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Explainer: भारत का सबसे बड़ा ईंधन सप्लायर खुद क्यों तेल आयात पर निर्भर हुआ, यूक्रेन युद्ध से कितना नुकसान?

Explainer: भारत का सबसे बड़ा ईंधन सप्लायर खुद क्यों तेल आयात पर निर्भर हुआ, यूक्रेन युद्ध से कितना नुकसान?

रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक हुआ नुकसान।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू हुए अब चार साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इस जंग में अब तक रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों पर कब्जा भी कर लिया है। हालांकि, जैसे-जैसे युद्ध के दिन बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे रूस की कब्जे वाले इलाकों में नियंत्रण छूटने की बातें भी सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं रूस को सैनिकों और जरूरी आपूर्तियों का भीषण नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। 




हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस की रिफाइनरियों पर हुए यूक्रेन के हमलों ने मॉस्को को भारी नुकसान पहुंचाया और ऊर्जा जरूरतों के लिए उसे निर्भर बना दिया है। स्थिति इतनी खराब है कि रूस को भारत की एक निजी रिफाइनरी- नायरा एनर्जी से तेल आयात कराना पड़ रहा है। इतना ही नहीं एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस को अपने सैनिकों के स्तर पर भी काफी नुकसान हुआ है और उसके करीब चार गुना जवान इस युद्ध में मारे जा चुके हैं। 

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किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा यूपी, लक्ष्य का 82.69 फीसदी कार्य हुआ पूरा<div style="text-align: justify;"><p><strong>– योगी सरकार ने गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया पूर्ण</strong></p> <p> <strong>– फार्मर रजिस्ट्री में 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 82.69% कार्य पूरा</strong></p><p> <strong>– योगी सरकार ने तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए बढ़ाई रफ्तार</strong></p> <p> <strong>Uttar Pradesh news : </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।</p> <!-- desktop in between article start --> <!-- desktop in between article end --> <p>    <br/> प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2, 38,72,418 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।</p> <div> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/uttar-pradesh/yogi-government-s-major-campaign-for-schools-126070500001_1.html" target="_blank">योगी सरकार का बड़ा अभियान, विद्यालयों में होगा सर्वांगीण विकास कार्यक्रम, डिजिटल शिक्षा पर रहेगा जोर</a></strong>   <br/> योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 90 दिनों यानी 26 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है।</div> <p>    <br/> प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।</p> <div> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/uttar-pradesh/yogi-govt-free-ias-pcs-coaching-exam-126070400061_1.html" target="_blank">योगी सरकार की मुफ्त आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना बनी युवाओं की उम्मीद</a></strong> <br/> विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।</div> <p>  <br/> योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।</p> <!----><!-- /1031084/Webdunia_Innovations_OOP --><!--<div id='div-gpt-ad-1536932236416-0'></div>--> </div>Digital identity of farmers in Uttar Pradesh, farmers, digital agriculture system in Uttar Pradesh, Chief Minister Yogi Adityanath, Government of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath, Yogi government, Uttar Pradesh news उत्‍तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान, किसान, डिजिटल कृषि व्यवस्था उत्‍तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्‍तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ, योगी सरकार, उत्‍तर प्रदेश समाचार

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