×
शेयर ट्रेडिंग में फर्जीवाड़ा:साइबर अपराधियों को खाते बेचने वाले तीन गिरफ्तार

शेयर ट्रेडिंग में फर्जीवाड़ा:साइबर अपराधियों को खाते बेचने वाले तीन गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और एक स्कार्पियो वाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 22 Jul 2026 07:37:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Jul 2026 07:40:21 PM (IST)

साइबर क्राइम।

HighLights

  1. विवेचना के दौरान पहले गिरफ्तार आरोपित जय सूर्यवंशी और जतिन हरियाले को पकड़ा था।
  2. आरोपितों से पूछताछ, बैंक खातों केविश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हुई।
  3. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने आकाश विश्वकर्मा ,प्रवीण पाल और आशीष पुरी को गिरफ्तार किया।

नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। शेयर ट्रेडिंग और Online निवेश के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क पर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है जो, गिरोह के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। पुलिस इससे पहले इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।

पुलिस परदेशीपुरा थाना में दर्ज धोखाधड़ी के प्रकरण की जांच कर रही है। विवेचना के दौरान पहले गिरफ्तार आरोपित जय सूर्यवंशी और जतिन हरियाले को पकड़ा था। आरोपितों से पूछताछ, बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान हुई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने आकाश विश्वकर्मा ,प्रवीण पाल और आशीष पुरी को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और एक स्कार्पियो वाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की जांच से साइबर ठगी के नेटवर्क और बैंक खातों के इस्तेमाल से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर या खाते उपलब्ध कराकर उनकी बैंकिंग किट—एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड—साइबर ठगों तक पहुंचाते थे। इन खातों का इस्तेमाल शेयर ट्रेडिंग और Online निवेश के नाम पर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने, ट्रांसफर करने और आगे बांटने में किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का उपयोग देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड मामलों में किया गया है। खातों के विश्लेषण में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिले हैं। संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

क्राइम ब्रांच आरोपियों की संपत्तियों की भी जानकारी जुटा रही है। वहीं पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर गिरोह के मास्टरमाइंड, बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अन्य एजेंटों और पूरे वित्तीय नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आगामी कार्रवाई में साइबर ठगी के इस बड़े रैकेट से जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं।

Source link
#शयर #टरडग #म #फरजवडसइबर #अपरधय #क #खत #बचन #वल #तन #गरफतर

Post Comment