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सफर में छूटी बहन, तो देवदूत बनी बूढ़ी अम्मा! सतना GRP ने 36 घंटे में 14 साल की मासूम को ऐसे ढूंढ निकाला

सफर में छूटी बहन, तो देवदूत बनी बूढ़ी अम्मा! सतना GRP ने 36 घंटे में 14 साल की मासूम को ऐसे ढूंढ निकाला

जीआरपी सतना ने महज 36 घंटे के भीतर एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसके स्वजनों को सुपुर्द कर दिया। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 24 May 2026 07:55:38 PM (IST)Updated Date: Sun, 24 May 2026 07:55:38 PM (IST)

सफर में छूटी बहन, तो देवदूत बनी बूढ़ी अम्मा!

HighLights

  1. अमदरा स्टेशन पर सामान लेने उतरी थी बालिका, अचानक ट्रेन खुलने से छूटी
  2. कटनी में भाई को लगी भनक, सतना जीआरपी ने दर्ज किया बीएनएस के तहत केस
  3. जबलपुर साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर मानिकपुर से ढूंढा

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जीआरपी सतना ने महज 36 घंटे के भीतर एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसके स्वजनों को सुपुर्द कर दिया। जानकारी के अनुसार बिहार के सीतामढ़ी जिले के रसलपुर निवासी दिवाकर कुमार अपनी 14 वर्षीय बहन के साथ 20 मई को ट्रेन संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस से मुजफ्फरपुर से रायपुर की यात्रा कर रहे थे। दोनों कोच एस-6 की बर्थ संख्या 50 और 51 पर सफर कर रहे थे।

अमदरा रेलवे स्टेशन पर सामान लेने उतरी थी बालिका

यात्रा के दौरान अमदरा रेलवे स्टेशन पर नाबालिग बालिका महिला संबंधी आवश्यक सामान लेने ट्रेन से नीचे उतरी थी। इसी दौरान ट्रेन अचानक रवाना हो गई और बालिका पीछे छूट गई। ट्रेन जब कटनी पहुंची तो भाई को बहन के ट्रेन में नहीं होने की जानकारी लगी। कटनी स्टेशन पहुंचने पर बहन के नहीं मिलने से घबराए युवक ने तत्काल जीआरपी कटनी और मैहर को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी कटनी ने अपराध दर्ज कर डायरी जीआरपी सतना भेजी। सतना जीआरपी ने अपराध क्रमांक 247/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की।

मानिकपुर के उचाडीह से दस्तयाब हुई बालिका

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बालिका की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि अमदरा स्टेशन पर ट्रेन छूटने के बाद बालिका एक मकान में पहुंची, जहां उसकी मुलाकात एक वृद्ध महिला से हुई। महिला ने स्थिति की गंभीरता समझते हुए बालिका को मानिकपुर क्षेत्र के ऊंचाडीह ले गई। वहीं बालिका ने महिला के मोबाइल फोन का उपयोग किया। पुलिस ने साइबर सेल जबलपुर की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रेस की और मानिकपुर क्षेत्र में पहुंचकर बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। बाद में उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

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