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"नेताओं को राजनीतिक मजाक बर्दाश्त करना चाहिए": राघव चड्ढा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
	
		
			
	
	दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता राघव चड्ढा मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। अदालत ने सोशल मीडिया से 5 मानहानिकारक पोस्ट हटाने के आदेश दिया। बाकी कंटेंट हटाने की मांग खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मजाक को बर्दाश्त करना चाहिए। व्यंग्यात्मक आलोचना का मतलब हमेशा मानहानि नहीं होता। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

	 

	मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा 

	न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।

	 

	'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं

	राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

	 

	मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट

	 

	अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।

"नेताओं को राजनीतिक मजाक बर्दाश्त करना चाहिए": राघव चड्ढा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

"नेताओं को राजनीतिक मजाक बर्दाश्त करना चाहिए": राघव चड्ढा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
	
		
			
	
	दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता राघव चड्ढा मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। अदालत ने सोशल मीडिया से 5 मानहानिकारक पोस्ट हटाने के आदेश दिया। बाकी कंटेंट हटाने की मांग खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मजाक को बर्दाश्त करना चाहिए। व्यंग्यात्मक आलोचना का मतलब हमेशा मानहानि नहीं होता। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

	 

	मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा 

	न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।

	 

	'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं

	राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

	 

	मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट

	 

	अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता राघव चड्ढा मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। अदालत ने सोशल मीडिया से 5 मानहानिकारक पोस्ट हटाने के आदेश दिया। बाकी कंटेंट हटाने की मांग खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मजाक को बर्दाश्त करना चाहिए। व्यंग्यात्मक आलोचना का मतलब हमेशा मानहानि नहीं होता। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

 

मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा 

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।

 

'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं

राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

 

मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट

 

अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता राघव चड्ढा मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। अदालत ने सोशल मीडिया से 5 मानहानिकारक पोस्ट हटाने के आदेश दिया। बाकी कंटेंट हटाने की मांग खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मजाक को बर्दाश्त करना चाहिए। व्यंग्यात्मक आलोचना का मतलब हमेशा मानहानि नहीं होता। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

 

मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा 

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।

 

'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं

राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

 

मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट

 

अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।

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">रिया चक्रवर्ती बर्थडे स्पेशल: कानूनी मुश्किलों के बाद अब नई शुरुआत, जानें वीजे से बॉलीवुड तक का सफर रिया चक्रवर्ती आज अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं और इस बार उनका पूरा फोकस अपनी नई शुरुआत पर है। एमटीवी इंडिया पर एक बिंदास वीडियो जॉकी (VJ) के तौर पर करियर शुरू करने वाली रिया बहुत जल्द घर-घर में एक जाना-पहचाना नाम बन गई थीं। छोटे पर्दे से बॉलीवुड तक का उनका यह सफर उनकी हिम्मत और कड़ी मेहनत की एक मिसाल है।   रिया ने साल 2012 में तेलुगु फिल्म ‘तुनीगा तुनीगा’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने सुपरहिट फिल्म ‘मेरे डैड की मारुति’ के जरिए हिंदी सिनेमा में एंट्री ली। इन फिल्मों ने साबित कर दिया कि वह बॉलीवुड की इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में एक लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपनी जगह बनाने का दम रखती हैं। अपनी सादगी और बेबाक अंदाज की वजह से वह हमेशा फैंस के साथ जुड़ी रहती हैं।            रिया चक्रवर्ती के करियर की खास फिल्में और हाइलाइट्स फैंस अक्सर ‘जलेबी’ और ‘सोनाली केबल’ जैसी फिल्मों में उनकी परफॉर्मेंस को काफी पसंद करते हैं। ये फिल्में एक न्यूकमर से लेकर एक मंझी हुई कलाकार बनने तक के उनके सफर को बखूबी दिखाती हैं। इन कहानियों में उन्होंने मॉडर्न इंडियन रोमांस और ड्रामा को शानदार तरीके से जिया है। अगर आप उनकी एक्टिंग रेंज और स्क्रीन प्रेजेंस को करीब से देखना चाहते हैं, तो ये फिल्में बेहतरीन विकल्प हैं।  कानूनी मुश्किलें और रिया चक्रवर्ती का हौसला साल 2020 से 2024 के बीच रिया ने कई जटिल कानूनी मुश्किलों का सामना किया, लेकिन इस दौरान उन्होंने गजब का धैर्य दिखाया। हाल ही में भारतीय अदालतों ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति और अन्य जरूरी कानूनी राहतें दी हैं। यह दौर उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इसने उनकी मजबूती को भी दुनिया के सामने रखा। अब वह इन सब बातों को पीछे छोड़कर अपने करियर और क्रिएटिव गोल्स पर फोकस कर रही हैं।  जन्मदिन की बधाई और रिया का कमबैक आज उनके जन्मदिन पर सोशल मीडिया फैंस और साथी कलाकारों की शुभकामनाओं से भरा हुआ है। एमटीवी रोडीज में ‘गैंग लीडर’ के तौर पर उनकी वापसी को लोगों ने खूब सराहा। आप उनकी फिल्में अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं। उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स और बॉलीवुड में उनकी यह ‘कमबैक जर्नी’ काफी दिलचस्प होने वाली है।

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