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जहां पहले कचरे के ढेर थे, वहां अब हरियाली लाने की तैयारी: स्वच्छता, सुंदरीकरण ने बदली देपालपुर की तस्वीर

जहां पहले कचरे के ढेर थे, वहां अब हरियाली लाने की तैयारी: स्वच्छता, सुंदरीकरण ने बदली देपालपुर की तस्वीर

नगर में प्रतिदिन शत प्रतिशत 4-बिन आधारित पृथक कचरा संग्रहण किया जा रहा है। गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जा रहा है। …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 29 May 2026 07:47:03 AM (IST)Updated Date: Fri, 29 May 2026 07:47:03 AM (IST)

ये दो तस्वीर देपालपुर में आए बदलाव को स्पष्ट बताती हैं। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. “स्वच्छ शहर जोड़ी अभियान” के तहत देपालपुर में चल रहा सफाई कार्य
  2. पहले शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था नियमित एवं व्यवस्थित नहीं थी
  3. गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जा रहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। “स्वच्छ शहर जोड़ी अभियान” के तहत देपालपुर में किए जा रहे स्वच्छता एवं सुंदरीकरण कार्यों को लेकर नागरिकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

नागरिकों का कहना है कि पहले शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था नियमित एवं व्यवस्थित नहीं थी। कई स्थानों पर गंदगी की स्थिति बनी रहती थी। वर्तमान में नगर में प्रतिदिन शत प्रतिशत 4-बिन आधारित पृथक कचरा संग्रहण किया जा रहा है। गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जा रहा है। नियमित वाहन घरों तक पहुंचने लगे हैं।

देपालपुर के नागरिकों का कहना है कि पहले बड़ी संख्या में आवारा पशु सड़कों पर घूमते थे। सड़कों पर गंदगी रहती थी। इंदौर नगर निगम की टीम और नगर परिषद के संयुक्त प्रयासों से आज शहर आवारा पशु मुक्त हो गया है। सड़कों की स्थिति भी सुधर गई है।

लोगों के व्यवहार में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है

शहर की स्थिति बदल गई है। इससे लोगों के व्यवहार में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। अब नागरिक इधर-उधर कचरा नहीं फेंकते। दुकानों के बाहर डस्टबिन रखते हैं। सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं भी सुधरी हैं। बैकलेन और अंदरूनी क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई एवं सुंदरीकरण कार्य किए गए हैं। दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग, स्वच्छता संदेश एवं रंग-रोगन कार्यों से इन क्षेत्रों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। नागरिकों का कहना है कि यह कार्य जनभागीदारी से संभव हो पाया है, जिसमें रहवासियों के साथ-साथ विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई है।

1250 टन पुराने कचरे का किया निबटान

अभियान के तहत 1250 टन पुराने लिगेसी वेस्ट का विज्ञानी निपटान कार्य किया गया। पहले ट्रेंचिंग ग्राउंड से दुर्गंध आती थी, जबकि अब वहां स्वच्छ खुला क्षेत्र विकसित हो चुका है तथा बड़े स्तर पर पौधारोपण भी किया गया है। पूरे देपालपुर में स्वच्छता एवं सुंदरीकरण को लेकर विशेष उत्साह का वातावरण है।

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