श्री अमरनाथ यात्रा के लिए ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण के लिए मंगलवार से टोकन मिलना शुरू गए। जम्मू में तवी रिवर फ्रंट पर बने पंजीकरण केंद्रों पर पहले ही दिन श्रद्धालुओं इतनी भीड़ उमड़ी कि सुरक्षाबलों को नियंत्रित करने में पसीना छूट गया। अंतत: पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। इसमें 50 श्रद्धालु घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के बाद अधिकांश को छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद जम्मू संभाग के मंडलायुक्त रमेश कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी। हर कोई पहले पंजीकरण कराना चाहता था। रिवर फ्रंट पर अब व्यवस्था दुरुस्त है।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए तीर्थयात्रा तीन जुलाई से शुरू हो रही है। जम्मू के भगवतीनगर से श्रद्धालुओं का पहला जत्था दो जुलाई को कश्मीर के लिए रवाना होगा। साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन तरीके से अग्रिम पंजीकरण करा चुके हैं। अब ऑफलाइन (तत्काल) पंजीकरण हो रहे हैं। पंजीकरण से एक दिन पहले श्रद्धालुओं को तय पहलगाम या बालटाल मार्ग के लिए टोकन लेना पड़ता है। टोकन लेने एवं तत्काल पंजीकरण के लिए तवी रिवर फ्रंट पर 10 केंद्र बनाए गए हैं।
मंगलवार को टोकन लेने के लिए देश भर से आए श्रद्धालु आधी रात से ही कतारों में लग गए थे। सुबह आठ बजे पंजीकरण केंद्र खुलने तक श्रद्धालुओं की संख्या करीब 10 हजार तक पहुुंच चुकी थी। जैसे ही काउंटर खुला, कतारों में पीछे खड़े श्रद्धालु आगे निकलने की कोशिश करने लगे। इससे कतारें टूट गईं और फिर श्रद्धालु काउंटरों की तरफ दौड़ पड़े। अचानक से श्रद्धालुओं में आगे बढ़ने की होड़ से स्थिति बेकाबू होने लगी।
श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी के दाैरान तवी रिवर फ्रंट पर जम्मू के डीसी डाॅ. राकेश मिन्हास भी मौजूद थे। पुलिस ने श्रद्धालुओं को व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकर से अनाउंस किया। इसके बावजूद श्रद्धालु बैरिकेडिंग और तारबंदी फांदकर आगे बढ़ने लगे। जब स्थिति काबू नहीं हुई तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें करीब 50 श्रद्धालुओं को चोटें आईं। घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी हैं। रिवर फ्रंट पर पर बने स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद 10 घायलों को जीएमसी जम्मू और 23 को गांधीनगर अस्पताल में ले जाया गया। अधिकांश को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सोमवार को रूट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक्स-रे स्क्रीनिंग, आरएफआईडी ट्रैकिंग और बम निरोधक दस्ते तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए अनिवार्य आरएफआईडी कार्ड
बिना आरएफआईडी कार्ड के श्रद्धालु यात्रा पर नहीं जा सकेंगे। ये कार्ड जम्मू रेलवे स्टेशन, भगवती नगर यात्री निवास, तवी रिवरफ्रंट, उधमपुर रेलवे स्टेशन, चंद्रकोट, बनिहाल, लखनपुर और सांबा सहित अन्य निर्धारित केंद्रों पर जारी किए जाएंगे। जिन तीर्थयात्रियों ने ऑनलाइन पंजीकरण और ई-केवाईसी सत्यापन पूरा कर लिया है उन्हें बेस कैंप की ओर बढ़ने से पहले अपने आरएफआईडी कार्ड लेने की सलाह दी गई है। बता दें कि तवी रिवर फ्रंट पर इस बार प्रशासन ने दूसरे राज्यों से आने वाले बिना पंजीकरण वाले यात्रियों के लिए मेगा सुविधा केंद्र बनाया है।
2048 टोकन बांटे गए
रिवर फ्रंट पर बने केंद्रों से मंगलवार को 2048 टोकन बांटे गए। ये टोकन पहलगाम और बालटाल दोनों यात्रा मार्गों के लिए हैं। टोकन पाने वाले श्रद्धालु बुधवार को यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।
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