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Pakistan की उड़ जाएगी नींद, चीन हो जाएगा बेचैन, पुतिन ने भारत को दिया ऐसा ऑफर, अमेरिका भी हैरान
	
		
			
	
	चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और पाकिस्तान के साथ लगातार बने सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को नई धार मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक 5th जनरेशन के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल Su-57 का ऑफर दिया है। रूस ने इस जेट के भारत में संयुक्त उत्पादन की भी इच्छा जताई है।
	
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	अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

	 

	भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य  रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।

	
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	रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

	
	रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।

	 

	
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	पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है।  उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।

	
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	यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति

	दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है।  भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।
	
	इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है।  मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।

	
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	रूस का सबसे आधुनिक विमान

	Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।

	
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	रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव

	बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।

	 भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।

	 

	अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा

	भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था।  अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।

	 Edited by : Sudhir Sharma

Pakistan की उड़ जाएगी नींद, चीन हो जाएगा बेचैन, पुतिन ने भारत को दिया ऐसा ऑफर, अमेरिका भी हैरान

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	चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और पाकिस्तान के साथ लगातार बने सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को नई धार मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक 5th जनरेशन के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल Su-57 का ऑफर दिया है। रूस ने इस जेट के भारत में संयुक्त उत्पादन की भी इच्छा जताई है।
	
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	अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

	 

	भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य  रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।

	
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	रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

	
	रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।

	 

	
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	पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है।  उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।

	
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	यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति

	दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है।  भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।
	
	इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है।  मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।

	
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	रूस का सबसे आधुनिक विमान

	Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।

	
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	रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव

	बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।

	 भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।

	 

	अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा

	भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था।  अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।

	 Edited by : Sudhir Sharma

चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और पाकिस्तान के साथ लगातार बने सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को नई धार मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक 5th जनरेशन के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल Su-57 का ऑफर दिया है। रूस ने इस जेट के भारत में संयुक्त उत्पादन की भी इच्छा जताई है।

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अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

 

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य  रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।

 

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पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है।  उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।

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यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति

दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है।  भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।

इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है।  मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।

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रूस का सबसे आधुनिक विमान

Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।

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रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव

बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।

 भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।

 

अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था।  अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।

 Edited by : Sudhir Sharma

चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और पाकिस्तान के साथ लगातार बने सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को नई धार मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक 5th जनरेशन के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल Su-57 का ऑफर दिया है। रूस ने इस जेट के भारत में संयुक्त उत्पादन की भी इच्छा जताई है।

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अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। भारत फिलहाल स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'सुदर्शन चक्र' विकसित कर रहा है। इसमें रूस से खरीदे गए S-400 मिसाइल सिस्टम अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

 

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और उससे जुड़े अन्य  रक्षा उपकरणों के विकास में भी सहयोग के लिए तैयार है।

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को रूस के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देश इस विमान का संयुक्त रूप से भारत में निर्माण (Co-production) कर सकते हैं। यह प्रस्ताव भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


रूस के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि Su-57 कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की जाएगी।

 

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पुतिन ने प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रूस अब भी भारत को Su-57 कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है।  उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से यह रूस और भारत का संयुक्त उत्पाद हो सकता था। हमने इसे स्वतंत्र रूप से विकसित किया है और हम भारत के साथ मिलकर काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सहयोग पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी।

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यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भारत की रक्षा खरीद रणनीति

दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई बाधाओं और हथियारों की डिलीवरी में देरी ने भारत को अपनी सैन्य खरीद नीति में विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है।  भारत फिलहाल अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहा है।
इसे देश का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोजेक्ट माना जा रहा है। हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना कम है।  मार्च में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा और उसके रक्षा आयात का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया।

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रूस का सबसे आधुनिक विमान

Su-57 रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया गया है। सुखोई Su-57 (Sukhoi Su-57) को नाटो (NATO) ने 'फेलन' (Felon) नाम दिया है। यह अपनी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और रडार को चकमा देने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाना जाता है। सुखोई SU-57 हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसके फीट विंग स्पैन की लंबाई 46.3 मीटर है. इसकी लंबाई 20 मीटर तक है। सुखोई SU-57 54000 फीट तक उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 18500 किलो है। ये 35000 किलो तक वजन ले जा सकता है। इसकी फायरिंग रेंज 3500 है।

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रूसी राष्ट्रपति के ऑफर का भारत ने क्या दिया प्रस्ताव

बताया जा रहा है कि भारत ने रूस के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 बनाने वाली सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि यदि Su-57 भारतीय वायुसेना की तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो सरकार करीब दो स्क्वाड्रन यानी लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकती है।

 भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास को लेकर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा चली थी। हालांकि, वर्ष 2021 में भारत ने करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत के चलते इस परियोजना से पीछे हटने का फैसला किया था।

 

अमेरिकी चेतावनी के बाद भी भारत ने किया सौदा

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था।  अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया गया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।

 Edited by : Sudhir Sharma

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एक्टर प्रियंका चोपड़ा उन चुनिंदा भारतीय एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों जगह कामयाबी हासिल की है। अपने हिंदी फिल्मी करियर के पीक पर वह इंटरनेशनल मौकों की तलाश में अमेरिका चली गईं। हालांकि, कई ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में काम करने के बावजूद प्रियंका को लगता है कि हॉलीवुड में उनका काम भारतीय सिनेमा में किए गए उनके काम के मुकाबले कम ही है।

हॉलीवुड में अभी बेस्ट काम आना बाकी
कान लायंस सम्मेलन में बोलते हुए प्रियंका ने हॉलीवुड में अपने करियर पर नजर डाली और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के साथ इसे और आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। ‘बेवॉच’, ‘द मैट्रिक्स रेजरेक्शन्स’ और हाल ही में रिलीज हुई ‘द ब्लफ’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में शानदार अभिनय के बावजूद प्रियंका ने कहा कि उन्हें लगता है कि हॉलीवुड में उनका बेस्ट काम अभी आना बाकी है।



एक्ट्रेस ने कहा कि अपने हिंदी भाषा के करियर में मैंने सभी बेहतरीन फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ काम किया है, मैंने अद्भुत कहानियां सुनाई हैं और अलग-अलग जॉनर में काम किया है। जबकि अमेरिका में हॉलीवुड में अपने अंग्रेजी भाषा के काम में मैंने ऐसा उतना नहीं किया है।
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                एक्टर प्रियंका चोपड़ा उन चुनिंदा भारतीय एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों जगह कामयाबी हासिल की है। अपने हिंदी फिल्मी करियर के पीक पर वह इंटरनेशनल मौकों की तलाश में अमेरिका चली गईं। हालांकि, कई ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में काम करने के बावजूद प्रियंका को लगता है कि हॉलीवुड में उनका काम भारतीय सिनेमा में किए गए उनके काम के मुकाबले कम ही है।
                                
                
                
                 
                    
                                                                                 
                                                                        
                        
                        












                        
                                                                                        
                             
                                                                    
                                         
                                       
                                                                    
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                                                
                                                                                
                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                हॉलीवुड में अभी बेस्ट काम आना बाकी
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                कान लायंस सम्मेलन में बोलते हुए प्रियंका ने हॉलीवुड में अपने करियर पर नजर डाली और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के साथ इसे और आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। ‘बेवॉच’, ‘द मैट्रिक्स रेजरेक्शन्स’ और हाल ही में रिलीज हुई ‘द ब्लफ’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में शानदार अभिनय के बावजूद प्रियंका ने कहा कि उन्हें लगता है कि हॉलीवुड में उनका बेस्ट काम अभी आना बाकी है।
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                                                
                                                
                                               
                                                     
                     
                                                
                            
                                 
                                
                               
                                                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                एक्ट्रेस ने कहा कि अपने हिंदी भाषा के करियर में मैंने सभी बेहतरीन फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ काम किया है, मैंने अद्भुत कहानियां सुनाई हैं और अलग-अलग जॉनर में काम किया है। जबकि अमेरिका में हॉलीवुड में अपने अंग्रेजी भाषा के काम में मैंने ऐसा उतना नहीं किया है।
                                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                
                
                                                                               
                                                                                                 
                            
                                 
                                
                               
                                                                                
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इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।

वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।

अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।

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Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder">Alka Yagnik:  व्हीलचेयर पर नजर आई अलका याग्निक, दिख रही कमजोर सी भी… फैंस सेहत को लेकर परेशान   इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।

वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।

अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।

pc- ndtv

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