‘धुरंधर 2’ के सामने ‘डकैत’ ने दिखाई हिम्मत; दूसरे दिन किया इतना कलेक्शन
Source link
#धरधर #क #समन #डकत #न #दखई #हममत #दसर #दन #कय #इतन #कलकशन
Deadspin | AD: Dusty May, Michigan reach agreement on new contract <div id=""><section id="0" class=" w-full"><div class="xl:container mx-0 !px-4 py-0 pb-4 !mx-0 !px-0"><img src="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28706952.jpg" srcset="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28706952.jpg" alt="Syndication: Detroit Free Press" class="w-full" fetchpriority="high" loading="eager"/><span class="text-0.8 leading-tight">Dusty May, head coach of the University of Michigan men’s basketball team, waves to fans alongside his wife, Anna May, while riding in a parade honoring the team’s NCAA national championship in Ann Arbor on Saturday, April 11, 2026.<!-- --> <!-- --> </span></div></section><section id="section-1"> <p>Dusty May is being rewarded for guiding Michigan to its second national championship and winningest season in program history.</p> </section><section id="section-2"> <p>Wolverines athletic director Warde Manuel announced Saturday that May has reached an agreement on a contract extension. </p> </section><section id="section-3"> <p>“He will be the leader of this basketball team for many years to come,” Manuel said of May on Saturday while speaking at Michigan’s national title celebration event at Crisler Center.</p> </section><br/><section id="section-4"> <p>May, 49, has turned around the Wolverines in short order, posting a 64-13 during his two seasons at the school. They capped a 37-3 season by recording a 69-63 victory over UConn on Monday.</p> </section> <section id="section-5"> <p>The run of success was welcome after Michigan lost a program-record 24 games before he was hired.</p> </section><section id="section-6"> <p>“I’m very grateful, and during the (NCAA) Tournament, I just told Warde I’m not leaving,” May said on Big Ten Network. “And I probably ruined any leverage I could have had. It’s an honor to coach at this great institution, and I just look forward to what’s next.”</p> </section><section id="section-7"> <p>May took Florida Atlantic on a shocking run to the Final Four in 2023 and compiled a 126-69 record there in six seasons (2018-24) before replacing Juwan Howard at Michigan.</p> </section><br/><section id="section-8"> <p>–Field Level Media</p> </section> </div> #Deadspin #Dusty #Michigan #reach #agreement #contract
Related Posts

पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं
केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दी है। वहीं ATF (विमान ईंधन) इस पर लेवी 29.5 रुपए से बढ़ाकर 42 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे इसका कारोबार प्रभावित नहीं होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि देश के अंदर पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
ALSO READ: UP में पेट्रोल, डीजल और LPG की कालाबाजारी पर शिकंजा, 23 हजार से ज्यादा छापे और 238 FIR
शांति वार्ता के बाद तेल कीमतें और नीचे आ सकती हैं
डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट बढ़ाना सरकार के घरेलू एनर्जी सुरक्षित करने का रणनीतिक हिस्सा है। हालांकि इससे तेल कंपनियों के कारोबार पर असर हो सकता है और उनका बिजनेस ज्यादा प्रभावित होगा, जो दूसरे देशों में रिफाइन डीजल और जेट फ्यूल की सप्लाई करते थे। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर लागू होने से ब्रेंड क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बने हुए हैं और उम्मीद की जा रही है कि शांति वार्ता के बाद तेल कीमतें और नीचे आ सकती हैं, लेकिन अभी रिस्क बना हुआ है।
ALSO READ: रूस का पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध : क्या भारत में महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल? जानें पूरा गणित
क्या होगा आपकी जेब पर असर?
वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच सरकार का यह कदम देश के अंदर ईंधन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। राहत की बात यह है कि इस फैसले का आपकी जेब पर कोई सीधा या नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। देश के अंदर पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल की कीमतों का इस एक्सपोर्ट ड्यूटी से सीधा लेना-देना नहीं है।
ALSO READ: पाकिस्तान में 135 रुपए सस्ता हुआ डीजल, क्या है पेट्रोल के दाम?
सरकार का यह कदम विंडफॉल टैक्स फ्रेमवर्क का हिस्सा है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि निर्यातक कंपनियां कीमतों के इस अंतर का अनुचित फायदा न उठा सकें। सरकार की ओर से डीजल पर निर्यात शुल्क में की गई 34 रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का मकसद घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
Edited By : Chetan Gour

Central Government's big Decision : केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दी है। वहीं ATF (विमान ईंधन) इस पर लेवी 29.5 रुपए से बढ़ाकर 42 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे इसका कारोबार प्रभावित नहीं होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि देश के अंदर पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं
केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दी है। वहीं ATF (विमान ईंधन) इस पर लेवी 29.5 रुपए से बढ़ाकर 42 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे इसका कारोबार प्रभावित नहीं होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि देश के अंदर पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
ALSO READ: UP में पेट्रोल, डीजल और LPG की कालाबाजारी पर शिकंजा, 23 हजार से ज्यादा छापे और 238 FIR
शांति वार्ता के बाद तेल कीमतें और नीचे आ सकती हैं
डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट बढ़ाना सरकार के घरेलू एनर्जी सुरक्षित करने का रणनीतिक हिस्सा है। हालांकि इससे तेल कंपनियों के कारोबार पर असर हो सकता है और उनका बिजनेस ज्यादा प्रभावित होगा, जो दूसरे देशों में रिफाइन डीजल और जेट फ्यूल की सप्लाई करते थे। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर लागू होने से ब्रेंड क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बने हुए हैं और उम्मीद की जा रही है कि शांति वार्ता के बाद तेल कीमतें और नीचे आ सकती हैं, लेकिन अभी रिस्क बना हुआ है।
ALSO READ: रूस का पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध : क्या भारत में महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल? जानें पूरा गणित
क्या होगा आपकी जेब पर असर?
वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच सरकार का यह कदम देश के अंदर ईंधन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। राहत की बात यह है कि इस फैसले का आपकी जेब पर कोई सीधा या नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। देश के अंदर पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल की कीमतों का इस एक्सपोर्ट ड्यूटी से सीधा लेना-देना नहीं है।
ALSO READ: पाकिस्तान में 135 रुपए सस्ता हुआ डीजल, क्या है पेट्रोल के दाम?
सरकार का यह कदम विंडफॉल टैक्स फ्रेमवर्क का हिस्सा है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि निर्यातक कंपनियां कीमतों के इस अंतर का अनुचित फायदा न उठा सकें। सरकार की ओर से डीजल पर निर्यात शुल्क में की गई 34 रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का मकसद घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
Edited By : Chetan Gour
">डीजल को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी, तेल कंपनियों को लगेगा झटका, जानिए कितनी हुई बढ़ोतरी?

Central Government's big Decision : केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दी है। वहीं ATF (विमान ईंधन) इस पर लेवी 29.5 रुपए से बढ़ाकर 42 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे इसका कारोबार प्रभावित नहीं होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि देश के अंदर पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं
केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपए प्रति लीटर कर दी है। वहीं ATF (विमान ईंधन) इस पर लेवी 29.5 रुपए से बढ़ाकर 42 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे इसका कारोबार प्रभावित नहीं होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि देश के अंदर पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
ALSO READ: UP में पेट्रोल, डीजल और LPG की कालाबाजारी पर शिकंजा, 23 हजार से ज्यादा छापे और 238 FIR
शांति वार्ता के बाद तेल कीमतें और नीचे आ सकती हैं
डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट बढ़ाना सरकार के घरेलू एनर्जी सुरक्षित करने का रणनीतिक हिस्सा है। हालांकि इससे तेल कंपनियों के कारोबार पर असर हो सकता है और उनका बिजनेस ज्यादा प्रभावित होगा, जो दूसरे देशों में रिफाइन डीजल और जेट फ्यूल की सप्लाई करते थे। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर लागू होने से ब्रेंड क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बने हुए हैं और उम्मीद की जा रही है कि शांति वार्ता के बाद तेल कीमतें और नीचे आ सकती हैं, लेकिन अभी रिस्क बना हुआ है।
ALSO READ: रूस का पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध : क्या भारत में महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल? जानें पूरा गणित
क्या होगा आपकी जेब पर असर?
वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच सरकार का यह कदम देश के अंदर ईंधन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। राहत की बात यह है कि इस फैसले का आपकी जेब पर कोई सीधा या नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। देश के अंदर पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल की कीमतों का इस एक्सपोर्ट ड्यूटी से सीधा लेना-देना नहीं है।
ALSO READ: पाकिस्तान में 135 रुपए सस्ता हुआ डीजल, क्या है पेट्रोल के दाम?
सरकार का यह कदम विंडफॉल टैक्स फ्रेमवर्क का हिस्सा है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि निर्यातक कंपनियां कीमतों के इस अंतर का अनुचित फायदा न उठा सकें। सरकार की ओर से डीजल पर निर्यात शुल्क में की गई 34 रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का मकसद घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
Edited By : Chetan Gour

Edited By : Chetan Gour

Edited By : Chetan Gour
स्टीवन ने शेयर किया दिलचस्प किस्सा
एक इंटरव्यू में स्टीवन स्पीलबर्ग ने बताया कि फिल्म के शुरुआती दौर में वह करीब एक साल तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा, ‘मैं ‘इंटरस्टेलर’ के साथ एक साल तक जुड़ा रहा। मुझे यह बहुत दिलचस्प लगा। मैं जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी भी गया, जहां मैंने वैज्ञानिकों और एयरोस्पेस इंजीनियर्स से लंबी बातचीत की।’
उन्होंने आगे बताया कि जोनाथन नोलन ने फिल्म की शुरुआती स्क्रिप्ट पर काम किया था, लेकिन उनके निर्देशन में यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बन नहीं पाया।
स्टीवन स्पीलबर्ग ने एक दिलचस्प किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि जोनाथन नोलन ने उनसे कहा था, ‘अगर आप यह फिल्म नहीं बनाएंगे, तो मैं जानता हूं कौन इसे बनाएगा- मेरा भाई क्रिस्टोफर नोलन।’
इंटरनेट डेस्क। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने अब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर अब एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, राम गोपाल वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी गन्स एंड थाईज को दाऊद इब्राहिम को डेडिकेट किया था, लेकिन पब्लिशर्स ने उसका नाम हटा दिया।
बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दे चुके वर्मा ने कहा कि अगर दाऊद इब्राहिम नहीं होता, मैं अपनी दो आईकॉनिक फिल्म- सत्या और कंपनी नहीं बना पाता। मैं कैसे उसे अपनी किताब ना डेडिकेट करता? मैं अपनी रोजी-रोटी उसकी वजह से कमा रहा हूं।
इस दौरान राम गोपाल वर्मा ने खुलासा कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की ओर से कभी भी धमकी भरा कॉल नहीं आया। मैं इकलौता ऐसा शख्स था जिसे कभी धमकी वाला कॉल नहीं आया, इसका कारण उन्हें सत्या और कंपनी पसंद आई थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या साल 1998 में रिलीज हुई थी। मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित इस फिल्म में मनोज बाजपेयी (भीखू म्हात्रे), जे.डी. चक्रवर्ती (सत्या), उर्मिला मातोंडकर (विद्या), सौरभ शुक्ला (कल्लू मामा) और परेश रावल (इंस्पेक्टर खंडिलकर) का शानदार अभिनय देखने को मिला था।
PC:aajtak
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
इंटरनेट डेस्क। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने अब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर अब एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, राम गोपाल वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी गन्स एंड थाईज को दाऊद इब्राहिम को डेडिकेट किया था, लेकिन पब्लिशर्स ने उसका नाम हटा दिया।
बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दे चुके वर्मा ने कहा कि अगर दाऊद इब्राहिम नहीं होता, मैं अपनी दो आईकॉनिक फिल्म- सत्या और कंपनी नहीं बना पाता। मैं कैसे उसे अपनी किताब ना डेडिकेट करता? मैं अपनी रोजी-रोटी उसकी वजह से कमा रहा हूं।
इस दौरान राम गोपाल वर्मा ने खुलासा कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की ओर से कभी भी धमकी भरा कॉल नहीं आया। मैं इकलौता ऐसा शख्स था जिसे कभी धमकी वाला कॉल नहीं आया, इसका कारण उन्हें सत्या और कंपनी पसंद आई थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या साल 1998 में रिलीज हुई थी। मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित इस फिल्म में मनोज बाजपेयी (भीखू म्हात्रे), जे.डी. चक्रवर्ती (सत्या), उर्मिला मातोंडकर (विद्या), सौरभ शुक्ला (कल्लू मामा) और परेश रावल (इंस्पेक्टर खंडिलकर) का शानदार अभिनय देखने को मिला था।
PC:aajtak
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
इंटरनेट डेस्क। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने अब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर अब एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, राम गोपाल वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी गन्स एंड थाईज को दाऊद इब्राहिम को डेडिकेट किया था, लेकिन पब्लिशर्स ने उसका नाम हटा दिया।
बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दे चुके वर्मा ने कहा कि अगर दाऊद इब्राहिम नहीं होता, मैं अपनी दो आईकॉनिक फिल्म- सत्या और कंपनी नहीं बना पाता। मैं कैसे उसे अपनी किताब ना डेडिकेट करता? मैं अपनी रोजी-रोटी उसकी वजह से कमा रहा हूं।
इस दौरान राम गोपाल वर्मा ने खुलासा कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की ओर से कभी भी धमकी भरा कॉल नहीं आया। मैं इकलौता ऐसा शख्स था जिसे कभी धमकी वाला कॉल नहीं आया, इसका कारण उन्हें सत्या और कंपनी पसंद आई थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या साल 1998 में रिलीज हुई थी। मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित इस फिल्म में मनोज बाजपेयी (भीखू म्हात्रे), जे.डी. चक्रवर्ती (सत्या), उर्मिला मातोंडकर (विद्या), सौरभ शुक्ला (कल्लू मामा) और परेश रावल (इंस्पेक्टर खंडिलकर) का शानदार अभिनय देखने को मिला था।
PC:aajtak
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
Post Comment