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Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
	
		
			
	
	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	आखिर सरकार ने क्या कहा?

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	 

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	
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	क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

	हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

	 

	फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

	भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

	 

	
		जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
	
		पासपोर्ट
	
		मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
	
		स्कूल रिकॉर्ड
	
		माता-पिता के दस्तावेज
	
		नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
	
		निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
		 


	क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

	नहीं।

	 

	आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

	 

	क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

	वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

	
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	PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

	PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

	राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

	
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		आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
	
		 
	
		एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 
	
		
			जन्म प्रमाण पत्र
		
			पासपोर्ट
		
			आधार कार्ड
		
			वोटर आईडी
		
			शैक्षणिक प्रमाण पत्र
		
			परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
	
	
		 
	
		यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
		
		
			क्या है भारतीय कानून में 
		
			भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
			
			अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान

Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
	
		
			
	
	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	आखिर सरकार ने क्या कहा?

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	 

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	
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	क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

	हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

	 

	फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

	भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

	 

	
		जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
	
		पासपोर्ट
	
		मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
	
		स्कूल रिकॉर्ड
	
		माता-पिता के दस्तावेज
	
		नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
	
		निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
		 


	क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

	नहीं।

	 

	आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

	 

	क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

	वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

	
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	PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

	PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

	राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

	
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		आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
	
		 
	
		एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 
	
		
			जन्म प्रमाण पत्र
		
			पासपोर्ट
		
			आधार कार्ड
		
			वोटर आईडी
		
			शैक्षणिक प्रमाण पत्र
		
			परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
	
	
		 
	
		यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
		
		
			क्या है भारतीय कानून में 
		
			भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
			
			अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

आखिर सरकार ने क्या कहा?

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

 

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

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क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

 

फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

 

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
  • स्कूल रिकॉर्ड
  • माता-पिता के दस्तावेज
  • नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
  • निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
     

क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

नहीं।

 

आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

 

क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना

PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

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आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?

 

एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड

 

यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।

क्या है भारतीय कानून में 

भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।

अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

आखिर सरकार ने क्या कहा?

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

 

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

 

फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

 

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
  • स्कूल रिकॉर्ड
  • माता-पिता के दस्तावेज
  • नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
  • निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
     

क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

नहीं।

 

आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

 

क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना

PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

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आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?

 

एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड

 

यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।

क्या है भारतीय कानून में 

भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

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">जयमाला पहनाने में पर हिचकिचाई, पोज देने में शरमाई, बेहद सिंपल है क्रिकेटर आकाश दीप सिंह की दुल्हन Akash Deep Singh Wedding Photos: क्रिकेटर आकाश दीप सिंह ने अक्षिता राज के साथ शादी कर ली है। काफी समय से ये शादी फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी और अब इस ग्रैंड वेडिंग की सबसे पहली तस्वीरें और वीडियो सामने आ चुकी है। आकाश दीप सिंह की दुल्हनिया को देखने के लिए फैंस काफी एक्साइटेड थे ऐसे में ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आते ही काफी तेजी से वायरल हो रही हैं।           आकाश दीप सिंह की शादी की पहली तस्वीरें आकाश दीप की शादी में में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई> मशहूर भोजपुरी सिंगर पवन सिंह शादी में पहुंचे, उन्होंने स्टेज पर नवविवाहित जोड़े को बधाई दी। क्रिकेटर मुकेश कुमार भी बाराती बनकर आए, जो आकाश के अच्छे दोस्त भी हैं। हाल ही में दोनों को बिहार सरकार ने खेल कोटे से DSP के पद पर नियुक्त किया है।       बेहद शरमीली है दुल्हनिया आकाशी दीप सिंह की शादी की तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद फैंस का कहना है कि उनकी दुल्हन अक्षिता राज काफी शर्मिली लगती हैं। दरअसल, जयमाला के दौरान आकाश दीप जहां बाते करते हुए उन्हें कंफर्टेबल करते दिखाई दे रहे थे तो वहीं अक्षिका की नजरे उठने का नाम ही नहीं ले रही थीं और शर्म से जैसे उनकी पलके दबी ही जा रही थीं। इसके साथ ही पोज देते हुए भी अक्षिता शरम के दामन में छिपी ही रहीं।      वाराणसी में हुई ग्रैंड वेडिंग आकाश दीप सिंह की शादी वाराणसी के फाइव स्टार होटल में हुई है। इस दौरान जहां आकाश दीप दूल्हा बने किसी राजा की तरह दिखाई दे रहे थे तो वहीं उनकी दुल्हनिया सुर्ख जोड़े में बला सी खूबसूरत नजर आ रही थीं। आकाश दीप की शादी की तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद साफ है कि उनकी दुल्हनिया काफी सिंपल और शर्मीले स्वभाव की हैं।    कौन हैं आकाश दीप सिंह की दुल्हनिया जानकारी के लिए आपको बता दें कि रोहतास जिला के डेहरी के मानिकपुर के रहने वाली अक्षिता के साथ आकाशदीप की शादी तय हुई थी। अक्षिता मानिकपुर गांव के अमित कुमार सिंह की बेटी हैं। आकाशदीप की दुल्हनअक्षिता राज एक सिंपल सी मिडिल क्लास फैमिली से आने वाली लड़की हैं। दिलचस्प बात ये है कि यह पूरी तरह से परंपरागत और अरेंज्ड मैरिज है।      आकाश दीप सिंह का करियर करियर की बात करें तो 29 साल के आकाशदीप सिंह दाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करते हैं। इसके साथ ही दाएं हाथ से बल्लेबाजी भी करते हैं। आकाशदीप ने 10 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 35.78 की औसत से 28 विकेट लिए हैं। एक बार 10 विकेट और एक बार 5 विकेट हासिल किए हैं। 10 टेस्ट मैच में उन्होंने 163 रन बनाए हैं। उनका हाईएस्ट स्कोर 66 रन है।

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