इंदौर में पानी को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इंदौर में 98 प्रतिशत दूषित पानी की सप्लाई का दावा करते हुए रिपोर्ट पेश की। वहीं, जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने इंदौर से लिए गए सैंपलों की जांच एक प्रामाणिक लैब से कराई है। भाजपा को इसे गंभीरता से लेना चाहिए था। संबंधित क्षेत्रों में फिर से जाकर सैंपल लेने चाहिए थे। जो काम नगर निगम को करना चाहिए था, वह कांग्रेस ने किया, लेकिन मेयर इसे भ्रामक बता रहे हैं। यदि ऐसा है तो वे मुझ पर मुकदमा करें।
कांग्रेस द्वारा इंदौर के पानी के सैंपलों की रिपोर्ट जारी करने के बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उनकी रिपोर्ट और दावे पूरी तरह झूठे हैं तथा शहर को बदनाम करने के लिए जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्वयं स्वीकार किया है कि 29 वार्डों में सैंपल लिए गए हैं, लेकिन पूरे शहर का 98 प्रतिशत पानी दूषित बताया जा रहा है। वे पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं, उन्हें समझना चाहिए कि पानी की गुणवत्ता, जल की संरचना (वॉटर कंटेंट) और किसी भी जल स्रोत की शुद्धता वैज्ञानिक मानकों के आधार पर तय होती है।
उन्होंने कहा कि शहर में जब भी कोई संकट आता है, कांग्रेस ओछी राजनीति कर शहर को बदनाम करने का प्रयास करती है। नर्मदा का पानी फिल्टर होकर इंदौर पहुंच रहा है और सप्लाई से पहले हर दिन उसकी जांच की जाती है।
सिर्फ मेयर ने ही किया पलटवार
कांग्रेस की रिपोर्ट को लेकर केवल मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने ही जीतू पटवारी के बयानों पर पलटवार किया है। भाजपा संगठन की ओर से किसी अन्य नेता या पदाधिकारी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है।
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