनरलिस्ट है। अभी के वक्त में दुबई में रहती है और लोग उनके नाम से इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं। इसके AI शॉर्ट वीडियो भी बना रहे हैं।
क्या सच में वीडियो में हैं राबिया अनम उबैद?
अगर आपको भी लगता है कि यह वायरल हो रहा वीडियो सच है तो आपको बता दें कि इसका फैक्ट चेक करना बाकि है। जब इस वीडियो की जांच की गई तो पता चला कि यह वीडियो किसी असली महिला का नहीं है। इसको AI से बनाया गया है और यह एक डिजिटल कैरेक्टर है।
इस वीडियो की पोल तब सामने आई जब इंटरनेट पर इसी लड़की के कुछ और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। हर अलग-अलग फुटबॉल मैच में यह लड़की एक जैसे कपड़ों और एक ही स्टाइल में बैठी हुई नजर आ रही है। जो असल जिंदगी में पूरी तरीके से नामुमकिन है।
पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार राबिया अनम उबैद का इस वीडियो से कोई भी लेना देना नहीं है। वो जियो न्यूज़ और ग्रीन
">FIFA मैच से दुनिया भर में छा गई सिर पर पल्लू लिए मासूम सी लड़की, खूबसूरत हसीना की हकीकत है खौफनाक
Viral Fifa Woman: सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल होता हुआ नजर आ रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि Alforat TV के कैमरामैन FIFA वूमेन फुटबॉल इवेंट के वक्त अचानक से खूबसूरत लड़की की तरफ कैमरा घुमा दिया। इसके बाद इस लड़की की मुस्कान और सादगी के लोग दीवाने होते हुए नजर आ रहे हैं और वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो के बाद इंटरनेट पर लोग पागलों की तरह इस लड़की को ढूंढते हुए नजर आ रहे हैं। अब इसी बीच सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने दावा किया है कि इस लड़की का नाम राबिया अनम उबैद है। जो पाकिस्तान की मशहूर टीवी होस्ट और जनरलिस्ट है। अभी के वक्त में दुबई में रहती है और लोग उनके नाम से इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं। इसके AI शॉर्ट वीडियो भी बना रहे हैं।
क्या सच में वीडियो में हैं राबिया अनम उबैद?
अगर आपको भी लगता है कि यह वायरल हो रहा वीडियो सच है तो आपको बता दें कि इसका फैक्ट चेक करना बाकि है। जब इस वीडियो की जांच की गई तो पता चला कि यह वीडियो किसी असली महिला का नहीं है। इसको AI से बनाया गया है और यह एक डिजिटल कैरेक्टर है।
इस वीडियो की पोल तब सामने आई जब इंटरनेट पर इसी लड़की के कुछ और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। हर अलग-अलग फुटबॉल मैच में यह लड़की एक जैसे कपड़ों और एक ही स्टाइल में बैठी हुई नजर आ रही है। जो असल जिंदगी में पूरी तरीके से नामुमकिन है।
पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार राबिया अनम उबैद का इस वीडियो से कोई भी लेना देना नहीं है। वो जियो न्यूज़ और ग्रीन
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