Mamata Banerjee : TMC में बगावत तेज, काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी समेत 5 नेताओं पर ठोका मानहानि का मुकदमा

ALSO READ: क्या समाप्त होने वाला ईरान-अमेरिका युद्ध, समझौते के कितने करीब दोनों देश, होर्मुज पर किसका कंट्रोल
मनोचिकित्सक डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी, कल्याण बनर्जी (Kalyan Banerjee), सौगात रॉय (Sougata Roy), महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और सोनाली गुहा (Sonali Guha) को संबोधित एक पत्र में कहा है कि उनके बारे में किए गए दावे पूरी तरह झूठे हैं।
टीएमसी में बगावत से बढ़ा संकट
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी में बगावत की स्थिति बनी हुई है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार को पार्टी के भीतर असंतुष्ट गुट का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में 18 सांसदों का समर्थन उन्हें प्राप्त है और इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पत्र पर हस्ताक्षर भी किए हैं। काकोली, जिन्हें कभी ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था, संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे चुकी हैं।
ALSO READ: क्या समाप्त होने वाला ईरान-अमेरिका युद्ध, समझौते के कितने करीब दोनों देश, होर्मुज पर किसका कंट्रोल
संगठन में बड़े बदलाव कर चुकी हैं ममता
पार्टी में बढ़ते असंतोष को देखते हुए ममता बनर्जी संगठन में बड़े बदलाव कर चुकी हैं। उन्होंने सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) को युवा तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं माला रॉय की जगह अलीफा अहमद को महिला विंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बागी खेमे में शामिल हुए सुदीप बंद्योपाध्याय
ममता बनर्जी के लिए चुनौती तब और बढ़ गई जब वरिष्ठ टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी कथित तौर पर बागी खेमे के संपर्क में दिखाई दिए। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भुपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद उनके रुख को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
टिकट मांगने और शराब सेवन के आरोपों का किया खंडन
बैद्यनाथ ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था। उन्होंने यह भी कहा कि सोनाली गुहा द्वारा लगाए गए आरोप, जिनमें उनकी और उनकी मां के नियमित रूप से शराब सेवन करने की बात कही गई थी, पूरी तरह निराधार और असत्य हैं।
उन्होंने कहा कि इन बयानों के खिलाफ वह कानूनी नोटिस भेजेंगे और सार्वजनिक माफी की मांग करेंगे। यदि उचित जवाब नहीं मिला तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
'राजनीतिक विवादों से कोई लेना-देना नहीं'
अपने पत्र में बैद्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक विवाद, गुटबाजी या आंतरिक संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने नेताओं से उनके नाम, पहचान, पेशे और पारिवारिक परिस्थितियों का राजनीतिक बहस या सार्वजनिक चर्चाओं में उपयोग नहीं करने की अपील की है। Edited by : Sudhir Sharma

Post Comment