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Asha Bhosle Passes Away: 82 साल का रहा है सिंगिंग कॅरियर, 12,000 से ज्यादा गानों में दी आवाज, जानें ये बातें   इंंटरनेट डेस्क। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रही। उनका निधन रविवार को 92 साल की उम्र में निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आज 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसने का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

उन्हें कई मेडिकल समस्याएं होने के चलते शनिवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबरों के अनुसार, मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनकी निधन हुआ। आज हम आपको आशा भोसले से जुड़ी कुछ बातों के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो। आपको जानकर हैरानी होगी कि उनका सिंगिंग कॅरियर 82 साल का रहा है।

उन्होने अपने कॅरियर 9 फिल्फमेयर सहित 100 से अधिक अवॉर्ड जीते। क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसेले ने पहला गाना 10 साल की उम्र में गाया था। अपने कॅरियर में उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गानों में आवाज दी।

7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड जीते
आशो भोसले के प्रमुख गानेां में 'इन आंखों की मस्ती', 'दम मारो दम', 'पिया तू अब तो आजा' और 'चुरा लिया है तुमने' आज भी लोकप्रिय हैं। आशा भोसले के 9 फिल्मफेयर पुरस्कारों में से 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं। वह कुल 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुई थी। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आखिरी गाना 2026 में रिलीज हुआ।

PC:ndtvAsha Bhosle Passes Away, Singing Career, Asha Bhosle, Hindi news

Asha Bhosle Passes Away: 82 साल का रहा है सिंगिंग कॅरियर, 12,000 से ज्यादा गानों में दी आवाज, जानें ये बातें

Asha Bhosle Passes Away: 82 साल का रहा है सिंगिंग कॅरियर, 12,000 से ज्यादा गानों में दी आवाज, जानें ये बातें   इंंटरनेट डेस्क। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रही। उनका निधन रविवार को 92 साल की उम्र में निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आज 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसने का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

उन्हें कई मेडिकल समस्याएं होने के चलते शनिवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबरों के अनुसार, मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनकी निधन हुआ। आज हम आपको आशा भोसले से जुड़ी कुछ बातों के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो। आपको जानकर हैरानी होगी कि उनका सिंगिंग कॅरियर 82 साल का रहा है।

उन्होने अपने कॅरियर 9 फिल्फमेयर सहित 100 से अधिक अवॉर्ड जीते। क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसेले ने पहला गाना 10 साल की उम्र में गाया था। अपने कॅरियर में उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गानों में आवाज दी।

7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड जीते
आशो भोसले के प्रमुख गानेां में 'इन आंखों की मस्ती', 'दम मारो दम', 'पिया तू अब तो आजा' और 'चुरा लिया है तुमने' आज भी लोकप्रिय हैं। आशा भोसले के 9 फिल्मफेयर पुरस्कारों में से 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं। वह कुल 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुई थी। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आखिरी गाना 2026 में रिलीज हुआ।

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इंंटरनेट डेस्क। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रही। उनका निधन रविवार को 92 साल की उम्र में निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आज 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसने का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

उन्हें कई मेडिकल समस्याएं होने के चलते शनिवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबरों के अनुसार, मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनकी निधन हुआ। आज हम आपको आशा भोसले से जुड़ी कुछ बातों के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो। आपको जानकर हैरानी होगी कि उनका सिंगिंग कॅरियर 82 साल का रहा है।

उन्होने अपने कॅरियर 9 फिल्फमेयर सहित 100 से अधिक अवॉर्ड जीते। क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसेले ने पहला गाना 10 साल की उम्र में गाया था। अपने कॅरियर में उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गानों में आवाज दी।

7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड जीते
आशो भोसले के प्रमुख गानेां में 'इन आंखों की मस्ती', 'दम मारो दम', 'पिया तू अब तो आजा' और 'चुरा लिया है तुमने' आज भी लोकप्रिय हैं। आशा भोसले के 9 फिल्मफेयर पुरस्कारों में से 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं। वह कुल 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुई थी। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आखिरी गाना 2026 में रिलीज हुआ।

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उन्होने अपने कॅरियर 9 फिल्फमेयर सहित 100 से अधिक अवॉर्ड जीते। क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसेले ने पहला गाना 10 साल की उम्र में गाया था। अपने कॅरियर में उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गानों में आवाज दी।

7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड जीते
आशो भोसले के प्रमुख गानेां में 'इन आंखों की मस्ती', 'दम मारो दम', 'पिया तू अब तो आजा' और 'चुरा लिया है तुमने' आज भी लोकप्रिय हैं। आशा भोसले के 9 फिल्मफेयर पुरस्कारों में से 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं। वह कुल 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुई थी। बॉलीवुड की इस दिग्गज सिंगर का आखिरी गाना 2026 में रिलीज हुआ।

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Deadspin | Twins pummel Garrett Crochet, Red Sox early and often <div id=""><section id="0" class=" w-full"><div class="xl:container mx-0 !px-4 py-0 pb-4 !mx-0 !px-0"><img src="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28722730.jpg" srcset="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28722730.jpg" alt="MLB: Boston Red Sox at Minnesota Twins" class="w-full" fetchpriority="high" loading="eager"/><span class="text-0.8 leading-tight">Apr 13, 2026; Minneapolis, Minnesota, USA; Minnesota Twins first baseman Victor Caratini (37) celebrates with catcher Ryan Jeffers (27) after hitting a home run against the Boston Red Sox in the second inning at Target Field. Mandatory Credit: Jesse Johnson-Imagn Images<!-- --> <!-- --> </span></div></section><section id="section-1"> <p>Ryan Jeffers went 3-for-4 with a homer and three RBIs, and the Minnesota Twins coasted to a 13-6 win over the Boston Red Sox on Monday night in Minneapolis.</p> </section><section id="section-2"> <p>Victor Caratini also homered and drove in three runs for the Twins, who won for the seventh time in their past eight games. Byron Buxton and Ryan Kreidler also homered.</p> </section><section id="section-3"> <p>Jarren Duran hit a two-run homer to lead Boston at the plate. Wilyer Abreu and Caleb Durbin each added two hits and one RBI.</p> </section><section id="section-4"> <p>Twins right-hander Bailey Ober (2-0) allowed four runs on seven hits in six innings. He fanned seven, walked one and hit a batter.</p> </section><section id="section-5"> <p>Red Sox ace Garrett Crochet (2-2) surrendered 11 runs (10 earned) on nine hits in 1 2/3 innings. He walked three and struck out none.</p> </section><section id="section-6"> <p>The Twins pounced on the southpaw for 11 runs in the first two innings.</p> </section><section id="section-7"> <p>Minnesota started its damage with a four-run first. Austin Martin hit a one-out double, advanced to third on a wild pitch and scored on Luke Keaschall’s double to left. Moments later, Jeffers singled to drive in Keaschall and make it 2-0.</p> </section><br/><section id="section-8"> <p>An error by Red Sox shortstop Trevor Story opened the door for the Twins to make it 4-0. Brooks Lee reached on an RBI infield single that scored Jeffers, and Story’s errant throw allowed Caratini to sprint home for another run.</p> </section> <section id="section-9"> <p>If the first inning was bad for Crochet, the second was even worse.</p> </section><section id="section-10"> <p>With two on and one out, Jeffers produced an RBI single, and Josh Bell delivered a two-run double in the next at-bat. Then Caratini belted a 423-foot, three-run homer to left to put the Twins ahead 10-0.</p> </section><section id="section-11"> <p>Kreidler added a solo homer that traveled 438 feet to left to make it 11-0. That marked the final pitch for Crochet, who was replaced by left-hander Jovani Moran.</p> </section><section id="section-12"> <p>Boston clawed back for three runs in the third. Durbin drove an RBI double to left, and Duran followed with a two-run shot for his first homer of the season.</p> </section><section id="section-13"> <p>Buxton and Jeffers each hit solo home runs in the fifth to make it 13-3.</p> </section><section id="section-14"> <p>Story drove in a run with an RBI single in the sixth and the Red Sox pulled within 13-6 in the seventh on back-to-back RBI singles by Andruw Monasterio and Wilyer Abreu.</p> </section><section id="section-15"> <p>–Field Level Media</p> </section></div> #Deadspin #Twins #pummel #Garrett #Crochet #Red #Sox #early

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AFC Champions League Elite expanded to 32 teams; new playoffs introduced for round of 16 <div id="content-body-70860296" itemprop="articleBody"><p>The AFC Asian Champions League Elite will expand from 24 to 32 teams from the upcoming season, the Asian Football Confederation (AFC) announced on Tuesday.</p><p>“Under the new structure, the competition will continue to be divided equally with 16 teams each in the East and West Regions,” the AFC said in a statement.</p><p>“This increase in scale is intended to provide opportunities for elite clubs to compete against the Continent’s best, while simultaneously incentivising higher standards of professionalism and performance within domestic leagues across Asia.”</p><p><i>More to follow.</i></p><p class="publish-time" id="end-of-article">Published on Apr 14, 2026</p></div> #AFC #Champions #League #Elite #expanded #teams #playoffs #introduced

इंटरनेट डेस्क। धुरंधर 2 की अपार सफलता के कारण बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह सुर्खियों में बने हुए हैं। अब इस अभिनेता को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि रणवीर सिंह अब एक अलग ही अवतार में नजर आने वाले हैं।

खबरों के अनुसार, रणवीर सिंह ने अपने प्रोडक्शन बैनर 'मां कसम फिल्म' के तहत अमिश त्रिपाठी की किताब 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' के राइट्स हासिल कर लिए हैं। इस ट्रिलॉजी में रणवीर सिंह भगवान शिव का रोल निभाने वाले हैं।

खबरों के अनुसार, इस पौराणिक गाथा को एक भव्य सिनेमाई ट्रिलॉजी के तौर पर बनाने के लिए बिड़ला स्टूडियोज के साथ साझेदारी की गई है। बताया जा रहा है कि 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' का फिल्मी वर्जन अभी राइटिंग स्टेज पर है। इसमें रणवीर सिंह भगवान शिव का किरदार निभाएंगे। हालांकि अभी तक फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन नहीं हुआ है। मेकर्स डायरेक्टर फाइनल करने से पहले स्क्रिप्ट तैयार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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Dhurandhar, Ranveer Singh, hindi news, Bollywood">धुरंधर के बाद अब देखने को मिलेगा Ranveer Singh का ये अवतार   इंटरनेट डेस्क। धुरंधर 2 की अपार सफलता के कारण बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह सुर्खियों में बने हुए हैं। अब इस अभिनेता को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि रणवीर सिंह अब एक अलग ही अवतार में नजर आने वाले हैं।

खबरों के अनुसार, रणवीर सिंह ने अपने प्रोडक्शन बैनर 'मां कसम फिल्म' के तहत अमिश त्रिपाठी की किताब 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' के राइट्स हासिल कर लिए हैं। इस ट्रिलॉजी में रणवीर सिंह भगवान शिव का रोल निभाने वाले हैं।

खबरों के अनुसार, इस पौराणिक गाथा को एक भव्य सिनेमाई ट्रिलॉजी के तौर पर बनाने के लिए बिड़ला स्टूडियोज के साथ साझेदारी की गई है। बताया जा रहा है कि 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' का फिल्मी वर्जन अभी राइटिंग स्टेज पर है। इसमें रणवीर सिंह भगवान शिव का किरदार निभाएंगे। हालांकि अभी तक फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन नहीं हुआ है। मेकर्स डायरेक्टर फाइनल करने से पहले स्क्रिप्ट तैयार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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Dhurandhar, Ranveer Singh, hindi news, Bollywood">धुरंधर के बाद अब देखने को मिलेगा Ranveer Singh का ये अवतार

धुरंधर के बाद अब देखने को मिलेगा Ranveer Singh का ये अवतार   इंटरनेट डेस्क। धुरंधर 2 की अपार सफलता के कारण बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह सुर्खियों में बने हुए हैं। अब इस अभिनेता को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि रणवीर सिंह अब एक अलग ही अवतार में नजर आने वाले हैं।

खबरों के अनुसार, रणवीर सिंह ने अपने प्रोडक्शन बैनर 'मां कसम फिल्म' के तहत अमिश त्रिपाठी की किताब 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' के राइट्स हासिल कर लिए हैं। इस ट्रिलॉजी में रणवीर सिंह भगवान शिव का रोल निभाने वाले हैं।

खबरों के अनुसार, इस पौराणिक गाथा को एक भव्य सिनेमाई ट्रिलॉजी के तौर पर बनाने के लिए बिड़ला स्टूडियोज के साथ साझेदारी की गई है। बताया जा रहा है कि 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' का फिल्मी वर्जन अभी राइटिंग स्टेज पर है। इसमें रणवीर सिंह भगवान शिव का किरदार निभाएंगे। हालांकि अभी तक फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन नहीं हुआ है। मेकर्स डायरेक्टर फाइनल करने से पहले स्क्रिप्ट तैयार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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खबरों के अनुसार, इस पौराणिक गाथा को एक भव्य सिनेमाई ट्रिलॉजी के तौर पर बनाने के लिए बिड़ला स्टूडियोज के साथ साझेदारी की गई है। बताया जा रहा है कि 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' का फिल्मी वर्जन अभी राइटिंग स्टेज पर है। इसमें रणवीर सिंह भगवान शिव का किरदार निभाएंगे। हालांकि अभी तक फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन नहीं हुआ है। मेकर्स डायरेक्टर फाइनल करने से पहले स्क्रिप्ट तैयार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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योगी सरकार का बड़ा प्लान, 7500 गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार
	
		
	उत्तर प्रदेश में कभी निराश्रित गोवंश, गो तस्करी और अवैध बूचड़खानों को लेकर चर्चा होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। योगी सरकार अब प्रदेश की लगभग 7,500 गो आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। योगी सरकार का लक्ष्य गोसंरक्षण को केवल धार्मिक या सांस्कृतिक भावना तक सीमित न रखकर उसे किसानों की आय, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार से जोड़ना है।

	 

	गोशालाएं बनेंगी प्रोडक्शन सेंटर

	गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के लगभग साढ़े सात हजार गो आश्रय स्थलों में इस समय साढ़े बारह लाख गोवंश संरक्षित हैं। योगी सरकार अब इन गोशालाओं को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। गोबर और गोमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देकर किसानों की खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। एक गाय से प्रतिदिन लगभग 5 लीटर गोमूत्र और 10 किलोग्राम गोबर प्राप्त होता है। यही संसाधन जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक और अन्य गो आधारित उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाएंगे। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।

	 

	प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित होगा

	योगी सरकार ने 2000 करोड़ रुपये गोसंरक्षण अभियान के लिए मंजूर किए हैं, जबकि वृहद गोसंरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 2100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रदेश में 155 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित किया जाए।

	 

	महिलाएं और एफपीओ बनेंगे गोसंरक्षण मिशन की ताकत

	मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी गोआश्रय स्थलों के संचालन से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार की योजना है कि हर जिले में चयनित महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर गोवंश की देखभाल, पोषण, जैविक खाद निर्माण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा दिया जाए। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा, गांवों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और गोसंरक्षण आंदोलन जनभागीदारी आधारित मॉडल के रूप में मजबूत होगा। योगी सरकार गोसेवा को ग्रामीण समृद्धि और महिला आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है।

	 

	डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता, पशुपालकों को सीधा लाभ

	मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक लगभग सवा लाख पशुपालकों को 1.80 लाख से ज्यादा गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गोवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में राशि भेज रही है। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगा है और पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

	 

	2017 के बाद बदले हालात, गोसंरक्षण के लिए सीएम योगी के नेतृत्व में सबसे ज्यादा काम

	उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में गो तस्करी की घटनाएं आम थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोसंरक्षण के क्षेत्र में जितना व्यापक और संगठित काम किया गया, उतना पहले कभी नहीं हुआ। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश गोसंरक्षण के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरा है।  Edited by : Sudhir Sharma

उत्तर प्रदेश में कभी निराश्रित गोवंश, गो तस्करी और अवैध बूचड़खानों को लेकर चर्चा होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। योगी सरकार अब प्रदेश की लगभग 7,500 गो आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। योगी सरकार का लक्ष्य गोसंरक्षण को केवल धार्मिक या सांस्कृतिक भावना तक सीमित न रखकर उसे किसानों की आय, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार से जोड़ना है।

 

गोशालाएं बनेंगी प्रोडक्शन सेंटर

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के लगभग साढ़े सात हजार गो आश्रय स्थलों में इस समय साढ़े बारह लाख गोवंश संरक्षित हैं। योगी सरकार अब इन गोशालाओं को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। गोबर और गोमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देकर किसानों की खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। एक गाय से प्रतिदिन लगभग 5 लीटर गोमूत्र और 10 किलोग्राम गोबर प्राप्त होता है। यही संसाधन जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक और अन्य गो आधारित उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाएंगे। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।

 

प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित होगा

योगी सरकार ने 2000 करोड़ रुपये गोसंरक्षण अभियान के लिए मंजूर किए हैं, जबकि वृहद गोसंरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 2100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रदेश में 155 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित किया जाए।

 

महिलाएं और एफपीओ बनेंगे गोसंरक्षण मिशन की ताकत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी गोआश्रय स्थलों के संचालन से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार की योजना है कि हर जिले में चयनित महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर गोवंश की देखभाल, पोषण, जैविक खाद निर्माण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा दिया जाए। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा, गांवों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और गोसंरक्षण आंदोलन जनभागीदारी आधारित मॉडल के रूप में मजबूत होगा। योगी सरकार गोसेवा को ग्रामीण समृद्धि और महिला आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 

डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता, पशुपालकों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक लगभग सवा लाख पशुपालकों को 1.80 लाख से ज्यादा गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गोवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में राशि भेज रही है। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगा है और पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

 

2017 के बाद बदले हालात, गोसंरक्षण के लिए सीएम योगी के नेतृत्व में सबसे ज्यादा काम

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में गो तस्करी की घटनाएं आम थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोसंरक्षण के क्षेत्र में जितना व्यापक और संगठित काम किया गया, उतना पहले कभी नहीं हुआ। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश गोसंरक्षण के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरा है।  Edited by : Sudhir Sharma

">योगी सरकार का बड़ा प्लान, 7500 गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार
	
		
	उत्तर प्रदेश में कभी निराश्रित गोवंश, गो तस्करी और अवैध बूचड़खानों को लेकर चर्चा होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। योगी सरकार अब प्रदेश की लगभग 7,500 गो आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। योगी सरकार का लक्ष्य गोसंरक्षण को केवल धार्मिक या सांस्कृतिक भावना तक सीमित न रखकर उसे किसानों की आय, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार से जोड़ना है।

	 

	गोशालाएं बनेंगी प्रोडक्शन सेंटर

	गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के लगभग साढ़े सात हजार गो आश्रय स्थलों में इस समय साढ़े बारह लाख गोवंश संरक्षित हैं। योगी सरकार अब इन गोशालाओं को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। गोबर और गोमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देकर किसानों की खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। एक गाय से प्रतिदिन लगभग 5 लीटर गोमूत्र और 10 किलोग्राम गोबर प्राप्त होता है। यही संसाधन जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक और अन्य गो आधारित उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाएंगे। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।

	 

	प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित होगा

	योगी सरकार ने 2000 करोड़ रुपये गोसंरक्षण अभियान के लिए मंजूर किए हैं, जबकि वृहद गोसंरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 2100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रदेश में 155 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित किया जाए।

	 

	महिलाएं और एफपीओ बनेंगे गोसंरक्षण मिशन की ताकत

	मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी गोआश्रय स्थलों के संचालन से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार की योजना है कि हर जिले में चयनित महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर गोवंश की देखभाल, पोषण, जैविक खाद निर्माण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा दिया जाए। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा, गांवों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और गोसंरक्षण आंदोलन जनभागीदारी आधारित मॉडल के रूप में मजबूत होगा। योगी सरकार गोसेवा को ग्रामीण समृद्धि और महिला आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है।

	 

	डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता, पशुपालकों को सीधा लाभ

	मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक लगभग सवा लाख पशुपालकों को 1.80 लाख से ज्यादा गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गोवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में राशि भेज रही है। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगा है और पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

	 

	2017 के बाद बदले हालात, गोसंरक्षण के लिए सीएम योगी के नेतृत्व में सबसे ज्यादा काम

	उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में गो तस्करी की घटनाएं आम थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोसंरक्षण के क्षेत्र में जितना व्यापक और संगठित काम किया गया, उतना पहले कभी नहीं हुआ। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश गोसंरक्षण के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरा है।  Edited by : Sudhir Sharma

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