नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदाैर। ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों का असर आमजन की जेब के साथ ही रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी पढ़ने वाला है, क्योंकि पार्सल ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने एक जून से माल परिवहन भाड़े में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का निर्णय लिया है।
इंदौर से प्रतिदिन 3000 हजार ट्रक माल लोडिंग होकर प्रदेश के साथ ही देशभर में जाता है। भाड़ा बढ़ने से इनमें जाने वाली दवाई, किराना, हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक और कृष सामग्री महंगी हो जाएगी। जिसका असर आम उपभोक्ता की जेब पर पढ़ेगा।
एसोसिएशन आफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एवं फ्लीट ऑनर, इंदौर द्वारा डीजल, लेबर और बढ़ती परिचालन लागत का हवाला देते हुए एक जून से परिवहन भाड़े में 20 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। शहर के छह सौ से अधिक पार्सल बुकिंग आपरेटर और ट्रांसपोर्टर जून से बढ़ी दरों पर बुकिंग करेंगे।
इसका सीधा असर रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर पढ़ने की आशंका जताई जा रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी का कहना है कि डीजल कीमतों के अलावा लेबर लागत, टायर-स्पेयर पार्ट्स, टोल टैक्स, बीमा और वाहन रखरखाव खर्च में वृद्धि के कारण परिवहन पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में पुरानी दरों पर सेवाएं जारी रखना व्यवहारिक नहीं रह गया था। एसोसिएशन के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि नई दरें सभी कंपनियों, डिपो, सी एंड एफ एजेंट, डिस्ट्रीब्यूटर और व्यापारिक संस्थानों पर लागू होंगी।जून से बनने वाले बिल और एलआर (लारी रिसीट) संशोधित दरों के अनुसार ही जारी किए जाएंगे।
ऐसे समझे दरों में बढ़ोतरी का असर
उदाहरण के तौर पर इंदौर से भोपाल तक किसी सामान का पार्सल भाड़ा 200 रुपये प्रति क्विंटल है, वह जून से 240 हो जाएगा।इसी तरह रतलाम का वर्तमान भाड़ा 150 रुपये है वह बढ़कर 185 रुपये प्रति क्विंटल करीब पहुंच जाएगा।वहीं जबलपुर का भाड़ा 320 से बढ़कर करीब 380 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।इंदौर से महाराष्ट्र माल भेजने में वर्तमान में 3.50 रुपये प्रति किलों खर्च आता है, लेकिन यह बढ़कर 4.20 रुपये प्रति किलों हो जाएगा।
लॉजिस्टिक का हब
इंदौर देश का प्रमुख लॉजिस्टिक हब है और यहां से पूरे प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छग सहित देशभर में सामान जाता है। यहां से दवाई, किराना, कृषि सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, हार्डवेयर, परचून, जूते-चप्पल, लोहा आदि की सप्लाई होती है। कपड़े का ट्रांजिट पाइंट भी इंदौर है और यहां से पूरे देश में कपड़ा जाता है।
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