अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाह आयोजनों में नाबालिग बालिका का विवाह रोकने के लिए दो दल गठित किए गए थे। वहीं गांव और वार्ड में सूचना के लिए लोगों को नि …और पढ़ें
HighLights
- अक्षय तृतीया पर प्रशासन की रही पैनी नजर
- इंदौर में 3 शादियां और 1 निकाह निरस्त
- जिले में 8 आयोजनों में खंगाले गए दस्तावेज
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। खजराना क्षेत्र में नाबालिग बालिका का निकाह उन्हेल निवासी युवक से होने वाला था और बारात मौके पर पहुंच चुकी थी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा गठित दल ने मौके पर पहुंचकर निकाह रुकवा दिया। दूल्हा पक्ष द्वारा दबाव बनाया गया कि कैसे निकाह रुकेगा, लेकिन दल ने भी कानूनी कार्रवाई करने की जानकारी दी तो दूल्हा पक्ष समझ गया। दल में शामिल एक टीम बारात लेकर आए आठ लोगों को उज्जैन की सीमा तक छोड़कर आई। वहीं निकाह में आए मेहमानों को भोजन कराने की अनुमति परिजनों की मांग पर दी गई। वहीं टीम द्वारा नजर भी रखी जा रही है। दुल्हन पक्ष बालिग होने पर ही निकाह करने पर राजी हो गया।
अक्षय तृतीया पर विशेष निगरानी और कार्रवाई
अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाह आयोजनों में नाबालिग बालिका का विवाह रोकने के लिए दो दल गठित किए गए थे। वहीं गांव और वार्ड में सूचना के लिए लोगों को नियुक्त किया गया। इसका असर यह हुआ कि बाल विवाह की जानकारियां मिलने लगी। रविवार को भी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गठित दलों ने तीन नाबालिग बालिकाओं के तीन विवाह और एक निकाह रुकवाया। जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि खजराना थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के विवाह की शिकायत भी मिली थी। मौके पर उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक पहुंचे।
उम्र की जांच और परिजनों की सहमति
बालिका के माता-पिता से मिलकर उसके जन्म प्रमाण की जांच की गई, तो अंकसूची में उम्र 17 वर्ष चार माह निकली। बाल विवाह कानून और सजा की जानकारी दी। परिवार ने अपनी गलती मानी और बेटी के पूर्ण बालिग होने पर ही उसका विवाह करने की सहमति दी। वधू पक्ष ने इसकी सूचना उज्जैन में वर पक्ष को दी। वहीं उज्जैन के जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी इंदौर से सूचना देकर बारात को वहीं रुकवा दिया गया।
हेल्पलाइन की सूचना पर भमोरी में रुका विवाह
हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद रुका विवाह जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिंह ने बताया कि भमोरी में 16 वर्ष की बालिका के विवाह की शिकायत हेल्पलाइन पर मिली थी। शिकायत के आधार पर दल मौके पर गया और जांच में बालिका की उम्र 16 साल सामने आई। माता-पिता को समझाया गया कि विवाह बालिग होने पर ही कराया जाए। यहां पर रतलाम से बारात आना थी। विवाह को निरस्त कराया गया।
न्यू गोविंद कॉलोनी में सगाई के बाद तैयारियां रुकीं
अगले माह होना था विवाह, कराया निरस्त न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 साल की बालिका का विवाह मई में होना था, लेकिन शिकायत के बाद पहुंची टीम ने विवाह की तैयारियां रुकवा दी। उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि बालिका के पिता नहीं हैं और मई में पिता के बड़े भाई विवाह करने वाले थे। बालिका की सगाई कुछ माह पहले गौतमपुरा के पास गांव में तय की गई थी। समझाइश के बाद परिवार बालिका के बालिग होने पर विवाह के लिए मान गए। इस दौरान दल के सदस्य देवेंद्र कुमार पाठक, संगीता सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन से प्रिया सिंह व थाना बाणगंगा से पुलिस जवान मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- ‘सस्पेंड करा दूंगा अगर…’, बालाघाट में रिश्वत मांगने के आरोपों से घिरे अधिकारी को नेता की धमकी, ऑडियो वायरल
सामूहिक विवाह समारोहों में दस्तावेजों की पड़ताल
आठ सामूहिक विवाह में जांच अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त में होने वाले सामूहिक विवाह समारोह के दौरान कम उम्र के बालक-बालिकाओं का विवाह न हो इसको लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने दो दल गठित किए थे। इन दलों ने विवाह समारोह पर नजर रखी और सामूहिक विवाह समारोह में वर-वधु की आयु के दस्तावेजों की जांच की। दल ने शनिवार और रविवार को आठ से अधिक सामूहिक विवाह समारोह में जाकर दस्तावेज जांचे।
Source link
#इदर #म #बल #ववह #पर #एकशन #शदय #और #नकह #क #परशसन #न #रकवय #नबलग #क #दसतवज #न #खल #पल



Post Comment