नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में नौकरी और कमीशन की आड़ में आदिवासी क्षेत्र की युवतियों को बंधक बनाकर शौषण का मामला सामने आया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमारस…और पढ़ें
HighLights
- कड़ी निगरानी के बीच होस्टल में रखते थे आरोपी
- ट्रेन में बैठकर रतलाम भागी और स्वजन को बताई घटना
- युवती और सहयोगियों को पुलिस ने पकड़ा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में नौकरी और कमीशन की आड़ में आदिवासी क्षेत्र की युवतियों को बंधक बनाकर शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमारसिंह को मिली शिकायत के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापे मार कर एक युवती और उसके सहयोगी को पकड़ लिया। युवतियों ने आईडी और रजिस्ट्रेशन के बहाने ठगी का आरोप भी लगाया है।
रतलाम जिले के सैलाना, बाजना और रावटी क्षेत्र की 9 युवतियां गुरुवार दोपहर आयुक्त कार्यालय (पलासिया) पहुंची और रोते हुए घटना बताई। संगीता, रानी, रानू, पायल, अवंति नामक युवती ने करीब 10 दिन पूर्व सोना उर्फ सोनम के माध्यम से बुलाया गया था। युवतियों से आईडी बनाने के लिए सात हजार रुपये ले लिए गए। बाद में 17 हजार रुपये लिए और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बेचने का जिम्मा सौंपा।
होस्टल में बंधक बनाया और बातचीत पर भी पाबंदी लगा दी
आरोप है कि उनको राजेंद्र नगर ब्रिज के समीप होस्टल में बंधक बनाया और बातचीत पर भी पाबंदी लगा दी। मोबाइल और वाट्सएप पर भी निगरानी में बात की जाती थी। उन पर अन्य युवतियों को चेन सिस्टम में शामिल करने का दबाव बनाया जाता था। एक अन्य होस्टल में शिफ्ट करने के दौरान युवतियां ट्रेन में बैठ कर रतलाम पहुंची और सामाजिक कार्यकर्ता योगेश पटेल से मदद मांगी।
गुरुवार को पीड़ित युवतियां सीधे पुलिस आयुक्त संतोष कुमारसिंह के पास पहुंची और बताया कईं युवतियां इसी तरह होस्टल में बंद है। सीपी ने जोन-1 के डीसीपी नरेंद्रसिंह रावत को जांच के आदेश दिए और राजेंद्र नगर पुलिस ने साईंराम रेस्त्रां वाली इमारत में छापा मारकर युवतियों को बाहर निकाला।
एडीसीपी सुमित केरकेट्टा के मुताबिक मामला धोखाधड़ी का है। पुलिस ने युवतियों के कथन लिए और उर्मिला गुर्जर व कमलेश को हिरासत में ले लिया। पुलिस सोना की भूमिका जांच रही है। वह पहले से कंपनी में काम करती थी। उसको अन्य युवतियों को जोड़ने का टारगेट सौंपा गया था। सोना ने गाड़ी, कैश और उपहार का प्रलोभन देकर युवतियों को बुला लिया। कुछ तो नाबालिग भी हैं।
अहमदाबाद और वहां से दुबई ले जाने की तैयारी थी
पीड़िताओं ने पुलिस को बताया उनके मोबाइल, आईडी, रुपये भी जब्त कर लिए जाते थे। उर्मिला की उपस्थिति में ही बात करवाई जाती थी। उनके साथ गलत काम का प्रयास भी किया गया। युवतियों से कहा था कि उन्हें घुमाने के बहाने अहमदाबाद ले जाने की तैयारी थी। इसके बाद उन्हें दुबई ले जाया जाता।
युवतियों ने तो कथन में यह भी बताया कि लाइट बंद कर अनजान युवकों को रुम में भेजा जाता था। मददगार रोहित कुमार के अनुसार युवतियां गरीब परिवार की है। आठवीं तक पढ़ी लिखी है। उनके माता-पिता भी नहीं है। साजिश के तहत ऐसी युवतियों को चुना गया था।
आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के नाम पर फर्जीवाड़ा
एडीसीपी के अनुसार पूरा फर्जीवाड़ा आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के नाम पर चल रहा था। आरोपितों ने महादेव इंटरप्राइजेस के नाम से कंपनी बनाई थी। उसमें ड्रीम लाइफ वेलनेस के प्रोडक्ट बेचने का दबाव बनाया जाता था। युवतियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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