नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मालवा-निमाड़ के पशुपालकों के लिए अब पशुओं का आहार तय करना और दूध उत्पादन बढ़ाना आसान हो जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने गोरस मोबाइल एप विकसित किया है, जो विज्ञानिक आधार पर पशुओं के संतुलित आहार की जानकारी उपलब्ध कराएगा। विभाग का दावा है कि सही पोषण प्रबंधन से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा, दूध उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी।
मालवा-निमाड़ क्षेत्र में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, देवास, उज्जैन, शाजापुर, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़े हैं। हजारों परिवारों की आजीविका दुग्ध उत्पादन पर निर्भर है।
इसके बावजूद अधिकांश पशुपालक अभी भी पारंपरिक अनुभव के आधार पर पशुओं को चारा और आहार देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित पोषण की कमी के कारण पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है और दूध उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
प्रदेश में दो करोड़ से अधिक गायों और भैंसों का पालन किया जाता है। इसी चुनौती को देखते हुए विभाग ने गोरस एप तैयार किया है। पशुपालक जैसे ही अपने पशु के नस्ल, वजन, दुग्ध उत्पादन की अवस्था और वर्तमान आहार संबंधी जानकारी दर्ज करेंगे, एप उनके लिए संतुलित आहार की मात्रा और प्रकार का सुझाव देगा। इतना ही नहीं, एप यह भी बताएगा कि आहार प्रबंधन में सुधार से पशुपालक को कितना अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकता है।
यह है एप की खासियत
पूरी तरह हिंदी भाषा में विकसित
इंटरनेट नहीं होने पर भी काम करेगा
28 से अधिक स्थानीय चारे की जानकारी
गाय और भैंस की अलग-अलग नस्लों के लिए सलाह
गर्मी और गर्भावस्था की स्थिति के अनुसार सुझाव
संभावित आर्थिक लाभ का आकलन
नस्ल सुधार संबंधी मार्गदर्शन भी
ऐसे करें डाउनलोड
मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर खोलें।
गोरस एप सर्च करें।
एप डाउनलोड कर इंस्टाल करें।
आवश्यक अनुमति देकर एप शुरू करें।
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