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यादों में बालासुब्रमण्यमः जिनकी आवाज के लिए एमजीआर ने रोक दी थी फिल्म की रिकॉर्डिंग15 दिसंबर 1966 को तेलुगु फिल्म ‘श्री श्री श्री मर्यादा रमन्ना’ के गीत ‘एमिये विंत मोहम’ से करियर की शुरुआत करने वाले एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने संगीत की कोई औपचारिक शास्त्रीय शिक्षा नहीं ली थी। इसके बावजूद, जब वर्ष 1980 में निर्देशक के. विश्वनाथ ने विशुद्ध कर्नाटक संगीत पर आधारित फिल्म ‘शंकराभरणम’ के गीतों को गाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी, तो शास्त्रीय संगीत के दिग्गजों को संशय था। लेकिन संगीतकार के. वी. महादेवन के निर्देशन में एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने ‘ओंकारा नाधानु’ जैसी अत्यंत जटिल बंदिशों को अपने सुगम संगीत के माधुर्य के साथ ऐसा गाया कि उन्हें अपना पहला सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का ‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’ मिला।वर्ष 1981 में जब एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने के. बालचंदर की फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा, इस फिल्म के गाने ‘तेरे मेरे बीच में, कैसा है ये बंधन अंजाना’ ने उन्हें दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। इसके बाद, बालु बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की परदे पर गूंजने वाली आधिकारिक आवाज बन गए। ‘मैंने प्यार किया’ (1989) का ‘दिल दीवाना’ हो या ‘हम आपके हैं कौन…’ (1994) में लता मंगेशकर के साथ गाया गया कालजयी गीत ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’।SP Balasubrahmanyam,S. P. Balasubrahmanyam,Film Singer,Bollywood Singer

यादों में बालासुब्रमण्यमः जिनकी आवाज के लिए एमजीआर ने रोक दी थी फिल्म की रिकॉर्डिंग

15 दिसंबर 1966 को तेलुगु फिल्म ‘श्री श्री श्री मर्यादा रमन्ना’ के गीत ‘एमिये विंत मोहम’ से करियर की शुरुआत करने वाले एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने संगीत की कोई औपचारिक शास्त्रीय शिक्षा नहीं ली थी। इसके बावजूद, जब वर्ष 1980 में निर्देशक के. विश्वनाथ ने विशुद्ध कर्नाटक संगीत पर आधारित फिल्म ‘शंकराभरणम’ के गीतों को गाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी, तो शास्त्रीय संगीत के दिग्गजों को संशय था। लेकिन संगीतकार के. वी. महादेवन के निर्देशन में एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने ‘ओंकारा नाधानु’ जैसी अत्यंत जटिल बंदिशों को अपने सुगम संगीत के माधुर्य के साथ ऐसा गाया कि उन्हें अपना पहला सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का ‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’ मिला।

वर्ष 1981 में जब एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने के. बालचंदर की फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा, इस फिल्म के गाने ‘तेरे मेरे बीच में, कैसा है ये बंधन अंजाना’ ने उन्हें दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। इसके बाद, बालु बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की परदे पर गूंजने वाली आधिकारिक आवाज बन गए। ‘मैंने प्यार किया’ (1989) का ‘दिल दीवाना’ हो या ‘हम आपके हैं कौन…’ (1994) में लता मंगेशकर के साथ गाया गया कालजयी गीत ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’।

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15 दिसंबर 1966 को तेलुगु फिल्म ‘श्री श्री श्री मर्यादा रमन्ना’ के गीत ‘एमिये विंत मोहम’ से करियर की शुरुआत करने वाले एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने संगीत की कोई औपचारिक शास्त्रीय शिक्षा नहीं ली थी। इसके बावजूद, जब वर्ष 1980 में निर्देशक के. विश्वनाथ ने विशुद्ध कर्नाटक संगीत पर आधारित फिल्म ‘शंकराभरणम’ के गीतों को गाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी, तो शास्त्रीय संगीत के दिग्गजों को संशय था। लेकिन संगीतकार के. वी. महादेवन के निर्देशन में एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने ‘ओंकारा नाधानु’ जैसी अत्यंत जटिल बंदिशों को अपने सुगम संगीत के माधुर्य के साथ ऐसा गाया कि उन्हें अपना पहला सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का ‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’ मिला।

वर्ष 1981 में जब एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने के. बालचंदर की फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा, इस फिल्म के गाने ‘तेरे मेरे बीच में, कैसा है ये बंधन अंजाना’ ने उन्हें दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। इसके बाद, बालु बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की परदे पर गूंजने वाली आधिकारिक आवाज बन गए। ‘मैंने प्यार किया’ (1989) का ‘दिल दीवाना’ हो या ‘हम आपके हैं कौन…’ (1994) में लता मंगेशकर के साथ गाया गया कालजयी गीत ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’।

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