केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सेटेलाइट इंटरनेट प्रोजेक्ट का लाइसेंस दिए जाने की पुष्टि की है। ग्वालियर में उन्होंने कहा कि स्टारलिंक की जो सेटेलाइट कनेक्टिविटी है वह फूलों के गुलदस्ते की तरह है… टेलीकॉम के गुलदस्ते में एक नया फूल है।
दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पत्रकारों से बोले कि पुराने जमाने में केबल या फिक्स लाइन होती थी, और उसे भी घुमाना पड़ता था। अब मोबाइल कनेक्टिविटी हो गई है और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी भी, ऑप्टिकल फाइबर की भी कनेक्टिविटी आ गई है। इसी के साथ सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण है। दूर दराज के इलाकों में जहां हम वायर नहीं ले जा सकते, जहां टावर स्थापित नहीं कर सकते, वहां सेटेलाइट से ही कनेक्टिविटी बढ़ सकती है।
तीसरा लाइसेंस स्टारलिंक को दिया जा रहा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए जल्द ही तीसरा लाइसेंस दिया जाएगा। पहला लाइसेंस भारतीय ग्रुप कंपनी वन वेब को दिया गया था, दूसरा लाइसेंस रिलायंस को दिया और अब तीसरा लाइसेंस स्टारलिंक को दिया जा रहा है। इसके बाद सरकार के द्वारा स्पेक्ट्रम दिया जाएगा। इसके बाद यह सर्विस भी तेज गति से देश में पूर्ण रूप से चालू हो जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एलन मस्क की कंपनी बहुत सस्ता डाटा उपलब्ध कराएगी। महज 840 रुपए में अनलिमिटेड डाटा देगी। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन स्टारलिंक को पहले ही लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) दे चुका है। अब सिर्फ फाइनल अप्रूवल मिलना बाकी है।
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