सिंहस्थ-2028 के भव्य आयोजन को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि सरकार का मुख्य फोकस उज्जैन पर केंद्रित है, लेकिन आगामी सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इंदौर, ओंकारेश्वर, महेश्वर और आसपास के धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि उज्जैन के साथ-साथ इन तीनों शहरों में भी श्रद्धालुओं का सर्वाधिक दबाव रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए चारों शहरों को आपस में जोड़ते हुए एक विशेष योजना बनाई जा रही है, जहां यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे।
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मप्र छग चैप्टर के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि सिंहस्थ के समय लाखों श्रद्धालु इंदौर, उज्जैन से लेकर ओंकारेश्वर के बीच रुकेंगे। मप्र के लिए यह धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बहुत बड़ा मौका होगा। सरकार और प्रशासन इस पर लगातार बैठकें कर रहा है और कई बैठकों में हमें भी आमंत्रित किया गया है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि सिंहस्थ के लिए मप्र आने वाले श्रद्धालु उज्जैन से लेकर इंदौर, ओंकारेश्वर और अन्य कई जगहों पर भी आरामदायक यात्रा कर सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ही सभी योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मालवा निमाड़ के इस मॉडल पर खर्च होंगे करोड़ों रुपए
राज्य सरकार मालवा-निमाड़ क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के एक बड़े और एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर को समाहित करने वाले इस ओंकार सर्किट के विकास पर लगभग 70 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के अवसर पर देश और विदेशों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, सुलभ आवास और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है। संबंधित विभाग ने इस पूरी योजना को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
पर्यटक केंद्रों पर मिलेंगी आधुनिक और डिजिटल सुविधाएं
ओंकार सर्किट योजना के अंतर्गत इन चारों प्रमुख धार्मिक नगरों में सर्वसुविधायुक्त यात्री सुविधा और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर आने वाले यात्रियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से विभिन्न धार्मिक स्थलों का अनूठा अनुभव कराया जाएगा। पर्यटक सूचना केंद्रों में मुख्य रूप से फूड कोर्ट, किचन, डिजिटल वीआर रूम, सूचना डेस्क, प्रतीक्षालय और डोरमेट्री जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके साथ ही पर्यटक सुविधा केंद्रों में रिसेप्शन, फैमिली वेटिंग रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, जनसुविधा केंद्र, पार्किंग और एआर-वीआर आधारित विशेष अनुभव कक्ष तैयार होंगे। लंबी दूरी तय करके आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख मार्गों पर वे-साइड एमीनिटीज भी विकसित की जाएंगी।
विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और रास्तों की सही जानकारी के लिए पूरे सर्किट क्षेत्र में आधुनिक साइनेज सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके अलावा एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर रूट मैप, प्रमुख दर्शन स्थल, ठहरने के स्थान, भोजन और आपातकालीन सेवाओं की सटीक जानकारी मिल सकेगी। रणनीतिक योजना के अनुसार, सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर को मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में, उज्जैन को केंद्रीय आयोजन स्थल के रूप में और ओंकारेश्वर व महेश्वर को प्रमुख आध्यात्मिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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