×
मध्य प्रदेश में तमिल और तेलुगु भाषा में भी होगी पढ़ाई, बोले मंत्री इंदर सिंह परमार

मध्य प्रदेश में तमिल और तेलुगु भाषा में भी होगी पढ़ाई, बोले मंत्री इंदर सिंह परमार

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : भारत में 4 हजार साल पहले इंजीनियरिंग की शिक्षा दी जाती थी, जिसके कई प्रमाण मौजूद है, इस पर हमें गर्व करना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने जो ज्ञान दिया है, उसको आज समझने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में केवल हिंदी ही नहीं तमिल, तेलुगु, गुजराती, पंजाबी आदि भारतीय भाषाओं में पढ़ाई कराई जाएगी। ताकि यदि कोई विद्यार्थी दूसरे राज्यों में अध्ययन और रोजगार के लिए जाए तो उसे वहां असुविधा नहीं हो।

यह बातें उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने एसजीएसआईटीएस में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस दौरान उन्होंने झाबुआ पोलिटेक्निक कसलेज के इंटर्नशिप विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उन्हें प्रमाणपत्र वितरित किए।

कार्यक्रम में बताया गया कि एसजीएसआईटीएस में गत वर्ष बी. टेक के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए सामुदायिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस पाठ्यक्रम में अध्ययनरत 600 से अधिक विद्यार्थियों ने उन्नत भारत अभियान, शिव-गंगा झाबुआ, सेवा भारती, विज्ञान भारती सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़कर कार्य किया है।

संस्थान के 250 विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 60 गांवों में 4 दिन रहकर ग्रामीण भारत की जीवनशैली को समझा है। कार्यक्रम में खासगी ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत राव होलकर और पद्मश्री प्रो. डीबी फाटक भी माैजूद रहे।

उत्कृष्ट छात्रावासों में अध्यापन के लिए शिक्षक होंगे नियुक्त

इंदौर : जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास के द्वारा विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में कोचिंग अध्यापन कार्य के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए शिक्षक-शिक्षकाओं से आवेदन मंगाए गए है। आवेदन संबंधित छात्रावास के अधीक्षक के यहां 15 अगस्त तक जमा करने होंगे।

शिक्षकों को कालखंड के अनुसार भुगतान किया जाएगा और प्रतिमाह कम से कम 20 कालखंड अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा।इंदौर जिले में जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विकासखण्ड स्तर पर 7 उत्कृष्ट छात्रावासों में कक्षा 9वी, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को कोचिंग अध्यापन के लिए शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा।

इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 60 प्रतिशत उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। बीएड एवं एमएड उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षकों को 300 रुपये प्रति कालखंड भुगतान किया जाएगा। उम्मीदवार केवल एक ही छात्रावास में आवेदन कर सकते है। जिले में उत्कृष्ट अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास मोतीतबेला इंदौर, कन्या छात्रावास देपालपुर, कन्या छात्रावास सांवेर, बालक छात्रावास संयोगितागंज इंदौर, बालक छात्रावास देपालपुर, बालक छात्रावास महूगांव तथा बालक छात्रावास सांवेर शामिल है।

यह भी पढ़ें- एमपी इंजीनियरिंग एडमिशन 2026: ये ब्रांच बनी स्टूडेंट्स की पहली पसंद, 7711 छात्रों ने चुनी; जानिए कब आएगी दूसरी लिस्ट

Source link
#मधय #परदश #म #तमल #और #तलग #भष #म #भ #हग #पढई #बल #मतर #इदर #सह #परमर

Post Comment