Mother’s Day 2026: इन बॉलीवुड एक्ट्रेस ने मां बनने के बाद बना ली इंडस्ट्री से दूरी, बनीं फुल… TV9 Bharatvarsh
Source link
#Google #News
Related Posts
हाल ही में आलिया भट्ट राजस्थान की एक यूनिवर्सिटी में पहुंचीं। अपनी फिल्म का प्रमोशन वह कॉलेज के बच्चों के बीच कर रही थीं। इस बीच कुछ कॉलेज स्टूडेंट्स ने उन्हें मजेदार सवाल पूछे। वहीं किसी ने बीच ही टोक दिया और अटपटा सा जवाब दिया। इस पर आलिया भट्ट ने जो जवाब दिया, वह अब वायरल हो रहा है। जानिए, ऐसा क्या जवाब आलिया भट्ट ने टोकने वाले कॉलेज स्टूडेंट को दिया। यह वीडियो देखकर कई यूजर्स का कहना है कि आलिया भट्ट पर स्टैंडअप कॉमेडी समय रैना का असर पड़ने लगा है, वह भी मुंहफट बन चुकी हैं।
आलिया भट्ट ने क्या जवाब दिया था?
वायरल वीडियो में आलिया भट्ट से एक कॉलेज स्टूडेंट ने पूछा, ‘आप इंडियाज गॉट लेटेंट जैसे अनफिल्टर्ड शो में हिस्सा लेने के लिए कैसे तैयार हो गईं?’ आलिया इस सवाल का जवाब देतीं, इससे पहले ही एक कॉलेज स्टूडेंट ने कहा, ‘पैसा।’ इस आलिया ने कहा, ‘किसने बोला ये, किसी गरीब आदमी ने।’ इस बात सुनकर हॉल में मौजूद सभी स्टूडेंट्स हंसने लगे, आलिया के जवाब पर तालियां बजाने लगे।
बता दें कि यही डायलॉग स्टैंडअप कॉमेडी समय रैना ने अपने शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में कहा था। जब यह बात उन्होंने कही थी तो आलिया शो में बतौर गेस्ट मौजूद थीं।
View this post on Instagram
इंटरनेट डेस्क। इन दिनों अक्षय कुमार स्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। इस फिल्म मेें बड़ी स्टारकास्ट मौजूद है। जब इस फिल्म का ऐलान हुआ तो इसमे संजय दत्त भी थे और उन्होंने इसकी शूटिंग भी की लेकिन बाद में उन्होंने फिल्म को छोड़ दिया। अब इस मामले को लेकर वेलकम टू द जंगल के निर्देशक अहमद खान ने बड़ा खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि साल 2023 में पहली बार वेलकम टू द जंगल का एलान किया गया था। इसको लेकर मेकर्स की तरफ से एक स्पेशल अनाउंसमेंट वीडियो भी रिलीज किया गया था, जिसमें अक्षय कुमार सहित फिल्म की अन्य स्टार कास्ट भी शामिल रही। इसके बाद मूवीज का फर्स्ट लुक पोस्टर भी मेकर्स ने पेश किया था। जिनमें संजय दत्त की झलक भी देखने को मिली थी।
डायरेक्टर ने बताया कि हमारी फिल्म बीच-बीच में काफी डिले भी हुए और इसी कारण उन्हें डेट के मुश्किलें आने लगीं। उन्हें अपने इलाज के लिए अमेरिका जाना था और अन्य स्टार कास्ट की वजह से उनकी डेट्स मैच नहीं हो सकी, इस वजह से वह हमारी फिल्म की फाइनल कास्ट में नहीं शामिल हो सके।
pc-indianexpress.com
welcome to the jungle, welcome to the jungle cast, sanjay dutt, akshay kumar">
इंटरनेट डेस्क। इन दिनों अक्षय कुमार स्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। इस फिल्म मेें बड़ी स्टारकास्ट मौजूद है। जब इस फिल्म का ऐलान हुआ तो इसमे संजय दत्त भी थे और उन्होंने इसकी शूटिंग भी की लेकिन बाद में उन्होंने फिल्म को छोड़ दिया। अब इस मामले को लेकर वेलकम टू द जंगल के निर्देशक अहमद खान ने बड़ा खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि साल 2023 में पहली बार वेलकम टू द जंगल का एलान किया गया था। इसको लेकर मेकर्स की तरफ से एक स्पेशल अनाउंसमेंट वीडियो भी रिलीज किया गया था, जिसमें अक्षय कुमार सहित फिल्म की अन्य स्टार कास्ट भी शामिल रही। इसके बाद मूवीज का फर्स्ट लुक पोस्टर भी मेकर्स ने पेश किया था। जिनमें संजय दत्त की झलक भी देखने को मिली थी।
डायरेक्टर ने बताया कि हमारी फिल्म बीच-बीच में काफी डिले भी हुए और इसी कारण उन्हें डेट के मुश्किलें आने लगीं। उन्हें अपने इलाज के लिए अमेरिका जाना था और अन्य स्टार कास्ट की वजह से उनकी डेट्स मैच नहीं हो सकी, इस वजह से वह हमारी फिल्म की फाइनल कास्ट में नहीं शामिल हो सके।
pc-indianexpress.com
welcome to the jungle, welcome to the jungle cast, sanjay dutt, akshay kumar">Welcome to the Jungle: संजय दत्त ने क्यों छोड़ी थी ‘वेलकम टू द जंगल’ डायरेक्टर ने किया खुलासा
इंटरनेट डेस्क। इन दिनों अक्षय कुमार स्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। इस फिल्म मेें बड़ी स्टारकास्ट मौजूद है। जब इस फिल्म का ऐलान हुआ तो इसमे संजय दत्त भी थे और उन्होंने इसकी शूटिंग भी की लेकिन बाद में उन्होंने फिल्म को छोड़ दिया। अब इस मामले को लेकर वेलकम टू द जंगल के निर्देशक अहमद खान ने बड़ा खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि साल 2023 में पहली बार वेलकम टू द जंगल का एलान किया गया था। इसको लेकर मेकर्स की तरफ से एक स्पेशल अनाउंसमेंट वीडियो भी रिलीज किया गया था, जिसमें अक्षय कुमार सहित फिल्म की अन्य स्टार कास्ट भी शामिल रही। इसके बाद मूवीज का फर्स्ट लुक पोस्टर भी मेकर्स ने पेश किया था। जिनमें संजय दत्त की झलक भी देखने को मिली थी।
डायरेक्टर ने बताया कि हमारी फिल्म बीच-बीच में काफी डिले भी हुए और इसी कारण उन्हें डेट के मुश्किलें आने लगीं। उन्हें अपने इलाज के लिए अमेरिका जाना था और अन्य स्टार कास्ट की वजह से उनकी डेट्स मैच नहीं हो सकी, इस वजह से वह हमारी फिल्म की फाइनल कास्ट में नहीं शामिल हो सके।
pc-indianexpress.com
welcome to the jungle, welcome to the jungle cast, sanjay dutt, akshay kumar

मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।
'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं
राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।
मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट
अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।
">

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता राघव चड्ढा मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। अदालत ने सोशल मीडिया से 5 मानहानिकारक पोस्ट हटाने के आदेश दिया। बाकी कंटेंट हटाने की मांग खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मजाक को बर्दाश्त करना चाहिए। व्यंग्यात्मक आलोचना का मतलब हमेशा मानहानि नहीं होता। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….
मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।
'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं
राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।
मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट
अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।
">"नेताओं को राजनीतिक मजाक बर्दाश्त करना चाहिए": राघव चड्ढा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता राघव चड्ढा मामले में बुधवार को बड़ा फैसला किया। अदालत ने सोशल मीडिया से 5 मानहानिकारक पोस्ट हटाने के आदेश दिया। बाकी कंटेंट हटाने की मांग खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मजाक को बर्दाश्त करना चाहिए। व्यंग्यात्मक आलोचना का मतलब हमेशा मानहानि नहीं होता। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….
मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन, कामकाज या नीतियों में बदलाव को लेकर मजाक राजनीति का एक अहम हिस्सा है। किसी भी पार्टी के नेता के किसी भी काम पर जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की तरफ से आलोचना हो सकती है। कभी-कभी यह आलोचना व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में भी सामने आ सकती है।
'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला नहीं
राघव चड्ढा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पैसे के लिए खुद को बेचने के आरोप वाले कंटेंट को हटाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और प्राइवेसी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।
मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राघव चड्ढा के खिलाफ पोस्ट किए गए 5 मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उनके केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का कोई मामला शामिल नहीं है। ALSO READ: एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट
अंतरिम अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विवादित पोस्ट में चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक फैसले की आलोचना थी और मानहानि और आलोचना के बीच की रेखा बहुत बारीक है।


Post Comment