×
महाकाल मंदिर की संपत्ति पहली बार आई सामने:  472 करोड़ की एफडी, 90 एकड़ जमीन, 300 करोड़ से ज्यादा का सोना – Ujjain News

महाकाल मंदिर की संपत्ति पहली बार आई सामने: 472 करोड़ की एफडी, 90 एकड़ जमीन, 300 करोड़ से ज्यादा का सोना – Ujjain News

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति हर वर्ष श्रद्धालुओं से प्राप्त नकद और ऑनलाइन दान का ब्यौरा सार्वजनिक करती रही है, लेकिन पहली बार मंदिर समिति की कुल वित्तीय और स्थायी संपत्तियों की तस्वीर सामने आई है।

.

समिति के पास वर्तमान में करीब 472 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), लगभग 90 एकड़ बेशकीमती जमीन, 300 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का सोना और 20 क्विंटल से ज्यादा चांदी है।

मंदिर समिति की 472 करोड़ रुपए की एफडी यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया में जमा है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में करीब 16 करोड़ रुपए की नकद राशि भी उपलब्ध है। हालांकि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण मंदिर समिति का वार्षिक खर्च भी तेजी से बढ़कर करीब 135 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

बता दें कि महाकाल मंदिर में दान किए सोना-चांदी पर दैनिक भास्कर ने एक दिन पहले ही खबर दिखाई थी जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने संपत्ति सार्वजनिक की हैं।

महाकाल मंदिर का गर्भगृह।

महाकाल लोक बनने के बाद तीन गुना बढ़े श्रद्धालु

11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री द्वारा श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किए जाने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ। पहले प्रतिदिन जहां 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर डेढ़ से दो लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ मंदिर की आय और दान राशि में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

महाकाल मंदिर को हाल ही में दान किया गया रजत मुकुट।

महाकाल मंदिर को हाल ही में दान किया गया रजत मुकुट।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 142 करोड़ की आय

मंदिर समिति को वित्तीय वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान रिकॉर्ड 142 करोड़ रुपए की आय हुई। इसमें केवल दान मद से ही 78 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जो पिछले छह वर्षों का सबसे अधिक दान है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 27 करोड़ रुपए अधिक रही।

आय के साथ खर्च भी बढ़ा

महाकाल लोक बनने से पहले मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 2.82 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 47 हेक्टेयर हो चुका है। वर्तमान में मंदिर समिति में 306 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनके वेतन, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, रखरखाव, निर्माण कार्य, अन्नक्षेत्र, गोशाला, महाकालेश्वर वैदिक शोध संस्थान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पर्व-त्योहारों की व्यवस्थाओं पर हर वर्ष लगभग 135 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पहले मंदिर का मासिक खर्च करीब 2.5 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 11 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

एक साल में 107 करोड़ का दान, सोना-चांदी भी खूब मिला

वर्ष 2025 के दौरान लगभग 6 करोड़ श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। इस अवधि में मंदिर को 107 करोड़ रुपए का दान प्राप्त हुआ, जिसमें 43 करोड़ रुपए दान पेटियों से, 64 करोड़ रुपए शीघ्र दर्शन टिकट एवं रसीदों से प्राप्त हुए। इसी दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर को 592.36 किलो चांदी और 1.48 किलो सोना भी दान किया। वर्ष 2024 की तुलना में चांदी का दान लगभग 193 किलो अधिक रहा, जबकि सोने का दान मामूली रूप से कम दर्ज किया गया।

क्यू आर कोड के जरिए भी दिया जाता है दान।

क्यू आर कोड के जरिए भी दिया जाता है दान।

300 करोड़ से ज्यादा का सोना, 20 क्विंटल से अधिक चांदी

सूत्रों के अनुसार, मंदिर समिति के पास वर्तमान में 20 क्विंटल से अधिक चांदी मौजूद है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं मंदिर के पास 300 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का सोना भी सुरक्षित है। इसके अलावा समिति के स्वामित्व में लगभग 90 एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत भी करोड़ों रुपए में है। हालांकि इन जमीनों से जुड़े कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।

लड्डू प्रसादी से भी हुई बड़ी कमाई

मंदिर समिति को लड्डू प्रसादी की बिक्री से 65 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं ने वर्षभर में करोड़ों रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी भगवान महाकाल को समर्पित किए, जिससे मंदिर समिति की संपत्ति में लगातार वृद्धि हो रही है।

ये खबर भी पढ़ें…

महाकाल में कितना सोना-चांदी? कोई हिसाब नहीं

अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि को लेकर उठे विवाद के बाद मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। भास्कर ने जब प्रदेश के बड़े मंदिरों में दान के हिसाब-किताब का ब्योरा खंगाला तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। यूं तो उज्जैन के महाकाल मंदिर में नकद दान की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था है, लेकिन सोना-चांदी के दान का सार्वजनिक ब्योरा नदारद है।पूरी खबर पढ़ें

Source link
#महकल #मदर #क #सपतत #पहल #बर #आई #समन #करड #क #एफड #एकड #जमन #करड #स #जयद #क #सन #Ujjain #News

Post Comment