29 साल की बेटी की शादी करने के बाद खुद तीसरी शादी कर रहे आमिर खान, टॉप एक्ट्रेस बोली- अच्छा ट्रेंड
Aamir Khan Third Marriage: अभिनेता आमिर खान के अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को निजी समारोह में विवाह करने की खबरों के बीच अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में दोबारा प्रेम को अपनाने की हिम्मत बेहद अच्छी बात है।
शानदार ट्रेंड पेश किया
सुचित्रा ने कहा कि आमिर ने अपने दिल को फिर से प्यार के लिए खोलकर एक अच्छा ट्रेंड पेश किया है। उनके अनुसार, किसी नए रिश्ते को स्वीकार करना और उसे आगे बढ़ाना लाइफ में काफी स्पेशल होता है। उन्होंने आमिर और गौरी के हैपी मैरिड लाइफ की कामना भी की।
दोबारा नहीं की शादी
अपनी पर्सनल लाइफ के अनुभव को शेयर करते हुए सुचित्रा ने शादी और रिश्तों को लेकर अपने विचार भी रखे। उन्होंने बताया कि तलाक के बाद उन्होंने दोबारा शादी नहीं करने का फैसला किया, क्योंकि उनका मानना है कि किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए मेंटल पीस और बैलेस लाइफ जरूरी होती है।
सिंगल रहने का कारण
सुचित्रा ने कहा कि लोग अक्सर उनसे सिंगल रहने का कारण पूछते हैं, लेकिन उनका जवाब यही होता है कि उन्होंने अपनी क्रिएटिविटी को ही अपना लाइफ पार्टनर बना लिया है। उनके मुताबिक, आर्ट की दुनिया कई बार चैलेंजेज से भरी होती है, जिसे हर कोई आसानी से एक्सेप्ट नहीं कर पाता।
कब लेना चाहिए शादी का फैसला
शादी पर अपने विचार रखते हुए अभिनेत्री ने कहा कि आज के दौर में शादी कोई जरूरी नहीं, बल्कि पर्सनल च्वाइस का विषय है। उनका मानना है कि विवाह का निर्णय तभी लेना चाहिए जब दोनों व्यक्ति एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ रहने के लिए पूरी तरह तैयार हों।
परिवार को समझना जरूरी
उन्होंने यह भी कहा कि किसी रिश्ते को आगे बढ़ाने से पहले केवल साथी ही नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी समझना महत्वपूर्ण है। कई बार पारिवारिक मतभेद और बाहरी दबाव मैरिड लाइफ में तनाव का कारण बन जाते हैं। गौरतलब है कि सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने वर्ष 1999 में फिल्मकार शेखर कपूर से शादी की थी। दोनों का रिश्ता 2007 में खत्म हो गया। उनकी एक बेटी कावेरी कपूर भी है।
Aamir Khan Third Marriage: अभिनेता आमिर खान के अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को निजी समारोह में विवाह करने की खबरों के बीच अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में दोबारा प्रेम को अपनाने की हिम्मत बेहद अच्छी बात है।
शानदार ट्रेंड पेश किया
सुचित्रा ने कहा कि आमिर ने अपने दिल को फिर से प्यार के लिए खोलकर एक अच्छा ट्रेंड पेश किया है। उनके अनुसार, किसी नए रिश्ते को स्वीकार करना और उसे आगे बढ़ाना लाइफ में काफी स्पेशल होता है। उन्होंने आमिर और गौरी के हैपी मैरिड लाइफ की कामना भी की।
दोबारा नहीं की शादी
अपनी पर्सनल लाइफ के अनुभव को शेयर करते हुए सुचित्रा ने शादी और रिश्तों को लेकर अपने विचार भी रखे। उन्होंने बताया कि तलाक के बाद उन्होंने दोबारा शादी नहीं करने का फैसला किया, क्योंकि उनका मानना है कि किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए मेंटल पीस और बैलेस लाइफ जरूरी होती है।
सिंगल रहने का कारण
सुचित्रा ने कहा कि लोग अक्सर उनसे सिंगल रहने का कारण पूछते हैं, लेकिन उनका जवाब यही होता है कि उन्होंने अपनी क्रिएटिविटी को ही अपना लाइफ पार्टनर बना लिया है। उनके मुताबिक, आर्ट की दुनिया कई बार चैलेंजेज से भरी होती है, जिसे हर कोई आसानी से एक्सेप्ट नहीं कर पाता।
कब लेना चाहिए शादी का फैसला
शादी पर अपने विचार रखते हुए अभिनेत्री ने कहा कि आज के दौर में शादी कोई जरूरी नहीं, बल्कि पर्सनल च्वाइस का विषय है। उनका मानना है कि विवाह का निर्णय तभी लेना चाहिए जब दोनों व्यक्ति एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ रहने के लिए पूरी तरह तैयार हों।
परिवार को समझना जरूरी
उन्होंने यह भी कहा कि किसी रिश्ते को आगे बढ़ाने से पहले केवल साथी ही नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी समझना महत्वपूर्ण है। कई बार पारिवारिक मतभेद और बाहरी दबाव मैरिड लाइफ में तनाव का कारण बन जाते हैं। गौरतलब है कि सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने वर्ष 1999 में फिल्मकार शेखर कपूर से शादी की थी। दोनों का रिश्ता 2007 में खत्म हो गया। उनकी एक बेटी कावेरी कपूर भी है।
इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।
अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।
अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
pc- ndtv
Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder">Alka Yagnik: व्हीलचेयर पर नजर आई अलका याग्निक, दिख रही कमजोर सी भी… फैंस सेहत को लेकर परेशान
इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।
अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
पासपोर्ट
मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
स्कूल रिकॉर्ड
माता-पिता के दस्तावेज
नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
जन्म प्रमाण पत्र
पासपोर्ट
आधार कार्ड
वोटर आईडी
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma
क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
पासपोर्ट
मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
स्कूल रिकॉर्ड
माता-पिता के दस्तावेज
नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
जन्म प्रमाण पत्र
पासपोर्ट
आधार कार्ड
वोटर आईडी
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma
">Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
आखिर सरकार ने क्या कहा?
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
पासपोर्ट
मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
स्कूल रिकॉर्ड
माता-पिता के दस्तावेज
नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
जन्म प्रमाण पत्र
पासपोर्ट
आधार कार्ड
वोटर आईडी
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma
Post Comment