Cannes: फेयरी लुक में उर्वशी रौतेला ने बिखेरा जादू, कान फेस्टिवल में की शिरकत; देखें अभिनेत्री का खास अंदाज Amar Ujala
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एक्टर प्रियंका चोपड़ा उन चुनिंदा भारतीय एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों जगह कामयाबी हासिल की है। अपने हिंदी फिल्मी करियर के पीक पर वह इंटरनेशनल मौकों की तलाश में अमेरिका चली गईं। हालांकि, कई ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में काम करने के बावजूद प्रियंका को लगता है कि हॉलीवुड में उनका काम भारतीय सिनेमा में किए गए उनके काम के मुकाबले कम ही है।
हॉलीवुड में अभी बेस्ट काम आना बाकी
कान लायंस सम्मेलन में बोलते हुए प्रियंका ने हॉलीवुड में अपने करियर पर नजर डाली और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के साथ इसे और आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। ‘बेवॉच’, ‘द मैट्रिक्स रेजरेक्शन्स’ और हाल ही में रिलीज हुई ‘द ब्लफ’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में शानदार अभिनय के बावजूद प्रियंका ने कहा कि उन्हें लगता है कि हॉलीवुड में उनका बेस्ट काम अभी आना बाकी है।
एक्ट्रेस ने कहा कि अपने हिंदी भाषा के करियर में मैंने सभी बेहतरीन फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ काम किया है, मैंने अद्भुत कहानियां सुनाई हैं और अलग-अलग जॉनर में काम किया है। जबकि अमेरिका में हॉलीवुड में अपने अंग्रेजी भाषा के काम में मैंने ऐसा उतना नहीं किया है।
इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।
अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
pc- ndtv
Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder">
इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।
अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
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Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder">Alka Yagnik: व्हीलचेयर पर नजर आई अलका याग्निक, दिख रही कमजोर सी भी… फैंस सेहत को लेकर परेशान
इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।
अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
pc- ndtv
Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder

आखिर सरकार ने क्या कहा?
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी
क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- पासपोर्ट
- मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
- स्कूल रिकॉर्ड
- माता-पिता के दस्तावेज
- नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
-
निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना
PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?
PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।
राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
- जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
आखिर सरकार ने क्या कहा?
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
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क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
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जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
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पासपोर्ट
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मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
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स्कूल रिकॉर्ड
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माता-पिता के दस्तावेज
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नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
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निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
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PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?
PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।
राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
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जन्म प्रमाण पत्र
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पासपोर्ट
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आधार कार्ड
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वोटर आईडी
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शैक्षणिक प्रमाण पत्र
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परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma
">Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
आखिर सरकार ने क्या कहा?
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
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क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
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जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
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पासपोर्ट
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मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
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स्कूल रिकॉर्ड
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माता-पिता के दस्तावेज
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नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
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निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
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PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?
PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।
राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
-
जन्म प्रमाण पत्र
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पासपोर्ट
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आधार कार्ड
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वोटर आईडी
-
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
-
परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma
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