Jason Kidd’s Fan-favorite Nike Shoes From the ’90s Are Finally Making Their Long-awaited Return
One of Nike’s most memorable — yet rarely reissued — basketball sneakers of the 1990s…
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जिले के पहलगाम के अवूरा इलाके में शनिवार रात को बादल फटने के बाद तबाही…
Jannik Sinner retained his Wimbledon title by beating Alexander Zverev 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 in the final on Sunday to claim his fifth Grand Slam crown and extend his dominance over the German to 10 straight victories.
The win placed Sinner in rare company as the 10th man in the professional era to successfully defend the title, strengthening his credentials as one of the dominant players of his generation while he chases down big rival Carlos Alcaraz’s seven majors.
Both finalists slugged it out for 12 games in a high-octane first set on a warm and windy afternoon, before Zverev moved up a gear and hit a powerful forehand winner to clinch a gripping tiebreak, yelling and crouching down in celebration.
The clean ball-striking continued but Zverev began to show signs of frustration late in the second set, where a much more animated Sinner gained the upper hand in the tiebreak and went on to level the contest at one set apiece.
Zverev brought up his first break point midway through the third set after more than 2-1/2 hours, but slipped and fell to the ground after being wrong-footed by a Sinner drop shot. With Zverev screaming out in agony, the Centre Court crowd gasped when he rolled onto his back clutching his right knee.
The second seed dusted himself off and carried on but was left seething when Sinner pounced in the next game to break for a 5-3 lead, slamming his racket to the floor, and soon found himself trailing the Italian two-sets-to-one after nearly three hours of battle.
Sinner broke again for a 4-3 advantage in the fourth set as Zverev’s level briefly dipped, and the 24-year-old held firm in an entertaining spell to complete the victory and then collapsed to the threadbare turf in celebration.
Published on Jul 13, 2026
Jannik Sinner retained his Wimbledon title by beating Alexander Zverev 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 in the final on Sunday to claim his fifth Grand Slam crown and extend his dominance over the German to 10 straight victories.
The win placed Sinner in rare company as the 10th man in the professional era to successfully defend the title, strengthening his credentials as one of the dominant players of his generation while he chases down big rival Carlos Alcaraz’s seven majors.
Both finalists slugged it out for 12 games in a high-octane first set on a warm and windy afternoon, before Zverev moved up a gear and hit a powerful forehand winner to clinch a gripping tiebreak, yelling and crouching down in celebration.
The clean ball-striking continued but Zverev began to show signs of frustration late in the second set, where a much more animated Sinner gained the upper hand in the tiebreak and went on to level the contest at one set apiece.
Zverev brought up his first break point midway through the third set after more than 2-1/2 hours, but slipped and fell to the ground after being wrong-footed by a Sinner drop shot. With Zverev screaming out in agony, the Centre Court crowd gasped when he rolled onto his back clutching his right knee.
The second seed dusted himself off and carried on but was left seething when Sinner pounced in the next game to break for a 5-3 lead, slamming his racket to the floor, and soon found himself trailing the Italian two-sets-to-one after nearly three hours of battle.
Sinner broke again for a 4-3 advantage in the fourth set as Zverev’s level briefly dipped, and the 24-year-old held firm in an entertaining spell to complete the victory and then collapsed to the threadbare turf in celebration.
Published on Jul 13, 2026
Jannik Sinner retained his Wimbledon title by beating Alexander Zverev 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 in…
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। हातोद रोड पर बीएसएफ परिसर में स्थित बुढानिया पथरीली पहाड़ी अब हरियाली…
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई…
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