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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार (Kakoli Ghosh Dastidar) के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ममता बनर्जी पार्टी के भीतर उभर रहे इस संकट और असंतोष से कैसे निपटती हैं।
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मनोचिकित्सक डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी, कल्याण बनर्जी (Kalyan Banerjee), सौगात रॉय (Sougata Roy), महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और सोनाली गुहा (Sonali Guha) को संबोधित एक पत्र में कहा है कि उनके बारे में किए गए दावे पूरी तरह झूठे हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी में बगावत की स्थिति बनी हुई है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार को पार्टी के भीतर असंतुष्ट गुट का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में 18 सांसदों का समर्थन उन्हें प्राप्त है और इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पत्र पर हस्ताक्षर भी किए हैं। काकोली, जिन्हें कभी ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था, संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे चुकी हैं।
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पार्टी में बढ़ते असंतोष को देखते हुए ममता बनर्जी संगठन में बड़े बदलाव कर चुकी हैं। उन्होंने सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) को युवा तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं माला रॉय की जगह अलीफा अहमद को महिला विंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ममता बनर्जी के लिए चुनौती तब और बढ़ गई जब वरिष्ठ टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी कथित तौर पर बागी खेमे के संपर्क में दिखाई दिए। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भुपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद उनके रुख को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बैद्यनाथ ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था। उन्होंने यह भी कहा कि सोनाली गुहा द्वारा लगाए गए आरोप, जिनमें उनकी और उनकी मां के नियमित रूप से शराब सेवन करने की बात कही गई थी, पूरी तरह निराधार और असत्य हैं।
उन्होंने कहा कि इन बयानों के खिलाफ वह कानूनी नोटिस भेजेंगे और सार्वजनिक माफी की मांग करेंगे। यदि उचित जवाब नहीं मिला तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
अपने पत्र में बैद्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक विवाद, गुटबाजी या आंतरिक संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने नेताओं से उनके नाम, पहचान, पेशे और पारिवारिक परिस्थितियों का राजनीतिक बहस या सार्वजनिक चर्चाओं में उपयोग नहीं करने की अपील की है। Edited by : Sudhir Sharma
">Mamata Banerjee : TMC में बगावत तेज, काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी समेत 5 नेताओं पर ठोका मानहानि का मुकदमा

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यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी में बगावत की स्थिति बनी हुई है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार को पार्टी के भीतर असंतुष्ट गुट का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में 18 सांसदों का समर्थन उन्हें प्राप्त है और इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पत्र पर हस्ताक्षर भी किए हैं। काकोली, जिन्हें कभी ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था, संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे चुकी हैं।
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ममता बनर्जी के लिए चुनौती तब और बढ़ गई जब वरिष्ठ टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी कथित तौर पर बागी खेमे के संपर्क में दिखाई दिए। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भुपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद उनके रुख को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बैद्यनाथ ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था। उन्होंने यह भी कहा कि सोनाली गुहा द्वारा लगाए गए आरोप, जिनमें उनकी और उनकी मां के नियमित रूप से शराब सेवन करने की बात कही गई थी, पूरी तरह निराधार और असत्य हैं।
उन्होंने कहा कि इन बयानों के खिलाफ वह कानूनी नोटिस भेजेंगे और सार्वजनिक माफी की मांग करेंगे। यदि उचित जवाब नहीं मिला तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
अपने पत्र में बैद्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक विवाद, गुटबाजी या आंतरिक संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने नेताओं से उनके नाम, पहचान, पेशे और पारिवारिक परिस्थितियों का राजनीतिक बहस या सार्वजनिक चर्चाओं में उपयोग नहीं करने की अपील की है। Edited by : Sudhir Sharma
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