गुजरात के पूर्व CM की पोती, कौन हैं ‘कृष्णावतारम’ से डेब्यू करने वाली संस्कृति जयना? AajTak
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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने ही-मैन धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद उनसे जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र आखिरी मैसेज का सुलासा किया है। ये मैसेज उन्होंने पूरे परिवार को दिया था।
हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी सफर, मौजूदा जिंदगी, सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते और फिल्मों में वापसी को लेकर भी जानकारी दी थी। एक बातचीत में उन्होंने धर्मेंद्र के आखिरी मैसेज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जाते-जाते धर्मेंद्र ने सभी से एक बात कही। उन्होंने कहा था कि एक परिवार बनो… सब एक साथ रहना है।
काम जो भी हों, लेकिन परिवार को हमेशा तवज्जो देना। इस दौरान उन्होंने दोनों सौतेले बेटों सनी और बॉबी को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा की सनी और बॉबी दोनों बहुत अच्छे हैं। हम सब साथ हैं हम कोई पब्लिसिटी नहीं करते, हमारा अंदर से एक जुडाव हैं।
PC:koimoi
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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने ही-मैन धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद उनसे जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र आखिरी मैसेज का सुलासा किया है। ये मैसेज उन्होंने पूरे परिवार को दिया था।
हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी सफर, मौजूदा जिंदगी, सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते और फिल्मों में वापसी को लेकर भी जानकारी दी थी। एक बातचीत में उन्होंने धर्मेंद्र के आखिरी मैसेज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जाते-जाते धर्मेंद्र ने सभी से एक बात कही। उन्होंने कहा था कि एक परिवार बनो… सब एक साथ रहना है।
काम जो भी हों, लेकिन परिवार को हमेशा तवज्जो देना। इस दौरान उन्होंने दोनों सौतेले बेटों सनी और बॉबी को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा की सनी और बॉबी दोनों बहुत अच्छे हैं। हम सब साथ हैं हम कोई पब्लिसिटी नहीं करते, हमारा अंदर से एक जुडाव हैं।
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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने ही-मैन धर्मेंद्र के निधन के सात माह बाद उनसे जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र आखिरी मैसेज का सुलासा किया है। ये मैसेज उन्होंने पूरे परिवार को दिया था।
हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी सफर, मौजूदा जिंदगी, सनी और बॉबी देओल के साथ रिश्ते और फिल्मों में वापसी को लेकर भी जानकारी दी थी। एक बातचीत में उन्होंने धर्मेंद्र के आखिरी मैसेज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जाते-जाते धर्मेंद्र ने सभी से एक बात कही। उन्होंने कहा था कि एक परिवार बनो… सब एक साथ रहना है।
काम जो भी हों, लेकिन परिवार को हमेशा तवज्जो देना। इस दौरान उन्होंने दोनों सौतेले बेटों सनी और बॉबी को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा की सनी और बॉबी दोनों बहुत अच्छे हैं। हम सब साथ हैं हम कोई पब्लिसिटी नहीं करते, हमारा अंदर से एक जुडाव हैं।
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West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।
ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।
उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।
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