मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर समेत चार शहरों में स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है।
HighLights
- इंदौर में बनेगा स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट
- मुख्यमंत्री ने चार शहरों के लिए घोषणा की
- लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से इंदौर सहित चार शहरों में नए स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट (MP Fast Track Court) के गठन की घोषणा के बाद न्यायिक व्यवस्था को लेकर नई उम्मीद जगी है। वर्तमान में इंदौर में एक भी स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट संचालित नहीं है। ऐसे में इस पहल से लंबित मामलों के जल्द निपटारे का रास्ता आसान होने की संभावना है।
शिक्षा और रोजगार मामलों को मिलेगी गति
इंदौर जिला न्यायालय में फिलहाल 82 कोर्ट संचालित हैं। दुष्कर्म और पाक्सो जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई कई बार फास्ट-ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर की जाती रही है, लेकिन शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के लिए अलग से फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसे प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहते हैं।
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वर्षों से महसूस हो रही थी जरूरत
स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग लंबे समय से महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उम्मीद है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के साथ अन्य लंबित प्रकरणों का भी तेजी से निराकरण हो सकेगा। फिलहाल इंदौर में एक भी स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं है, इसलिए नई व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री के इंदौर में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा के बाद मामलों की त्वरित सुनवाई संभव हो सकेगी। पक्षकारों को राहत मिलेगी।
– अभिजीत सिंह राठौर, लोक अभियोजक, इंदौर
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