पुलिसकर्मियों पर अवैध व्यवसाय में लिप्त युवकों से मिलकर लाखों रुपये की वसूली का शक है। …और पढ़ें

HighLights
- यूएसडीटी डील में 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला
- पुलिसकर्मियों और गैंगस्टर से जुड़े लोगों पर मिलीभगत का आरोप
- टू-आईसी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। यूएसडीटी ब्रोकर की शिकायत पर जोन-1 के डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने कार्रवाई करते हुए एरोड्रम थाने के टू-आईसी एसआई राम शाक्य को थाने से हटाकर कार्यालय अटैच कर दिया है। पुलिसकर्मियों पर अवैध व्यवसाय में लिप्त युवकों से मिलकर लाखों रुपये की वसूली का शक है।
जनता कॉलोनी निवासी कृष्णा कौशल और सिद्धार्थ यादव द्वारा शिकायत की गई थी। दोनों पार्ट टाइम जॉब के रूप में यूएसडीटी की ब्रोकरशिप करते हैं। शुभम चौहान और हनी शर्मा नामक युवकों से यूएसडीटी खरीदने-बेचने का ऑर्डर मिलता था।
क्या है मामला
22 अप्रैल को शुभम से 25 हजार यूएसडीटी का ऑर्डर मिला था। सिद्धार्थ ने दोस्त बंडा बस्ती (महू) निवासी इमरान से चर्चा कर यूएसडीटी की डील करवा दी। सौदे के मुताबिक कृष्णा और सिद्धार्थ विद्याधाम (एरोड्रम) के पास पहुंच गए। शुभम और हनी भी एक अन्य युवक को लेकर पहुंचे और कहा कि यूएसडीटी ट्रांसफर करते ही 25 लाख रुपये कैश दे देंगे।
सिद्धार्थ ने इमरान के वॉलेट से 25 लाख रुपये कीमत की यूएसडीटी ट्रांसफर कर दी। इसी बीच एक कार आकर रुकी और पुलिसकर्मी नीचे उतरा। सिद्धार्थ और कृष्णा पुलिसवालों को देखकर भाग गए। सिपाहियों ने तलाशी ली और शुभम को थाने ले गए।
रुपये न मिलने से परेशान सिद्धार्थ और कृष्णा थाने पहुंचे तो शुभम गायब मिला। शुभम की बाइक खड़ी थी और जिस कार से सिपाही आया था, वह भी वहीं खड़ी थी।
रुपये के बदले मकान की लिखापढ़ी करवा ली
कुछ देर बाद इमरान ने गैंगस्टर सलमान लाला के भाई शादाब उर्फ सिद्धू को बुला लिया। आरोपितों ने सिद्धार्थ और कृष्णा के साथ मारपीट की और रुपये के बदले मकान की लिखापढ़ी करवा ली। इससे पहले दोनों को चंदननगर थाने भी ले जाया गया था।
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