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20 साल की जरूरतों के हिसाब से बदलेगी इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था, पुरानी पाइप लाइन बदलेंगे

20 साल की जरूरतों के हिसाब से बदलेगी इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था, पुरानी पाइप लाइन बदलेंगे

केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रस्तावित नई परियोजना में पुरानी पाइप लाइन बदलने से लेकर नए क्षेत्रों तक जलापूर्ति नेटवर्क का विस्तार, प्रत्य…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 10:20:38 AM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 10:20:38 AM (IST)

सुधरेगी इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शहरी विकास: अर्बन चैलेंज फंड के तहत नई परियोजना की तैयारी
  2. हर जोन में रियल-टाइम मानिटरिंग और स्वचालित क्लोरीनेशन सिस्टम होगा
  3. इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर की बढ़ती आबादी और अगले दो दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रस्तावित नई परियोजना में पुरानी पाइप लाइन बदलने से लेकर नए क्षेत्रों तक जलापूर्ति नेटवर्क का विस्तार, प्रत्येक जोन में समान जलदाब, रियल-टाइम जल गुणवत्ता निगरानी और स्वचालित क्लोरीनेशन जैसी तकनीकें शामिल होंगी। सांसद शंकर लालवानी ने अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

हाल ही में नई दिल्ली में अर्बन चैलेंज फंड से संबंधित संसदीय समिति की अध्यक्षता करने के बाद सांसद शंकर लालवानी ने सोमवार को इंदौर में केंद्रीय और स्थानीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संयुक्त निदेशक तिमन सिंह, जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ अमित गौर तथा शहरी नियोजन विशेषज्ञ विशाल जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को वर्ष 2045 तक की संभावित आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जहां पुरानी पाइप लाइनें जर्जर हो चुकी हैं, वहां उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। वहीं तेजी से विकसित हो रहे नए इलाकों में बड़े व्यास वाली पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को भी पर्याप्त पानी मिल सके।

उपचारित पानी के लिए अलग नेटवर्क की तैयारी

परियोजना में ड्यूल पाइप लाइन सिस्टम का भी प्रस्ताव है। इसके तहत पेयजल और उपचारित (ट्रीटेड) पानी की अलग-अलग पाइप लाइन विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में शहर के कई उद्यानों, मैरिज गार्डन और हरित क्षेत्रों में उपचारित पानी का उपयोग हो रहा है। भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे पेयजल की बचत भी होगी।

हर जोन में मिलेगा लगभग समान जलदाब

नई व्यवस्था के तहत शहर के प्रत्येक जलापूर्ति जोन में आधुनिक प्रेशर मानिटरिंग और प्रेशर मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। यह प्रणाली हर क्षेत्र में पानी के दबाव की रियल-टाइम निगरानी करेगी। जरूरत पड़ने पर दबाव स्वतः नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे ऊंचे और दूरस्थ क्षेत्रों तक भी लगभग समान जलदाब से पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पानी की गुणवत्ता पर रहेगी हर पल नजर

परियोजना के तहत प्रत्येक जोन में स्वचालित क्लोरीनेशन सिस्टम और रियल-टाइम वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्थापित की जाएगी। क्लोरीन की मात्रा, पानी की शुद्धता और अन्य गुणवत्ता मानकों की लगातार निगरानी होगी। यदि किसी क्षेत्र में गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी सामने आती है तो इसकी सूचना तत्काल केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को मिलेगी, जिससे समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

प्रस्तावित परियोजना की प्रमुख बातें

  • अगले 20 वर्षों की जरूरतों के अनुसार बनेगी नई जलापूर्ति योजना।
  • जर्जर और पुरानी पाइप लाइन चरणबद्ध तरीके से बदली जाएगी।
  • नए विकसित क्षेत्रों में बड़े व्यास की पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
  • प्रत्येक जोन में समान जलदाब सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट प्रेशर कंट्रोल सिस्टम।
  • हर जोन में स्वचालित क्लोरीनेशन और रियल-टाइम जल गुणवत्ता निगरानी।
  • उपचारित और पेयजल के लिए ड्यूल पाइप लाइन सिस्टम पर भी काम।
  • परियोजना की डीपीआर शीघ्र तैयार करने के निर्देश।

क्या है अर्बन चैलेंज फंड?

  • केंद्र सरकार की लगभग एक लाख करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी शहरी अवसंरचना योजना।
  • उद्देश्य शहरों में भविष्य उन्मुख और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना।
  • जलापूर्ति, सीवरेज, शहरी परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आधारभूत परियोजनाओं को वित्तीय सहायता।
  • परियोजनाओं में तकनीक आधारित प्रबंधन, दक्षता और दीर्घकालिक स्थायित्व पर विशेष जोर।
  • इंदौर की प्रस्तावित जलापूर्ति परियोजना भी इसी फंड के तहत तैयार की जा रही है, जिससे शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप टिकाऊ और आधुनिक जल वितरण प्रणाली विकसित करने का लक्ष्य है।

फैक्ट फाइल

  • 3000 किमी – लंबी लाइन है शहर में पानी की
  • 800 किमी – लाइन जर्जर हालत में है
  • दो लाख 75 हजार – घरेलू जल कनेक्शन हैं शहर में
  • 109 – टंकियां हैं पानी की
  • 40 – नई टंकियां बनाई जाना है शहर में

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