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सेट बना कसेट कब्रिस्तान: इस शो की शूटिंग के दौरान बिछ गई लाशें, 60 लोगों नें गंवाईं जान, हीरो की हुई 72 सर्जरी टीवी इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड में ऐसी काफी सारी फिल्में और शोज हैं जिनके सेट पर कई बार हादसों की खबर आ जाती है। लेकिन कई बार ऐसे हादसे बड़े बन जाते हैं। आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे ही शो के बारे में बताएंगे जिसके सेट पर बहुत भयंकर आग लग गई थी और इसमें काफी सारे लोगों की जान भी चली गई थी। साथ ही शो का लीड एक्टर भी आग की चपेट में आ गया था।           दरअसल हम बात कर रहे हैं शो ‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ की। इसमें लीड किरदार संजय खान द्वारा निभाया गया था और इसके अलावा शो में दीपिका चिखलिया, आनंद महादेवन और शहबाज खान भी नजर आए थे। शो के निर्माता और निर्देशक संजय खान ही थे और लोगों ने इसे काफी पसंद भी किया था। 25 फरवरी 1990 से लेकर 14 अप्रैल 1991 तक इसको दूरदर्शन पर टेलीकास्ट किया गया था। लेकिन इस अशोक की पहचान सिर्फ उसकी कहानी से नहीं बल्कि इसके सेट पर हुए भयानक हादसे की वजह से भी थी।          हादसे में 60 लोगों की चली गई थी जान ‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ शो के सेट पर 8 फरवरी 1989 को एक बड़ा हादसा हो गया था और शो से जुड़े लोगों के लिए भी यह बहुत ही खराब दिन था। इसी दिन मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में शूटिंग भी हो रही थी और तभी सेट पर अचानक से आग लग जाती है। यह इतनी ज्यादा भयंकर आग थी कि कुछ ही मिनट के अंदर उसने पूरे सेट को रख कर दिया। इस हादसे में 60 लोगों की जान चली गई थी। जिसमें कलाकारों के अलावा क्रू मेंबर्स भी थे। संजय खान भी इस आग में काफी ज्यादा झुलस गए थे और वह थर्ड डिग्री बर्न का शिकार हो गए थे। उनका शरीर तकरीबन 65% तक जल गया था और यह हादसा आज भी टीवी इंडस्ट्री में सबसे बड़े हादसों की लिस्ट में आता है।   शादी के सीन में हुआ हादसा यह हादसा तब हुआ था जब शो के लिए हैदर अली की शादी के जश्न का सीन शूट किया जा रहा था। इसमें आतिशबाजी का भी इस्तेमाल हो रहा था। स्टूडियो में ढीली तार और पर्याप्त फायर ब्रिगेड की कमी के चलते आग बहुत ही तेजी से फैल गई थी। बहुत ही कम वक्त में यह हादसा एक बड़ा हादसा बन गया।  13 महीने तक गंभीर हालत में रहे थे संजय खान थर्ड डिग्री बर्न हो जाने के बाद संजय खान की हालत बहुत ज्यादा गंभीर हो गई थी। काफी लंबे वक्त तक उनको अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था और तकरीबन 13 महीने तक उनका इलाज चला। 17 से भी ज्यादा सर्जरी हुई और इस हादसे के बाद शो को रोक दिया गया था। तकरीबन 6 महीने तक शूटिंग बंद कर दी गई थी।

सेट बना कसेट कब्रिस्तान: इस शो की शूटिंग के दौरान बिछ गई लाशें, 60 लोगों नें गंवाईं जान, हीरो की हुई 72 सर्जरी

टीवी इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड में ऐसी काफी सारी फिल्में और शोज हैं जिनके सेट पर कई बार हादसों की खबर आ जाती है। लेकिन कई बार ऐसे हादसे बड़े बन जाते हैं। आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे ही शो के बारे में बताएंगे जिसके सेट पर बहुत भयंकर आग लग गई थी और इसमें काफी सारे लोगों की जान भी चली गई थी। साथ ही शो का लीड एक्टर भी आग की चपेट में आ गया था।

सेट बना कसेट कब्रिस्तान: इस शो की शूटिंग के दौरान बिछ गई लाशें, 60 लोगों नें गंवाईं जान, हीरो की हुई 72 सर्जरी टीवी इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड में ऐसी काफी सारी फिल्में और शोज हैं जिनके सेट पर कई बार हादसों की खबर आ जाती है। लेकिन कई बार ऐसे हादसे बड़े बन जाते हैं। आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे ही शो के बारे में बताएंगे जिसके सेट पर बहुत भयंकर आग लग गई थी और इसमें काफी सारे लोगों की जान भी चली गई थी। साथ ही शो का लीड एक्टर भी आग की चपेट में आ गया था।           दरअसल हम बात कर रहे हैं शो ‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ की। इसमें लीड किरदार संजय खान द्वारा निभाया गया था और इसके अलावा शो में दीपिका चिखलिया, आनंद महादेवन और शहबाज खान भी नजर आए थे। शो के निर्माता और निर्देशक संजय खान ही थे और लोगों ने इसे काफी पसंद भी किया था। 25 फरवरी 1990 से लेकर 14 अप्रैल 1991 तक इसको दूरदर्शन पर टेलीकास्ट किया गया था। लेकिन इस अशोक की पहचान सिर्फ उसकी कहानी से नहीं बल्कि इसके सेट पर हुए भयानक हादसे की वजह से भी थी।          हादसे में 60 लोगों की चली गई थी जान ‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ शो के सेट पर 8 फरवरी 1989 को एक बड़ा हादसा हो गया था और शो से जुड़े लोगों के लिए भी यह बहुत ही खराब दिन था। इसी दिन मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में शूटिंग भी हो रही थी और तभी सेट पर अचानक से आग लग जाती है। यह इतनी ज्यादा भयंकर आग थी कि कुछ ही मिनट के अंदर उसने पूरे सेट को रख कर दिया। इस हादसे में 60 लोगों की जान चली गई थी। जिसमें कलाकारों के अलावा क्रू मेंबर्स भी थे। संजय खान भी इस आग में काफी ज्यादा झुलस गए थे और वह थर्ड डिग्री बर्न का शिकार हो गए थे। उनका शरीर तकरीबन 65% तक जल गया था और यह हादसा आज भी टीवी इंडस्ट्री में सबसे बड़े हादसों की लिस्ट में आता है।   शादी के सीन में हुआ हादसा यह हादसा तब हुआ था जब शो के लिए हैदर अली की शादी के जश्न का सीन शूट किया जा रहा था। इसमें आतिशबाजी का भी इस्तेमाल हो रहा था। स्टूडियो में ढीली तार और पर्याप्त फायर ब्रिगेड की कमी के चलते आग बहुत ही तेजी से फैल गई थी। बहुत ही कम वक्त में यह हादसा एक बड़ा हादसा बन गया।  13 महीने तक गंभीर हालत में रहे थे संजय खान थर्ड डिग्री बर्न हो जाने के बाद संजय खान की हालत बहुत ज्यादा गंभीर हो गई थी। काफी लंबे वक्त तक उनको अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था और तकरीबन 13 महीने तक उनका इलाज चला। 17 से भी ज्यादा सर्जरी हुई और इस हादसे के बाद शो को रोक दिया गया था। तकरीबन 6 महीने तक शूटिंग बंद कर दी गई थी।

दरअसल हम बात कर रहे हैं शो ‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ की। इसमें लीड किरदार संजय खान द्वारा निभाया गया था और इसके अलावा शो में दीपिका चिखलिया, आनंद महादेवन और शहबाज खान भी नजर आए थे। शो के निर्माता और निर्देशक संजय खान ही थे और लोगों ने इसे काफी पसंद भी किया था। 25 फरवरी 1990 से लेकर 14 अप्रैल 1991 तक इसको दूरदर्शन पर टेलीकास्ट किया गया था। लेकिन इस अशोक की पहचान सिर्फ उसकी कहानी से नहीं बल्कि इसके सेट पर हुए भयानक हादसे की वजह से भी थी।

हादसे में 60 लोगों की चली गई थी जान

‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ शो के सेट पर 8 फरवरी 1989 को एक बड़ा हादसा हो गया था और शो से जुड़े लोगों के लिए भी यह बहुत ही खराब दिन था। इसी दिन मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में शूटिंग भी हो रही थी और तभी सेट पर अचानक से आग लग जाती है। यह इतनी ज्यादा भयंकर आग थी कि कुछ ही मिनट के अंदर उसने पूरे सेट को रख कर दिया। इस हादसे में 60 लोगों की जान चली गई थी। जिसमें कलाकारों के अलावा क्रू मेंबर्स भी थे। संजय खान भी इस आग में काफी ज्यादा झुलस गए थे और वह थर्ड डिग्री बर्न का शिकार हो गए थे। उनका शरीर तकरीबन 65% तक जल गया था और यह हादसा आज भी टीवी इंडस्ट्री में सबसे बड़े हादसों की लिस्ट में आता है।

शादी के सीन में हुआ हादसा

यह हादसा तब हुआ था जब शो के लिए हैदर अली की शादी के जश्न का सीन शूट किया जा रहा था। इसमें आतिशबाजी का भी इस्तेमाल हो रहा था। स्टूडियो में ढीली तार और पर्याप्त फायर ब्रिगेड की कमी के चलते आग बहुत ही तेजी से फैल गई थी। बहुत ही कम वक्त में यह हादसा एक बड़ा हादसा बन गया।

13 महीने तक गंभीर हालत में रहे थे संजय खान

थर्ड डिग्री बर्न हो जाने के बाद संजय खान की हालत बहुत ज्यादा गंभीर हो गई थी। काफी लंबे वक्त तक उनको अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था और तकरीबन 13 महीने तक उनका इलाज चला। 17 से भी ज्यादा सर्जरी हुई और इस हादसे के बाद शो को रोक दिया गया था। तकरीबन 6 महीने तक शूटिंग बंद कर दी गई थी।

टीवी इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड में ऐसी काफी सारी फिल्में और शोज हैं जिनके सेट पर कई बार हादसों की खबर आ जाती है। लेकिन कई बार ऐसे हादसे बड़े बन जाते हैं। आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे ही शो के बारे में बताएंगे जिसके सेट पर बहुत भयंकर आग लग गई थी और इसमें काफी सारे लोगों की जान भी चली गई थी। साथ ही शो का लीड एक्टर भी आग की चपेट में आ गया था।

दरअसल हम बात कर रहे हैं शो ‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ की। इसमें लीड किरदार संजय खान द्वारा निभाया गया था और इसके अलावा शो में दीपिका चिखलिया, आनंद महादेवन और शहबाज खान भी नजर आए थे। शो के निर्माता और निर्देशक संजय खान ही थे और लोगों ने इसे काफी पसंद भी किया था। 25 फरवरी 1990 से लेकर 14 अप्रैल 1991 तक इसको दूरदर्शन पर टेलीकास्ट किया गया था। लेकिन इस अशोक की पहचान सिर्फ उसकी कहानी से नहीं बल्कि इसके सेट पर हुए भयानक हादसे की वजह से भी थी।

The Sword Of Tipu Sultan

हादसे में 60 लोगों की चली गई थी जान

‘द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान’ शो के सेट पर 8 फरवरी 1989 को एक बड़ा हादसा हो गया था और शो से जुड़े लोगों के लिए भी यह बहुत ही खराब दिन था। इसी दिन मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में शूटिंग भी हो रही थी और तभी सेट पर अचानक से आग लग जाती है। यह इतनी ज्यादा भयंकर आग थी कि कुछ ही मिनट के अंदर उसने पूरे सेट को रख कर दिया। इस हादसे में 60 लोगों की जान चली गई थी। जिसमें कलाकारों के अलावा क्रू मेंबर्स भी थे। संजय खान भी इस आग में काफी ज्यादा झुलस गए थे और वह थर्ड डिग्री बर्न का शिकार हो गए थे। उनका शरीर तकरीबन 65% तक जल गया था और यह हादसा आज भी टीवी इंडस्ट्री में सबसे बड़े हादसों की लिस्ट में आता है।

शादी के सीन में हुआ हादसा

यह हादसा तब हुआ था जब शो के लिए हैदर अली की शादी के जश्न का सीन शूट किया जा रहा था। इसमें आतिशबाजी का भी इस्तेमाल हो रहा था। स्टूडियो में ढीली तार और पर्याप्त फायर ब्रिगेड की कमी के चलते आग बहुत ही तेजी से फैल गई थी। बहुत ही कम वक्त में यह हादसा एक बड़ा हादसा बन गया।

13 महीने तक गंभीर हालत में रहे थे संजय खान

थर्ड डिग्री बर्न हो जाने के बाद संजय खान की हालत बहुत ज्यादा गंभीर हो गई थी। काफी लंबे वक्त तक उनको अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था और तकरीबन 13 महीने तक उनका इलाज चला। 17 से भी ज्यादा सर्जरी हुई और इस हादसे के बाद शो को रोक दिया गया था। तकरीबन 6 महीने तक शूटिंग बंद कर दी गई थी।

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Biogas plant Uttar Pradesh, Biogas, IIT Delhi, Chief Minister Yogi Adityanath, Uttar Pradesh Government, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news बायोगैस संयंत्र उत्‍तर प्रदेश, बायोगैस, आईआईटी दिल्ली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्‍तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, गो संरक्षण अभियान, उत्‍तर प्रदेश समाचार">योगी सरकार बड़े पैमाने पर स्थापित करेगी बायोगैस संयंत्र, आईआईटी दिल्ली का लेगी सहयोग
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज 
	–  झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम																								
																														
																																			
	– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
	Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गो संरक्षण अभियान को आईआईटी दिल्ली की टेक्नोलॉजी से नई गति मिलने वाली है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और विशेषज्ञों की टीम यूपी में बड़े पैमाने पर बायोगैस संयंत्र स्थापित करने में तकनीकी सहयोग करेगी। इससे प्रदेश के हर जिले में मॉडल विलेज का सपना साकार होगा। गो सेवा और बायोगैस के जरिए यूपी की तस्वीर पूरी तरह बदलने का योगी सरकार का विजन अब धरातल पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित किए गए हैं।									इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।																									
																
																
																														
																														
																																																											
																														
																																			
	झांसी का पलींदा गांव बनेगा मिसाल

	झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।																								
																														
																																			
	 
	किसानों को मिलेगी बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद

	गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	गो सेवा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

	गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।																																																									
																	
															
																														
																																																		
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
			 
				
				
					 
						
															 
									
									 
									     							
									 लेखक के बारे में
									 चेतन गौड़
										
									
															
					
			    
			
			
			
							
				
						Biogas plant Uttar Pradesh, Biogas, IIT Delhi, Chief Minister Yogi Adityanath, Uttar Pradesh Government, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news बायोगैस संयंत्र उत्‍तर प्रदेश, बायोगैस, आईआईटी दिल्ली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्‍तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, गो संरक्षण अभियान, उत्‍तर प्रदेश समाचार

लेखक के बारे में

चेतन गौड़

Biogas plant Uttar Pradesh, Biogas, IIT Delhi, Chief Minister Yogi Adityanath, Uttar Pradesh Government, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news बायोगैस संयंत्र उत्‍तर प्रदेश, बायोगैस, आईआईटी दिल्ली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्‍तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, गो संरक्षण अभियान, उत्‍तर प्रदेश समाचार">योगी सरकार बड़े पैमाने पर स्थापित करेगी बायोगैस संयंत्र, आईआईटी दिल्ली का लेगी सहयोग
योगी सरकार बड़े पैमाने पर स्थापित करेगी बायोगैस संयंत्र, आईआईटी दिल्ली का लेगी सहयोग
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज 
	–  झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम																								
																														
																																			
	– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
	Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गो संरक्षण अभियान को आईआईटी दिल्ली की टेक्नोलॉजी से नई गति मिलने वाली है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और विशेषज्ञों की टीम यूपी में बड़े पैमाने पर बायोगैस संयंत्र स्थापित करने में तकनीकी सहयोग करेगी। इससे प्रदेश के हर जिले में मॉडल विलेज का सपना साकार होगा। गो सेवा और बायोगैस के जरिए यूपी की तस्वीर पूरी तरह बदलने का योगी सरकार का विजन अब धरातल पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित किए गए हैं।									इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।																									
																
																
																														
																														
																																																											
																														
																																			
	झांसी का पलींदा गांव बनेगा मिसाल

	झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।																								
																														
																																			
	 
	किसानों को मिलेगी बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद

	गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	गो सेवा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

	गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।																																																									
																	
															
																														
																																																		
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
			 
				
				
					 
						
															 
									
									 
									     							
									 लेखक के बारे में
									 चेतन गौड़
										
									
															
					
			    
			
			
			
							
				
						Biogas plant Uttar Pradesh, Biogas, IIT Delhi, Chief Minister Yogi Adityanath, Uttar Pradesh Government, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news बायोगैस संयंत्र उत्‍तर प्रदेश, बायोगैस, आईआईटी दिल्ली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्‍तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, गो संरक्षण अभियान, उत्‍तर प्रदेश समाचार

– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज 

–  झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम

– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस

Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गो संरक्षण अभियान को आईआईटी दिल्ली की टेक्नोलॉजी से नई गति मिलने वाली है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और विशेषज्ञों की टीम यूपी में बड़े पैमाने पर बायोगैस संयंत्र स्थापित करने में तकनीकी सहयोग करेगी। इससे प्रदेश के हर जिले में मॉडल विलेज का सपना साकार होगा। गो सेवा और बायोगैस के जरिए यूपी की तस्वीर पूरी तरह बदलने का योगी सरकार का विजन अब धरातल पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित किए गए हैं।

इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।

झांसी का पलींदा गांव बनेगा मिसाल

झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।

 

किसानों को मिलेगी बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।

गो सेवा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।

लेखक के बारे में

चेतन गौड़

Biogas plant Uttar Pradesh, Biogas, IIT Delhi, Chief Minister Yogi Adityanath, Uttar Pradesh Government, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news बायोगैस संयंत्र उत्‍तर प्रदेश, बायोगैस, आईआईटी दिल्ली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्‍तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, गो संरक्षण अभियान, उत्‍तर प्रदेश समाचार

ये प्रोड्यूसर कोई और नहीं बल्कि संजय कोहली हैं। शो छोड़ने के वक्त जो गंभीर आरोप अभिनेत्री के द्वारा लगाए गए थे उनको लेकर शिल्पा ने खुद ही सबकुछ क्लियर कर दिया कि वो महज फर्जी आरोप थे।

इसका कारण ये भी है कि शिल्पा शिंदे ने इस शो को दोबारा जॉइन किया था। अब एक्ट्रेस ने एक और खुलासा किया है कि कैसे शो में वापस आने के लिए प्रोड्यूसर उनके सामने गिड़गिड़ाए थे। भले ही ऐसा विवाद हुआ था लेकिन उन दोनों के संबंध अच्छे थे।

शो में आने के लिए की विनती

एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो प्रतियोगियों से बात कर रहीं थीं। इस दौरान लड़कों का कहना था कि आपने गलत किया। शिल्पा शिंदे ने कहा मैने मिसयूज नहीं बल्कि यूज किया अपने लिए। एक्ट्रेस ने आगे कहा, ”9 साल बाद उन्होंने गिड़गिड़ाकर मुझे शो में वापस लिया, क्यों लिया?” प्रतियोगी ने कहा कि, ”उनको आपकी जरूरत होगी आपको उनकी जरूरत होगी।” शिल्पा शिंदे ने कहा, ”बच्चे को अभी, बच्चे हो।” उनका ये वीडियो लॉकअप सीजन 2 से आग की तरह वायरल हो रहा है। बता दें कि शिल्पा शिंदे बिग बॉस जीत चुकी हैं और काफी अच्छी तरह से उन्होंने अपना सफर देखा था। अब वो वापसी कर चुकी हैं और देखने वाली बात होगी कि वो और कौन से शो का हिस्सा बनती हैं।

लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन्स

शिल्पा शिंदे के इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के कमेंट्स आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ”योगेश यहाँ बिल्कुल सही हैं।” एक ने लिखा, ”मुझे बहुत अच्छा लगा कि उसने शिल्पा और श्रेया, दोनों की ही बोलती बंद कर दी।” एक ने लिखा, ”मुझे बहुत अच्छा लगा कि उसने आखिर में उसे कुछ कहने ही नहीं दिया!!” एक ने लिखा, ”जब उसने दूसरी बार दरवाज़ा धक्का दिया तो मुझे बहुत ज़ोर से हंसी आई।” इस तरह से लोग कमेंट्स कर रहे हैं। देखिए वीडियो..

">‘प्रोड्यूसर ने गिड़गिड़ाकर शो में वापस बुलाया..’ शिल्पा शिंदे का वीडियो वायरल, झूठे आरोपों के बाद कही ये बात Shilpa Shinde Viral Video: टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में फर्जी आरोपों वाले खुलासे के बाद वो सुर्खियों में आईं थीं। उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया था कि भाबीजी घर पर हैं कि प्रोड्यूसर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।           ये प्रोड्यूसर कोई और नहीं बल्कि संजय कोहली हैं। शो छोड़ने के वक्त जो गंभीर आरोप अभिनेत्री के द्वारा लगाए गए थे उनको लेकर शिल्पा ने खुद ही सबकुछ क्लियर कर दिया कि वो महज फर्जी आरोप थे।       इसका कारण ये भी है कि शिल्पा शिंदे ने इस शो को दोबारा जॉइन किया था। अब एक्ट्रेस ने एक और खुलासा किया है कि कैसे शो में वापस आने के लिए प्रोड्यूसर उनके सामने गिड़गिड़ाए थे। भले ही ऐसा विवाद हुआ था लेकिन उन दोनों के संबंध अच्छे थे। शो में आने के लिए की विनती  एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो प्रतियोगियों से बात कर रहीं थीं। इस दौरान लड़कों का कहना था कि आपने गलत किया। शिल्पा शिंदे ने कहा मैने मिसयूज नहीं बल्कि यूज किया अपने लिए। एक्ट्रेस ने आगे कहा, ”9 साल बाद उन्होंने गिड़गिड़ाकर मुझे शो में वापस लिया, क्यों लिया?” प्रतियोगी ने कहा कि, ”उनको आपकी जरूरत होगी आपको उनकी जरूरत होगी।” शिल्पा शिंदे ने कहा, ”बच्चे को अभी, बच्चे हो।” उनका ये वीडियो लॉकअप सीजन 2 से आग की तरह वायरल हो रहा है। बता दें कि शिल्पा शिंदे बिग बॉस जीत चुकी हैं और काफी अच्छी तरह से उन्होंने अपना सफर देखा था। अब वो वापसी कर चुकी हैं और देखने वाली बात होगी कि वो और कौन से शो का हिस्सा बनती हैं।  लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन्स शिल्पा शिंदे के इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के कमेंट्स आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ”योगेश यहाँ बिल्कुल सही हैं।” एक ने लिखा, ”मुझे बहुत अच्छा लगा कि उसने शिल्पा और श्रेया, दोनों की ही बोलती बंद कर दी।” एक ने लिखा, ”मुझे बहुत अच्छा लगा कि उसने आखिर में उसे कुछ कहने ही नहीं दिया!!” एक ने लिखा, ”जब उसने दूसरी बार दरवाज़ा धक्का दिया तो मुझे बहुत ज़ोर से हंसी आई।” इस तरह से लोग कमेंट्स कर रहे हैं। देखिए वीडियो..

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