इंदौर में जलसंकट के कारण अब अन्य काम भी प्रभावित होने लगे हैं। नगर निगम ने शहर के सर्विस स्टेशनों पर वाहनों की धुलाई पर रोक लगा दी है। इसके अलावा निर्माण कार्यों में भी बोरिंग के पानी के उपयोग पर सख्ती बरती जा रही है। नगर निगम ने शहर में चल रहे 20 बड़े निर्माण प्रोजेक्टों का काम रोक दिया है, क्योंकि वहां बोरिंग के पानी से निर्माण कार्य में तराई की जा रही थी। अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदारों और भवन निर्माताओं को निर्माण कार्य में ट्रीटेड पानी के उपयोग के निर्देश दिए हैं।
निगमायुक्त ने सभी जोन के भवन अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे फील्ड में जाकर जांच करें कि निर्माण कार्यों में किस प्रकार के पानी का उपयोग हो रहा है। जांच के दौरान 20 स्थानों पर बोरिंग के पानी का उपयोग करते हुए ठेकेदार और भवन निर्माता पाए गए। इसके बाद उन सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई।
शहर में अब तक 30 प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिन्होंने निर्धारित शुल्क जमा कर निर्माण कार्यों में ट्रीटेड पानी का उपयोग शुरू कर दिया है। इंदौर में 20 से अधिक स्थानों पर ट्रीटेड पानी के हाइड्रेंट बनाए गए हैं। मेघदूत गार्डन के पास ट्रीटेड पानी की एक टंकी भी बनाई गई है, जहां से गार्डन में पौधों को पानी की सप्लाई की जाती है।
हालांकि, शहर के कई गार्डनों में अब भी पानी की टंकियों के माध्यम से नर्मदा जल का उपयोग किया जा रहा है। एक ओर बिल्डरों और सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग तथा नर्मदा के पानी के उपयोग पर रोक लगाई गई है, वहीं दूसरी ओर कई बगीचों में अभी भी नर्मदा जल का इस्तेमाल जारी है।
Source link
#Indore #जलसकट #क #करण #नगम #न #बस #नरमण #परजकट #करए #बद #ह #रह #थ #बरग #क #इसतमल



Post Comment