नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। स्कूली शिक्षा विभाग के इंदौर विकासखंड (ब्लाक) शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में हुए 2.86 करोड़ रुपये के गबन में बुधवार को भृत्य सिद्धार्थ जोशी को एमजी रोड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार को अन्य आरोपी भृत्य पवन खामोद निवासी कम्पेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कम्पेल में पदस्थ था।
मामले में अतिथि शिक्षक सहित 13 के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस अब अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। मुख्य आरोपियों द्वारा आठ सह आरोपियों के कुल 33 बैंक खातों में शासकीय मद की 2 करोड़ से अधिक राशि ट्रांसफर कर गबन किया गया है। जिन खातों में यह राशि जमा हुई है, उन्हें फ्रीज कर दिया गया है। इससे पहले गिरफ्तार आरोपी जोशी के पास बीईओ और अकाउंटेंट की आईडी थी, जिससे पत्नी और बेटी के खाते में 1.75 करोड़ रुपये जमा कर लिए। यह 2009 से नौकरी में आया था।
डीईओ की भूमिका से आरोपित का इंकार
मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी के सामने पूछताछ में वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी को भी बुलाया गया। डीसीपी, टीआई सहित अन्य अधिकारियों ने आरोपित से पूछताछ की कि इनकी भी भूमिका इसमें रही है। इस पर आरोपी ने इंकार किया कि इनकी भूमिका इसमें नहीं रही है। हालाकि पुलिस मामले में इंदौर कार्यालय में पदस्थ रहे कई अधिकारियों की जांच की जा रही है।
स्कूली शिक्षा विभाग के इंदौर विकासखंड (ब्लॉक) शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में हुए 2.86 करोड़ रुपये के गबन में बुधवार को भृत्य सिद्धार्थ जोशी को एमजी रोड पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पत्नी और बच्चों के खाते में 1.75 करोड़ रुपये जमा किए थे। मामले में अतिथि शिक्षक सहित 13 के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र एवं जांच में लिए गए कथनों के अनुसार पांच मुख्य आरोपितों और आठ सह आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मुख्य आरोपितों द्वारा आठ सह आरोपितों के कुल 33 बैंक खातों में शासकीय मद की दो करोड़ से अधिक राशि ट्रांसफर कर गबन किया गया है।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले में आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए थे। बता दें कि भोपाल स्थित आईटी सेल द्वारा गबन के मामले को पकड़ा गया था। गबन में बड़े अधिकारियों की भूमिका होने की भी शंका है, जो गबन के दौरान इंदौर विकासखंड कार्यालय में पदस्थ रहे हैं।
यह हैं मुख्य आरोपित
- सिद्धार्थ जोशी, भृत्य (शास. उमावि खजराना)
- मोहन दांगी, अतिथि शिक्षक (शास. कउमावि कम्पेल)
- पवन खामोद, भृत्य (शास. कउमावि कम्पेल)
- छोटेलाल गौड, सहायक ग्रेड- दो, (शास. कउमावि संयोगितागंज)
- केदारनारायण दीक्षित, अतिथि शिक्षक (शास. कउमावि संयोगितागंज)
परिवार के सदस्यों के खाते में जमा की राशि
जांच में सामने आया कि आरोपित सिद्धार्थ जोशी ने पत्नी रेणु और बेटी मोहक जोशी निवासी एलपी भार्गव नगर (उज्जैन) के खाते में 1.75 करोड़ रुपये जमा किए थे। इन दोनों को भी पुलिस ने सह आरोपित बनाया है। इसी प्रकार अन्य मुख्य आरोपितों ने हेमलता, रोशन पानेरी, मुकेश दांगी, अनीता दांगी, जगदीश और मुकेश राठौर के खातों में राशि जमा करवाई थी। इन सभी के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर लिया है।
तत्कालीन बीईओ सहित अधिकारियों की भी जांच
इंदौर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आने वाली छात्रवृत्ति, जीपीएफ और अन्य मद की राशि का गबन लंबे समय से किया जा रहा था। 2018 से राशि को गलत तरीके से निकाली थी। भोपाल में आडिट के दौरान यह गड़बड़ी सामने आई है। गबन अवधि के दौरान इंदौर कार्यालय में पदस्थ रहे तत्कालीन बीईओ सहित अन्य अधिकारियों की भूमिकाओं की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा वर्तमान में बड़े पदों पर अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है।
Source link
#इदर #शकष #वभग #म #करड #क #गबन #क #ममल #म #दसर #आरप #पयन #पवन #खमद #भ #गरफतर



Post Comment