बहन की शादी में इमोशनल हुए रणवीर सिंह, फूलों की चादर पड़कर मंडप तक छोड़ा, देखें अनसीन वीडियो
Ranveer Singh Viral Video: रणवीर सिंह इस समय काफी विवादों में फंसे हुए हैं। लेकिन आपको बता दें कि इसी बीच उनका एक पुराना वीडियो वायरल होता हुआ नजर आ रहा है। जिसमें वह अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होते हुए देखे जा सकते हैं। इसमें वह अपनी बहन को फूलों से सजी चादर में ले गए और भाई का फर्ज निभाते हुए नजर आए। उनका यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है और लोग तो काफी तारीफ भी करते हुए नजर आ रहे हैं।
लेकिन आपको बता दें कि हाल ही में रणवीर सिंह के इस वीडियो को शेयर किया गया है। इसके बाद में काफी लोगों को ऐसा लग रहा है कि यह वीडियो ताजा है और आखिरकार इस मोमेंट पर फरहान खान ने और रणवीर सिंह पर ऐसा अटैक क्यों किया। लेकिन आपको बता दें कि दिसंबर 2025 में ही रणवीर सिंह की बहन की शादी हो चुकी है। एक बार फिर से इस वीडियो को वायरल किया जा रहा है।
शादी में दीपिका पादुकोण ने लूटी थी महफिल
जानकारी के लिए आपको बता दें कि चचेरी ननद की शादी में दीपिका पादुकोण ने लाल रंग की खूबसूरत ड्रेस में महफिल लूट ली थी और काफी लोगों ने तो उनके कपड़ों और स्टाइल की खूब तारीफ भी की थी। उन्होंने अपनी ननद की शादी में पूरी रस्में निभाई।
क्यों हो रहा रणवीर को लेकर विवाद?
जानकारी के लिए आपको बता दें कि हाल ही में रणवीर सिंह ने फिल्म डॉन 3 को छोड़ दिया और इसके बाद FWICE के साथ उनका विवाद देखने को मिला। FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ बॉयकॉट के निर्देश जारी कर दिए थे लेकिन बाद में फिल्म के अन्य संगठनों के हस्तक्षेप और अभिनेता द्वारा लीगल नोटिस भेजे जाने के बाद में इसको वापस ले लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल आपको बता दें कि फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 की शूटिंग शुरू होने से 10 दिन पहले ही रणवीर सिंह ने इस फिल्म को छोड़ दिया और इसी की वजह से निर्माताओं को बहुत भारी नुकसान भी झेलना पड़ा। इसी के बाद FWICE द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ बायकाट का नोटिस भी जारी किया गया था।
Ranveer Singh Viral Video: रणवीर सिंह इस समय काफी विवादों में फंसे हुए हैं। लेकिन आपको बता दें कि इसी बीच उनका एक पुराना वीडियो वायरल होता हुआ नजर आ रहा है। जिसमें वह अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होते हुए देखे जा सकते हैं। इसमें वह अपनी बहन को फूलों से सजी चादर में ले गए और भाई का फर्ज निभाते हुए नजर आए। उनका यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है और लोग तो काफी तारीफ भी करते हुए नजर आ रहे हैं।
लेकिन आपको बता दें कि हाल ही में रणवीर सिंह के इस वीडियो को शेयर किया गया है। इसके बाद में काफी लोगों को ऐसा लग रहा है कि यह वीडियो ताजा है और आखिरकार इस मोमेंट पर फरहान खान ने और रणवीर सिंह पर ऐसा अटैक क्यों किया। लेकिन आपको बता दें कि दिसंबर 2025 में ही रणवीर सिंह की बहन की शादी हो चुकी है। एक बार फिर से इस वीडियो को वायरल किया जा रहा है।
शादी में दीपिका पादुकोण ने लूटी थी महफिल
जानकारी के लिए आपको बता दें कि चचेरी ननद की शादी में दीपिका पादुकोण ने लाल रंग की खूबसूरत ड्रेस में महफिल लूट ली थी और काफी लोगों ने तो उनके कपड़ों और स्टाइल की खूब तारीफ भी की थी। उन्होंने अपनी ननद की शादी में पूरी रस्में निभाई।
क्यों हो रहा रणवीर को लेकर विवाद?
जानकारी के लिए आपको बता दें कि हाल ही में रणवीर सिंह ने फिल्म डॉन 3 को छोड़ दिया और इसके बाद FWICE के साथ उनका विवाद देखने को मिला। FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ बॉयकॉट के निर्देश जारी कर दिए थे लेकिन बाद में फिल्म के अन्य संगठनों के हस्तक्षेप और अभिनेता द्वारा लीगल नोटिस भेजे जाने के बाद में इसको वापस ले लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल आपको बता दें कि फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 की शूटिंग शुरू होने से 10 दिन पहले ही रणवीर सिंह ने इस फिल्म को छोड़ दिया और इसी की वजह से निर्माताओं को बहुत भारी नुकसान भी झेलना पड़ा। इसी के बाद FWICE द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ बायकाट का नोटिस भी जारी किया गया था।
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता आमिर खान एक बार फिर से शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। वह गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई शादी करेंगे। उन्होंने खुद ही शादी की खबर को कन्फर्म कर दिया। बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता की ये तीसरी शादी होगी। खबरों के अनुसार, आमिर खान ने बताया कि मैं इस समय अमेरिका में हूं। शादी की खबर सही है।
हमारी शादी 5 जुलाई को होगी। पहले आमिर ने कहा था कि शादी उनकी प्राथमिकता नहीं है और वह गौरी के साथ ऐसे ही खुश हैं। अब इस संबंध में उन्होंने कहा कि समय के साथ दोनों की भावनाएं बदल गई हैं। अब हम दोनों को लगता है कि अपने रिश्ते को अगले पड़ाव पर ले जाने का समय आ गया है।
बॉलीवुड को अनेक सुपरहि फिल्में दे चुके आमिर खान ने गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी को लेकर बोल दिया कि मैं खुद को पहले से ही उनका पति मानता हूं। अब इस रिश्ते को शादी का नाम देना हमारे साथ की एक स्वाभाविक अगली शुरुआत है।
पहले ही भी दो बाद हो चुकी है शादी
अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में बादशाहत साबित कर चुके आमिर ने साल 1986 में फिल्म प्रोड्यूसर रीना दत्ता से पहला विवाह किया था। साल 2002 में रीना से अलग होने के बाद उन्होंने साल 2005 में डायरेक्टर किरण राव से नाता जोड़ा था। साल 2021 में किरण से भी आमिर का तलाक हो गया था। आमिर खान की गिनती बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता में होती है।
PC:amarujala
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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता आमिर खान एक बार फिर से शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। वह गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई शादी करेंगे। उन्होंने खुद ही शादी की खबर को कन्फर्म कर दिया। बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता की ये तीसरी शादी होगी। खबरों के अनुसार, आमिर खान ने बताया कि मैं इस समय अमेरिका में हूं। शादी की खबर सही है।
हमारी शादी 5 जुलाई को होगी। पहले आमिर ने कहा था कि शादी उनकी प्राथमिकता नहीं है और वह गौरी के साथ ऐसे ही खुश हैं। अब इस संबंध में उन्होंने कहा कि समय के साथ दोनों की भावनाएं बदल गई हैं। अब हम दोनों को लगता है कि अपने रिश्ते को अगले पड़ाव पर ले जाने का समय आ गया है।
बॉलीवुड को अनेक सुपरहि फिल्में दे चुके आमिर खान ने गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी को लेकर बोल दिया कि मैं खुद को पहले से ही उनका पति मानता हूं। अब इस रिश्ते को शादी का नाम देना हमारे साथ की एक स्वाभाविक अगली शुरुआत है।
पहले ही भी दो बाद हो चुकी है शादी
अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में बादशाहत साबित कर चुके आमिर ने साल 1986 में फिल्म प्रोड्यूसर रीना दत्ता से पहला विवाह किया था। साल 2002 में रीना से अलग होने के बाद उन्होंने साल 2005 में डायरेक्टर किरण राव से नाता जोड़ा था। साल 2021 में किरण से भी आमिर का तलाक हो गया था। आमिर खान की गिनती बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता में होती है।
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Aamir Khan, girlfriend Gauri Spratt, Hindi news">Aamir Khan 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ करेंगे शादी, खुद ने ही कर दिया है कन्फर्म
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता आमिर खान एक बार फिर से शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। वह गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई शादी करेंगे। उन्होंने खुद ही शादी की खबर को कन्फर्म कर दिया। बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता की ये तीसरी शादी होगी। खबरों के अनुसार, आमिर खान ने बताया कि मैं इस समय अमेरिका में हूं। शादी की खबर सही है।
हमारी शादी 5 जुलाई को होगी। पहले आमिर ने कहा था कि शादी उनकी प्राथमिकता नहीं है और वह गौरी के साथ ऐसे ही खुश हैं। अब इस संबंध में उन्होंने कहा कि समय के साथ दोनों की भावनाएं बदल गई हैं। अब हम दोनों को लगता है कि अपने रिश्ते को अगले पड़ाव पर ले जाने का समय आ गया है।
बॉलीवुड को अनेक सुपरहि फिल्में दे चुके आमिर खान ने गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी को लेकर बोल दिया कि मैं खुद को पहले से ही उनका पति मानता हूं। अब इस रिश्ते को शादी का नाम देना हमारे साथ की एक स्वाभाविक अगली शुरुआत है।
पहले ही भी दो बाद हो चुकी है शादी
अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में बादशाहत साबित कर चुके आमिर ने साल 1986 में फिल्म प्रोड्यूसर रीना दत्ता से पहला विवाह किया था। साल 2002 में रीना से अलग होने के बाद उन्होंने साल 2005 में डायरेक्टर किरण राव से नाता जोड़ा था। साल 2021 में किरण से भी आमिर का तलाक हो गया था। आमिर खान की गिनती बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता में होती है।
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अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।
पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।
यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति
दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है। भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।
इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है। मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।
Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।
रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव
बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।
भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।
अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।
अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।
पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।
यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति
दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है। भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।
इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है। मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।
Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।
रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव
बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।
भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।
अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।
Edited by : Sudhir Sharma
">Pakistan की उड़ जाएगी नींद, चीन हो जाएगा बेचैन, पुतिन ने भारत को दिया ऐसा ऑफर, अमेरिका भी हैरान
चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और पाकिस्तान के साथ लगातार बने सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को नई धार मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक 5th जनरेशन के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल Su-57 का ऑफर दिया है। रूस ने इस जेट के भारत में संयुक्त उत्पादन की भी इच्छा जताई है।
अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।
पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।
यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति
दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है। भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।
इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है। मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।
Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।
रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव
बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।
भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।
अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।
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